Sunday, July 31, 2016

रहना है मेंटली फिट तो जरूर पढ़े ये टिप्स




क्या आपको छोटी- छोटी बातों में चिंता करते है, अपने कामों को लेकर आप हमेशा अपने खयालो में डूबी हुई होती है, जिसकी वजह से न तो आप ढंग से खा पाती है और न ढंग से सो पाती है। इसलिए आज हम आपको दिमागी टेंशन को कम करने के लिए कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे जिनसे आपका जीवन में वही चार्म, वही खुशिया लौट आएंगी और आप फिर से खुश रहना शुरू कर देंगी।

सबसे पहली बात कभी भी किसी की बात दिल पर नहीं लेनी चाहिए, जिसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है और जिससे व्यक्ति तनावग्रस्त हो जाता है।हमेशा कोशिश करें की आप अपनी फीलिंग को अपने अंदर ही रखें, अगर आपने एक बार किसी से उनको शेयर कर दिया तो वो आपकी दुखती नस पर हाथ जरूर रखेंगे।



मेंटली स्ट्रांग लोग हमेशा अपनी गलतियों से सीखते है और उन्हें न दोहराते हुए आगे बढ़ते हैं वो भी बिना किसी पश्चाताप के। इसलिए कहा जाता है रोने के बजाए अपनी गलती महसूस करनी चाहिए जिससे आपका दिमाग स्ट्रांग और तेज बनेगा।


कभी भी उन चीज़ों को बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, जिन्हे कभी नहीं बदला जा सकता, जिनके लिए कोशिश करी जाए तो उन्हें बदला नहीं जा सकता।

कोशिश करें किसी के आगे हाथ न फैलाएं, इससे सामने वाला व्यक्ति आपके दिमाग से जैसा चाहे वैसा खेल सकता है।

कोशिश करें की हमेशा कूल मिजाज के रहे, दुसरे की बात से चिढ़ना छोड़ दें। 
















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बच्चा सीखने में हो धीमा तो खिलाओ दालचीनी




अगर आपका बच्चा मुश्किल से स्कूल से कोई सबक याद कर पाता है तो चिंता की बात नहीं है, आप अपने बच्चे को टोस्ट, कॉफी और स्वादिष्ट रोल में दालचीनी खिला कर उसके सीखने की क्षमता में सुधार कर सकते हैं




भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व में चूहों पर हुए एक अध्ययन के अनुसार, दालचीनी के सेवन से कमजोर स्मृति वाले चूहों में बेहतर और सामान्य स्मृति वाले चूहों में अच्छे स्मृति स्तर देखने को मिले। यह शोध न्यूरोइम्यून फॉर्माकोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।







अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कालीपद पहान ने बताया,कमजोर छात्रों को बेहतर छात्र बनाने के लिए यह सबसे सुरक्षित और आसान तरीका हो सकता है। उन्होंने बताया, याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार करने की प्रभावी रणनीति विकसित करने के लिए सीखने की क्षमता के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क तंत्र को समझने महत्वपूर्ण है। इस शोध में हालांकि बेहतर छात्रों में दालचीनी के द्वारा किसी तरह के महत्वपूर्ण सुधार नहीं देखने को मिले।




इस शोध में चूहों को दालचीनी का सेवन कराया गया था, जिसे उनके शरीर ने चयापचय कर सोडियम बेंजोएट में परिवर्तित कर दिया। सोडियम बेंजोएट वह रसायन है जिसे ब्रेन हैमरेज (मस्तिष्क क्षति) के दौरान इस्तेमाल किया जाता है।



















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Saturday, July 30, 2016

बेदाग त्‍वचा के लिए अपनायें ये घरेलू नुस्‍खे


पार्लर और सौंदर्य निखारने की नई तकनीक हमारी मुश्किलें आसान तो करती हैं, लेकिन कई बार इनके बुरे प्रभाव भी पड़ते हैं। कास्मेटिक्स से आज पूरा बाज़ार भरा पड़ा है और हर ब्रैंण्ड आपको खूबसूरत बनाने का वादा करता है। अपने फेवरेट ब्रैण्ड पर तो हम सभी विश्वास करते हैं। लेकिन त्वचा के मामले में अगर नये विकल्पों की बात करें तो शायद ही हममें से कोई इन्‍हें अपनाने की कोशिश करेगा। महंगे क्रीम, पार्लर या स्पा की बात करें तो शायद खूबसूरती आपको हर तरफ नज़र आयेगी। लेकिन क्या वाकई में इनके अलावा खूबसूरत दिखने का कोई विकल्प नहीं।







