Monday, February 27, 2017

औषधि दिलाएगी मोटापा से यूं छुटकारा

  health tips
पेट पर जमी चर्बी को कम करने में अदरक काफी प्रभावी होती है। आयुर्वेद कहता है कि अगर मोटापा कम करना है तो ताजी अदरक की जड़ या उसका पानी पियें। इसको बात को तो रिसर्च में भी प्रूफ कर दिया गया है। हमारे घरों में चाय में अदरक और खाने में अदरक का काफी ज्‍यादा प्रयोग होता है। यह बड़ी ही गुणकारी होती है लेकिन क्‍या आपको पता है कि इससे मोटापा भी कंट्रोल किया जा सकता है।  पेट पर जमी चर्बी को कम करने में अदरक काफी प्रभावी होती है। आयुर्वेद कहता है कि अगर मोटापा कम करना है तो ताजी अदरक की जड़ या उसका पानी पियें। इसको बात को तो रिसर्च में भी प्रूफ कर दिया गया है। अदरक में लेप्‍टिन होता है जो पेट को भरे रहने का एहसास करवाता है। इसके अलावा यह आपका भोजन भी ठीक से हजम करने में मदद करता है।बैली फैट को कैसे कम करता है अदरक भूख से ज्‍यादा खाना, हार्मोनल चेंज या कम एनर्जी की वजह से पेट में चर्बी बढ़ती है। इससे हमारा इम्‍यून सिस्‍टम और मैटाबॉलिज्‍म भी बिगड़ जाता है, लेकिन अदरक इन सभी चीज़ों को ठीक करती है और कोर्टिसोल के प्रोडक्‍शन को कम करता है। कोर्टिसोल की वजह से वेट बढ़ता है। कैसे करें अदरक का प्रयोग खाना खाने के पहले अदरक की जड़ की पतली स्‍लाइस को मुंह में रख कर खाइये। इससे आपका मेटाबॉलिज्‍म और पाचन क्रिया बढेगी, जिससे कोर्टिसोल का प्रोडक्‍शन कम होगा और एनर्जी आएगी। अदरक की चाय पिएं आप चाहें तो अदरक और नींबू की चाय पियें, इससे भी काफी वजन कम हेाता है। अदरक के और भी गुण अदरक ना केवल मोटापा कम करती है बल्‍कि शरीर की सूजन, उल्‍टी और कैंसर की सेल्‍स को भी मारती है। आप अदरक की जड़ को फ्रिज में रख कर तीन हफ्तों तक यूज़ कर सकते हैं। अदरक खाएं मगर सावधानी से अदरक बहुत से लोंगो को फायदा पहुंचाती है लेकिन जरुरी नहीं कि यह सभी को उतना ही फायदा पहुंचाए। अगर इसे किसी दवाई के साथ साथ खाया गया तो यह नुकसान भी पहुंचा सकती है।


Thursday, February 23, 2017

Gharelu Health tips


*"प्राचीन स्वास्थ्य दोहावली"*

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!


*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!


*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!


*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!


*ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!*
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!


*भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!*
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!


*प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!*
सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!


*प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!* तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!


*भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!*
डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!


*घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!*
एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!


*अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!*
पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!


*रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!*
सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!


*सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!*
भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुरेश!!


*देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!*
अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^


*दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट पिराइ!*
बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!


*सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!*
दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!


*भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!*
पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!


*अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!*
यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!


*पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!*
श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!


*अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!*
आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!


*फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!*
ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!


*चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!*
गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!


*रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!*
बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!


*भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!*
पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!


*लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!*
तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!


*चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !*
ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!


*सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!*
अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!


*सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!*
घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!


*हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!*
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!


*अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!*
नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!


*तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!*
मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग।






Wednesday, February 22, 2017

होम टिप्स:कमसिन व सुंदर त्वचा पाएं

 Home Tips: Get young and beautiful skin


खूबसूरती का कायल तो हर दिल होता है, ऐसे में अगर कुछ छोटी-छोटी बातों और बेसिक चीजों का ख्याल रखा जाए, तो आपके लिए भी सुंदरता बने रहना मुश्किल नहीं होगा। हम सारा शरीर खुद ब-खुद समय व मौसम को देखते हुए बदलाव की डिमांड करता है। ऐसे में मौसम को देखते हुए अपने ब्यूटी रूटीन को प्लान करें, जैसे सर्दियों में ज्यादा मॉइश्चराइजिंग क्रीम व लोशन्स अपनी ब्यूटी लिस्ट में शामिल कर लें।

नहाने के बाद फौरन बाद या अगर कभी बीच व पूल पर भी गई हों, तब भी पानी से बाहर निकलते ही स्किन पर कोई मॉइचराइजिंग क्रीम या लोशन जरूर लगाएं, क्योंकि पानी से स्किन के नेचुरल ऑयल धुल जाते हैं। ऐसे में नमी बरकरार रखने और स्किन को ड्राई होने से बचाने के लिए क्रीम लगाना बेहद जरूरी है।


अगर आप रोजाना अपने पैरों की नियमित देखभाल करेंगी, तो पार्लर में जाकर पेडिक्योर की जरूरत नहीं पडेगी। रोजाना नहाते समय एडियों को स्क्रब करें और नहाने के बाद पैरों पर मॉइश्चराइजिंग क्रीम अप्लाईर करें।

कंडीशनर को बालों की जडों में अप्लाई न करें, बेहतर होगा कि आप बालों के सिरों पर हैवी मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाएं।








Monday, February 20, 2017

भोजन सम्बन्धी कुछ नियम

भोजन सम्बन्धी कुछ नियम

१ पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे !
२. गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है !
३. प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है !
४. पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए !
५. दक्षिण दिशा की ओर किया हुआ भोजन प्रेत को प्राप्त होता है !
६ . पश्चिम दिशा की ओर किया हुआ भोजन खाने से रोग की वृद्धि होती है !
७. शैय्या पर , हाथ पर रख कर , टूट...े फूटे वर्तनो में भोजन नहीं करना चाहिए !
८. मल मूत्र का वेग होने पर , कलह के माहौल में , अधिक शोर में , पीपल , वट वृक्ष के नीचे , भोजन नहीं करना चाहिए !
९ परोसे हुए भोजन की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए !
१०. खाने से पूर्व अन्न देवता , अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर के , उनका धन्यवाद देते हुए , तथा सभी भूखो को भोजन प्राप्त हो इस्वर से ऐसी प्राथना करके भोजन करना चाहिए !
११. भोजन बनने वाला स्नान करके ही शुद्ध मन से , मंत्र जप करते हुए ही रसोई में भोजन बनाये और सबसे पहले ३ रोटिया अलग निकाल कर ( गाय , कुत्ता , और कौवे हेतु ) फिर अग्नि देव का भोग लगा कर ही घर वालो को खिलाये !
१२. इर्षा , भय , क्रोध , लोभ , रोग , दीन भाव , द्वेष भाव , के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है !
१३. आधा खाया हुआ फल , मिठाईया आदि पुनः नहीं खानी चाहिए !
१४. खाना छोड़ कर उठ जाने पर दुबारा भोजन नहीं करना चाहिए !
१५. भोजन के समय मौन रहे !
१६. भोजन को बहुत चबा चबा कर खाए !
१७. रात्री में भरपेट न खाए !
१८. गृहस्थ को ३२ ग्रास से ज्यादा न खाना चाहिए !
१९. सबसे पहले मीठा , फिर नमकीन , अंत में कडुवा खाना चाहिए !
२०. सबसे पहले रस दार , बीच में गरिस्थ , अंत में द्राव्य पदार्थ ग्रहण करे !
२१. थोडा खाने वाले को --आरोग्य , आयु , बल , सुख, सुन्दर संतान , और सौंदर्य प्राप्त होता है !
२२. जिसने ढिढोरा पीट कर खिलाया हो वहा कभी न खाए !
२३. कुत्ते का छुवा , रजस्वला स्त्री का परोसा , श्राध का निकाला , बासी , मुह से फूक मरकर ठंडा किया , बाल गिरा हुवा भोजन , अनादर युक्त , अवहेलना पूर्ण परोसा गया भोजन कभी न करे !
२४. कंजूस का , राजा का , वेश्या के हाथ का , शराब बेचने वाले का दिया भोजन कभी नहीं करना चाहिए !