डाक्टरों का मानना है कि सौंदर्य के वे उत्पाद जिनसे पूरा बाज़ार भरा पड़ा है उनके कारण त्वचा संबंधी समस्याएं भी आ सकती हैं। अगर हम कुछ ऐसे नुस्खों की बात करें जो आपकी दादी नानी के ज़माने से सौंदर्य के लिए इस्तेमाल होते आ रहे हैं तो आप उसे ज़रूर आज़मायेंगे। ऐसे भी प्राकृतिक उत्पाद हैं जिन्हें हम भूल चुके हैं और जो सौंदर्य के लिए आवश्यक हैं।




क्लींन्जर हो तो ऐसा

एक टमाटर के रस को दो बड़े चम्मच दूध के साथ मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगायें और 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें, फिर चेहरा पानी से धो लें। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस क्लीनज़र से ना सिर्फ त्वचा आयल फ्री होती है बल्कि डेड सेल्स भी निकल जाते हैं।


क्रीमी मसाज

चेहरे पर निखार लाने के लिए क्रीम लगायें और अपवर्ड सर्कुलर मूवमेंट में चेहरे की मसाज करें। इससे आपकी त्वचा में निखार तो आयेगा ही साथ ही त्वचा के डेड सेल्स भी निकल जायेंगे।




अण्डे से निखारें चेहरे की चमक

तैलीय त्वचा वालों को चेहरे पर अण्‍डे का सफेद भाग लगाना चाहिए और शुष्क त्वचा वालों को अण्डे की जर्दी। अण्डे को चेहरे पर लगाने से त्वचा के रोमछिद्र सीमित होते हैं और झुर्रियां भी देर से पड़ती हैं।








यह भी ट्राई करें

प्राकृतिक तौर पर खूबसूरती पाने के लिए चेहरे पर फलों का रस लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें। यह एक आसान सा घरेलू नुस्खा है। झुर्रियों से बचने के लिए आप सेब, नीबू या अनानास का रस लगा सकते हैं। क्योंकि फलों में एस्ट्रिसन्जेंट के साथब्लीचिंग के गुण भी होते हैं।




ब्लैक हैड्स को कहें गुडबाय

सभी उम्र के लोगों में यह समस्या बहुत आम है जिसका इलाज बहुत आसान है। ब्लैंकहैड्स निकालने के लिए एक बड़े चम्मच से पीसी हुई काली मिर्च लें और इसमें दही मिला लें। इस मिश्रण को 10 से 15 मिनट तक चेहरे पर लगायें और चेहरा धो लें।


रेशमी बालों के लिए

ककड़ी, केले, टमाटर और दही का पेस्ट बनायें और बालों को धोने के बाद इस मिश्रण को बालों में लगायें। यह प्राकृतिक कंडीशनर है।



सुंदर दिखने के लिए आप यह तकनीक तो अपना सकते हैं लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण है आपका खान-पान और व्यायाम। एक बहुत पुरानी कहावत है कि आप जैसा खाते हैं वैसे ही दिखते हैं। अपनी डायट में फाइबर युक्त फल, हरी सब्जि़यां और एंटीऑक्सीडेंट शामिल करें। कम से कम 7 से 8 घंटों की नींद ज़रूर लें क्योंकि आराम करना भी अच्छी त्वचा के लिए आवश्यक है।




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Thursday, July 28, 2016

रोज़ाना गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए होता है रामबाण, ये होते है फायदे



पल-पल बदलते मौसम में गुनगुना पानी सेहत के लिए रामबाण औषधि है। आइए जानते है गुनगुना पानी पीने से क्या होते है फायदे-



1. हर वक्त थके-थके रहते हैं और कुछ भी काम करने के बाद थकान हो जाती है तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे शरीर में रक्त का संचालन बढ़ेगा और रक्त की गति में आ रहे अवरोध दूर होंगे।

2. सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पुरानी से पुरानी कब्ज को जड़ से खत्म कर देता है। बस इसे सुबह उठने के साथ ही लेना है।


3. स्किन पर रैशेज पड़ गए हैं या त्वचा सिकुड़ रही है तो रोज सुबह गुनगुना पानी आरंभ कर दें। इससे त्वचा का सिकुड़ना बंद होगा और रैशेज में आराम मिलेगा।

4. मुंहासों और ब्लैकहैड्स से परेशान हैं तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे त्वचा के रोमछिद्र खुल जाएंगे और त्वचा खुलकर सांस ले सकेगी।

5. सरदी जुकाम में गुनगुना पानी रामबाण है। इसके होने पर सबसे पहले गुनगुना पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। इससे गले की नसे खुलती है और खराश इत्यादि में आराम मिलता है।



6. अगर कई दिनों से भूख न लग रही हो और दिल मितलाया सा रहता हो तो गुनगुने पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू डालकर शिकंजी बनाएं और रोज पीएं। इससे भूख खुल जाएगी और मितली आना बंद हो जाएगा।

7. गुनगुना पानी सबसे बढ़िया डाइट है। रोज सुबह गुनगुना पानी नींबू के साथ पीएंगे तो शरीर पर जमी अतिरिक्त चरबी खत्म हो जाएगी। इससे वजन घटता है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

8. मूत्र संबंधी सभी परेशानियों में डॉक्टर गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं।


9. दमा , हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।

10. रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब के टॉनिक का काम करता है। यह सिर की त्वचा को हाइड्रेट करता है, जिससे स्किन ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है।

11. हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है।

12. यदि आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चूके हैं, तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व चमकने लगेगी।

13. लड़कियों को पीरियड्स के दौरान यदि पेट दर्द हो तो ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी रिलैक्स कर देता है।

14. चरक संहिता के अनुसार बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्म पानी ही पीना चाहिए। इससे बुखार में राहत मिलती है।

15. यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है।

16. अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित पानी से होती हैं यदि पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पिएं तो पेट की अधिकांश बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।

17. भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर पिएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा।

18. गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है। दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।
























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रोज़ाना गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए होता है रामबाण, ये होते है फायदे



पल-पल बदलते मौसम में गुनगुना पानी सेहत के लिए रामबाण औषधि है। आइए जानते है गुनगुना पानी पीने से क्या होते है फायदे-



1. हर वक्त थके-थके रहते हैं और कुछ भी काम करने के बाद थकान हो जाती है तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे शरीर में रक्त का संचालन बढ़ेगा और रक्त की गति में आ रहे अवरोध दूर होंगे।

2. सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पुरानी से पुरानी कब्ज को जड़ से खत्म कर देता है। बस इसे सुबह उठने के साथ ही लेना है।


3. स्किन पर रैशेज पड़ गए हैं या त्वचा सिकुड़ रही है तो रोज सुबह गुनगुना पानी आरंभ कर दें। इससे त्वचा का सिकुड़ना बंद होगा और रैशेज में आराम मिलेगा।

4. मुंहासों और ब्लैकहैड्स से परेशान हैं तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे त्वचा के रोमछिद्र खुल जाएंगे और त्वचा खुलकर सांस ले सकेगी।

5. सरदी जुकाम में गुनगुना पानी रामबाण है। इसके होने पर सबसे पहले गुनगुना पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। इससे गले की नसे खुलती है और खराश इत्यादि में आराम मिलता है।



6. अगर कई दिनों से भूख न लग रही हो और दिल मितलाया सा रहता हो तो गुनगुने पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू डालकर शिकंजी बनाएं और रोज पीएं। इससे भूख खुल जाएगी और मितली आना बंद हो जाएगा।

7. गुनगुना पानी सबसे बढ़िया डाइट है। रोज सुबह गुनगुना पानी नींबू के साथ पीएंगे तो शरीर पर जमी अतिरिक्त चरबी खत्म हो जाएगी। इससे वजन घटता है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

8. मूत्र संबंधी सभी परेशानियों में डॉक्टर गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं।


9. दमा , हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।

10. रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब के टॉनिक का काम करता है। यह सिर की त्वचा को हाइड्रेट करता है, जिससे स्किन ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है।

11. हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है।

12. यदि आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चूके हैं, तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व चमकने लगेगी।

13. लड़कियों को पीरियड्स के दौरान यदि पेट दर्द हो तो ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी रिलैक्स कर देता है।

14. चरक संहिता के अनुसार बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्म पानी ही पीना चाहिए। इससे बुखार में राहत मिलती है।

15. यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है।

16. अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित पानी से होती हैं यदि पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पिएं तो पेट की अधिकांश बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।

17. भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर पिएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा।

18. गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है। दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।
























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Wednesday, July 27, 2016

अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाना खाते वक़्त ध्यान रखे ये 9 बातें






अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाना खाते वक़्त ध्यान रखे ये 9 बातें – वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। इसके कारण कई तरह की बीमारियां होती हैं। मोटापा इसका मुख्य लक्षण है। चिकित्सकों के अनुसार यदि हम भोजन करते समय या भोजन में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें तो न तो हम मोटे होंगे और न ही बीमार। आइए जानें खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखकर रहा जा सकता है स्वस्थ…..