Tuesday, February 14, 2017

पेट में गैस बनने के प्रमुख कारण और दूर करने के उपाय

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वर्तमान समय में गैस की प्रॉब्लम होना आम बात है। इस प्रॉब्लम की कई वजह हो सकती हैं। आज हम आपको 8 ऐसे काम बता रहे है जो पेट में गैस बनने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। अगर आप इन्हें अवॉइड करेंगे तो इस प्रॉब्लम से बच सकते हैं।

पेट में गैस बनने के प्रमुख कारण

देर रात तक जागना
देर रात तक जागने से इनडाइजेशन की प्रॉब्लम होने लगती है। इससे पेट में गैस बनने लगती है।


जल्दबाजी में न खाएं
ऐसा करने से खाना अच्छे तरीके से चबाकर नहीं खा पाते हैं। इससे वह डाइजेस्ट होने में समय लगाता है। जिससे पेट में एसिड बनने लगता है और गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।

लगातार बैठे न रहे
कई घंटो तक लगातार बैठकर काम करने से खाना सही तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। इससे पेट में जरुरत से ज्यादा एसिड बनने लगता है और गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।


ज्यादा मीठा न खाएं
प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे कुकीज, ब्राउनीज और मिठाई में शक्कर की काफी मात्रा होती है। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से तुरंत गैस बनने लगती है।

कोल्ड ड्रिंक न पिएं
सोडा और कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाई ऑक्साइड बबल्स पाए जाते हैं, जो पेट में जाकर एसिड पैदा करते हैं। इन्हें पीने से गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।


डेयरी प्रोडक्ट्स न खाएं
फैट वाला दूध, चीज़ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को अवॉइड करें। इनमें मौजूद फैट डाइजेस्ट नहीं होता है। इनसे गैस की प्रॉब्लम होती है।

तला हुआ न खाएं
तला हुआ खाना जैसे भजिए, समोसा और कचौड़ी में फैट की काफी मात्रा होती है। इसका डाइजेशन आसानी से नहीं होता है, जिससे पेट में गैस बनने लगती है।


शराब न पिएं
बियर और वाइन बॉडी में एसिड पैदा करते हैं। इनकी ज्यादा मात्रा लेने से पेट में गैस बनने लगती है।
पेट की गैस दूर करने के उपाय

1. अदरक के रस में शहद मिलाकर पिएं।

2. एसिडिटी होने पर एलोवेरा जूस पिएं।

3. गुनगुने पानी में निम्बू निचोड़ कर पिएं।

4. एक गिलास पानी में एक चम्मच मीठा सोडा मिलाकर धीरे- धीरे पिएं।

5. एक कप पानी में आधा निम्बू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।

6. त्रिफला पाउडर को दूध में मिलाकर पिएं।

7. मूली काटकर उस पर थोड़ा-सा काला नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर खाएं।





Saturday, February 11, 2017

चीनी के गुण

चीनी के गुण

चीनी के बिना शायद ही हम जी सकें। जिस तरह खाने में नमक का महत्व होता है ठीक उसी तरह चीनी का महत्व होता है। अक्सर लोग चीनी का नाम सुनते ही कडवे करेल जैसा मुंह बनाने लगते हैं मानों जैसे सारी बुराई सिर्फ चीनी में ही मौजूद है। मानना कि शक्कर मोटापा, दांतों की सडन और मधुमेह जैसी बीमारी पैदा करती है। लेकिन अगर चीनी को सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिये बहुत ही फायदेमंद होती है और वैसे भी इस भाग-दौड भरी जिन्दगी में हर किसी के कंधों पर काम की जिम्मेदारी इतनी अधिक हो जाती है। कि यह टेंशन कभीकभी डिप्रेशन का विक्राल रूप धारल कर लेती है जिससे के कारण व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है और ना ही डिपे्रशन से बचने के लिए ढेर सारी दवाइयाँ खाने की जरूरत है। आपको जानकर ताज्जुब हो कि सिर्फ मीठी खाने से ही आपको डिप्रेशन डिप्रेशन से राहत मिल सकती है।