1. भोजन खूब चबाकर करें
वजन कम करने वाले लोगों के लिए यह जरूरी है कि खाने को कम से कम 30-35 बार तक चबाकर खाएं। कई बार पौष्टिक और संतुलित खाना खाते समय लोग उसे सिर्फ दस से पंद्रह बार ही चबाते हैं। जिससे पेट से जुड़ी समस्याए दूर होती हैं। खाना चबाकर खाने से कब्ज दूर होती है, दांत मजबूत होते हैं, भूख बढ़ती है आैर कब्ज व एसिडिटी नहीं होती है।

2. बैठकर खाएं
भोजन बैठकर ही खाएं, क्योंकि चलते-चलते खाना खाने से पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। बैठकर खाते समय हम सुखासन की स्थिति में होते हैं, जिससे कब्ज, मोटापा, एसिडिटी आदि पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं।

3. मोटापा दूर करें
भूखा रहने से वजन कम नही होता, बल्कि वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। दिनभर में अगर हम निश्चित अंतराल पर अच्छे से चबाकर खाना खाते हैं तो पाचन क्रिया संतुलित रहती है। जो लोग सुबह नाश्ता नहीं करते उनकी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे खाना अच्छे से पच नहीं पाता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

4. खाते वक्त पानी न पिएं
भोजन के समय पानी पीने से पाचन क्रिया पर असर होता है। इसलिए खाने के आधे या एक घंटे पहले या बाद में पानी पिएं।

5.एक्सरसाइज के तुरंत बाद न खाएं
वर्कआउट या एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद खाना न खाएं। शरीर को नार्मल टेंपरेचर पर आने दें, उसके बाद ही खाना खाएं।



6. भूख लगने पर ही खाएं
कुछ लोग स्वाद लेने के लिए बार-बार खाना खाते हैं। पहले का खाना पचा नहीं कि दोबारा खा लिया। ऐसा करने से पेट की बीमारियां शुरू हो जाती हैं, खाना अच्छे से पच नहीं पाता और मोटापा घेर लेता है।

7. नियमित अंतराल पर खाएं
खाने के बीच में कम से कम 6 घंटे का अंतराल होना चाहिए। रात्रि के भोजन के पचने में समय लगता है, इसलिए डिनर जल्दी कर लेना चाहिए। नियमित रूप से दिन में तीन बार भोजन करने से एकाग्रता बढ़ती है।

8. मधुमेह से बचाव
खाने के तरीके में बदलाव करके मधुमेह से बचा जा सकता है। धीरे-धीरे और चबाकर खाने से ग्लूकोज को जोड़ने का काम दोगुनी गति से होता है जिससे मधुमेह का खतरा कम होता है।


9. खाने से पहले हाथ जरूर धोएं
भोजन करने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। जिससे हाथों में मौजूद बैक्टीरिया खाने के साथ आपके शरीर में प्रवेश कर नुकसान न पहुंचाएं।





















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रोजाना खाली पेट थोड़ा सा कच्चा लहसुन खाने के, ये होते है जबरदस्त फायदे



रोजाना खाली पेट थोड़ा सा कच्चा लहसुन खाने के, ये होते है जबरदस्त फायदे – लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसे खाने के अनेक हेल्दी फायदे भी हैं। आप सोच भी नहीं सकते कि लहसुन की एक कली कितने रोगों को खत्म कर सकती है। यह कई बीमारियों की रोकथाम और उपचार में प्रभावी है। कुछ भी खाने या पीने से पहले लहसुन खाने से ताकत बढ़ती है। यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। आयुर्वेद में लहसुन को जवान बनाए रखने वाली औषधि माना गया है। साथ ही, यह जोड़ों के दर्द की भी अचूक दवा है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं लहसुन खाने से होने वाले ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में…..


1. हाई बीपी से बचाए

कई लोगों का मानना है कि लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के लक्षणों से आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। साथ ही, लीवर और मूत्राशय को भी सुचारू रूप से काम करने में सहायक होता है।
2. डायरिया दूर करे

पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे डायरिया आदि के उपचार में भी लहसुन रामबाण का काम करता है। कुछ लोग तो यह दावा भी करते हैं कि लहसुन तंत्रिकाओं से संबंधित बीमारियों को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है, लेकिन केवल तभी जब इसे खाली पेट खाया जाए।
3. भूख बढाए

यह डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करता है और भूख भी बढ़ाता है। जब भी आपको घबराहट होती है तो पेट में एसिड बनता है। लहसुन इस एसिड को बनने से रोकता है। यह तनाव को कम करने में भी सहायक होता है।
4. वैकल्पिक उपचार

जब डिटॉक्सिफिकेशन की बात आती है तो वैकल्पिक उपचार के रूप में लहसुन बहुत प्रभावी होता है। लहसुन शरीर को सूक्ष्मजीवों और कीड़ों से बचाता है। अनेक तरह की बीमारियों जैसे डाइबिटीज़, ट्युफ्स, डिप्रेशन और कुछ प्रकार के कैंसर की रोकथाम में भी यह सहायक होता है।
5. श्वसन तंत्र को मजबूत बनाएं

लहसुन श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि की रोकथाम व उपचार में बहुत प्रभावशाली होता है।


6. ट्यूबरकुलोसिस में लाभकारी

ट्यूबरकुलोसिस (तपेदिक) में लहसुन पर आधारित इस उपचार को अपनाएं। एक दिन में लहसुन की एक पूरी गांठ खाएं। टी.बी में यह उपाय बहुत असरदार साबित होता है।



















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जानें कैसे इस जूस से कुछ ही घंटों में छूमंतर हो जाता है सिरदर्द




प्रीती बहुत जरूरी मीटिंग में जाने के लिए निकल ही रही थी कि उसे सिरदर्द होने लगा। अब वो ऑफिस जाना कैं‍सिल भी नहीं कर सकती थी और इस सिरदर्द की हालत में मीटिंग भी अटेंड नहीं कर सकती थी। ऐसे में वो परेशान होकर रोने लगी। इतने में प्रीती की दादी एक तरह का जूस बनाकर लाईं और उसे प्रीती को पीने के लिए दिया। जूस पीने के एक घंटे बाद ही प्रीती का सिरदर्द पूरी तरह से ठीक हो गया। इसके बाद प्रीती अपनी दादी को बहुत सारा थैंक्स बोलते हुए मीटिंग के लिए ऑफिस चली गई।
अगर प्रीती की तरह आपको भी बहुत ज्यादा सिरदर्द कर रहा है और किसी जरूरी काम से बाहर जाना है तो आप भी घर पर ये जूस बनाकर पिएं और सिरदर्द को दूर भगायें। इस लेख में लीजिए होममेड जूस बनाने की पूरी जानकारी।





सिरदर्द के कारण

या फिर इन निम्न कारणों में से किसी भी एक कारण से सिरदर्द दे रहा है तो भी ये जूस कारगर है। क्योंकि इन सामान्य कारणों से होने वाले सिरदर्द के दौरान एलोपैथी दवा लेने से शरीर को नुकसान हो सकता है। ऐसे में ये होममेड जूस लेना हेल्दी भी है और स्वास्थ्यवर्द्धक भी।
कोल्ड और फ्लू
थकावट
शरीर में जरूरी पोषक-तत्वों की कमी
तनाव
कंप्युटर में बहुत अधिक देर तक बैठना
अवसाद
हाइपरटेंशन


जरूरी सामग्री
½ कप लेमन जूस
1 चम्मच शहद
2 ड्रॉप्स लेवेंडर ऑयल


बनाने की विधि

इन सारी चीजों को एक कप में मिक्स कर लें। लीजिए आपका जूस तैयार है। देखा इस जूस को तैयार करना बहुत ही आसान है।


जूस की विशेषता
ये जूस आपके सिरदर्द को एक घंटे में ठीक कर देगा।
इस जूस में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होता है खून में मिलके नकरात्मक उत्तेजना को कम कर देता है।



















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सांसों की दुर्गन्ध‍ के इलाज के घरेलू नुस्‍खे


सांसों की दुर्गन्ध‍ के इलाज के घरेलू नुस्‍खे


सांस की बदबू से लोगों को अक्सर सामाजिक जगहों पर शर्मिंदा होना पड़ता है। सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। जमी हुई श्लेष्मा और नाक और गले की नली, पेट और आंत की नली, मूत्र नली, रक्त में जमने वाले अन्य विषैले पदार्थों से भी सांस की बदबू उत्पन्न होती है।आप चाहें तो इससे छुटकारा पा सकती है। जानें सांसों की दुर्गंध से बचने के उपाय..