जिन लोगों को वजन बहुत कम है, उनके लिये चीनी का सेवन लाभकारी होता है। इसमें बहुत सारी कैलोरी होती है जो वजन बढाती है। पर वे लोग जो पहले से ही मोटोपे का शिकार हैं, उन्हें चीनी कम खानी चाहिये।

चीनी का प्रयोग फिकेपन को दूर करने को किया जाता है। जब भी आपको शरीर में थकावट या लो महसूस हो तो शुगर से बने पदार्थो का सेवन करें। यह शरीर में शुगर के लेवल को ठीक कर नई ऊर्जा देता है। जैसे फू्रड कस्टर्ड, जूस का एक ग्लास, केक का एक टुकडा वगैहर खा कर आप पहले से ज्यादा तरोताजा फील कर सकते हैं।

चीनी और नींबू-: अगर आप फेस पर कील-मुहांसों से परेशान है तो चीनी में नींबू की कुछ बूंदे मिला ले और इससे अपने चेहरे पर हल्के हाथों से स्क्रब करें।

अगर आपकी त्वचा धूप की कारण काली पड गई है तो 2 चम्मच कॉफी में 1 चम्मच चीनी मिला कर थोडा सा पानी मिलाएं फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे को लगाएं। यकीन मानिये इसेस आपको चेहरा साफ और ग्लोंइन हो जाएगा।


Wednesday, February 8, 2017

रूखी त्वचा के लिए महंगा नहीं सस्ता और असदार घरेलू इलाज

 Expensive and not cheaper domestic treatment for dry skin Asadar
सर्दियों में त्वचा शुष्क और रूखी होकर बेजान पड जाती है। ऐसे में आपकी त्वचा को ज्यादा प्यार और देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए आपका ब्यूटी डॉक्टर किचन में ही है। यह करेगा आपके फेस और बालों का इलाज। महंगाई में एकदम सस्ते और असदार इलाज।

face pack, face tips

ड्राई स्किन की परेशानी है, तो दूध में बडा चम्मच चिरौंची आधे घण्टे तक भिगो कर रखें। इसका पेस्ट बनाएं और आंखों के आसपास की जगह को छोड कर चेहरे व गर्दन पर लगा कर 20 मिनट तक रखें। गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। कुछ हफ्तों तक इसे नियमित यूज करें और असर देखें।

ब्लैक हेड्स सिर्फ टीनएजर लडकी की नहीं, आपकी भी परेशानी है। इनसे छुटकारा पाने के लिए पहले ऑयल फ्री क्लींजर से चेहरा साफ कर लें। चावल के पाउडर में टमाटर पल्प की पर्याप्त मात्रा मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। 10 मिनट के बाद चेहरे पर हल्के हाथ से मलतेे हुए गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में कम से कम 2-3 बार कर सकती हैं। जल्दी असर दिखेगा।

जौ का आटा ताजे नारियल के दूध में मिलाएं और 30 मिनट तक फ्रिज में रखें। चेहरे को क्लींजिंग मिल्क से साफ करें। गुनगुने पानी से धोने के बाद तैयार स्क्रब को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 10 मिनट तक रखने के बाद स्क्रब करें। गुनगुने पानी से धोले के बाद लगाएं वॉटर बेस मौइश्चराइजर लगाएं और पाएं इंस्टेंट स्मूद स्किन।

सेब का रस, नींबू का रस और अनन्नास का रस मिलकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के बाद चेहरा धो लें। इस पैक से भी स्किन में कसाव आता है और नियमित इसका यूज करने पर स्किन कुछ ही दिनों में जवां दिखने लगती है।

बेसन में थोडा सा हल्दी पाउडर और कच्चा दूध मिलाएं। इसे नहाने से पहले चेहरे और बदन पर लें। बॉडी लोशन लगाएं। इससे सनटैन दूर होगा। गरमी में इस पैक में 1 नींबू का रस और सर्दियों में 1 बडा चम्मच मलाई मिला सकती हैं। इसके यूज से मृत स्किन निकल जाएगी और आप फ्रेश महसूस करेंगी।

मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर और हल्दी पाउडर को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट के बाद चेहरा धो लें। अगर आपकी स्किन सामान्य है, तो चंदन पाडर की जगह बादाम का पाउडर मिला सकती हैं।