चिकित्सकों का मानना है कि मुंह की सफाई तब तक पूरी नहीं मानी जाती है जब तक जीभ की सफाई न हो। कई बार भोजन के बाद कुछ बारीक कण जीभ पर लगे रह जाते हैं जिन्हें अगर सही तरीके से साफ न करें तो भी सांसो से दुर्गंध आती है। ऐसे में ब्रश करते वक्त रोज जीभ को टंग क्लीनर से जरूर साफ करें जिससे सांसों की दुर्गंध और मुंह के संक्रमण से बचाव हो सके।


पार्सली की टहनियों को बारीक काटकर, दो से तीन लवंग या चौथाई चम्मच पीसे हुए लवंग को दो कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने पर दिन में कई बार माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। पानी खूब पीयें और पेट को साफ रखें।





सौंफ़ एक मसाला है जो ज्यादातर खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ़ भी बुरी सांसों से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच सौंफ़ बीज को ले और अपने मुंह में डालकर धीरे धीरे चबायें, इस मसाले में ताजा सांस देने के लिये रोगाणुरोधी गुण है। आप इलायची या लौंग जैसे अन्य प्रामाणिक मसाले का भी उपयोग कर सकते हैं।


चाय भी आपकी बुरी सांसों पर नियंत्रण में सहायता करता है। किसी भी तरह की चाय काली या हरी चाय में पॉलीफेनॉल्स यौगिक होता है जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है जो बुरी सांसों का कारण बनता है। चाय जो हमेशा आपकी रसोई घर में उपलब्ध होता है आसानी से बुरी सांसों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। आप नियमित एक कप चाय या हरी चाय पी सकते हैं और बुरी सांसों को हटा सकते हैं।


अजमोद में क्लोरोफिल शामिल है, जो वास्तव में बुरी सांसों को नियंत्रित करता है। ताजा अजमोद पत्तियों का एक गुच्छा ले और सिरके में भिगो दें। दो से तीन मिनट तक पत्ते को चबायें और अपने मुँह में ताजगी महसूस करें। आप अजमोद रस भी बना सकते है, और आप कभी भी पी सकते हैं जब आप ताजगी महसूस करना चाहते हैं। अजमोद में अन्य लाभकारी कारक है जो पाचन और पेट की गैस में आराम पहुंचाता है।


इन घरेलु नुस्खों के प्रयोग से आप अपनी सांस की बदबू पर नियंत्रण पा सकते है। समय के साथ ये आपकी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म कर देगी।

















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Monday, July 25, 2016

नींबू के छिलकों के 10 फायदे जरूर जाने



  • नींबू के छिलके मेँ काफी मात्रा में फ्लेवानॉयड होते हैँ जो मनुष्य के शरीर से स्ट्रेस को दूर कर देते है।
  • नींबू के छिलके कैंसर से भी लड़ने मे मददगार होते है। 
  • नींबू के छिलके केलोस्ट्रोल को कम करने मे भी मदद करते है। 
  • नींबू के छिलके मेँ कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है। जो वजन कम करने मे भी मददगार साबित होते है। 
  • चेहरे को साफ और चमकदार बनाने के लिए नींबू के छिलके का कोई सानी ही नहीँ है।
  • नींबू के छिलके चेहरे के गड्ढे और काले निशान के लिए भी बहुत फायदेमंद है।




















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शरीर की सभी बीमारियों को दूर करे दालचीनी वाला दूध



क्‍या आप अपनी दिनभर की थकान मिटा कर रात में आराम की नींद सोना चाहते हैं? या फिर आपको कैंसर और मधुमेह जैसी घातक बीमारियों से सदा के लिये बचाव चाहिये? तो ऐसे में आपके लिये दालचीनी वाला दूध काफी फायदेमंद हो सकता है। मौसम बदलने पर पियें मसाले वाला दूध, मिलेगी ताकत जैसा की आप सभी जानते हैं कि रात में गरम दूध पीने से नींद काफी अच्‍छे से आती है। ऐसा इसलिये क्‍योंकि इसमें अमीनो एसिड होता है जो आपके दिमाग को शांत कर के नींद दिलाता है। हल्‍दी वाला दूध पीने का जबरदस्‍त फायदा और अगर इसके साथ आप दालचीनी तथा शहद मिला दें, तो इसमें एंटी बैक्‍टीरियल गुण बढ़ जाते हैं, जो स्‍किन प्रॉब्‍लम और इंफेक्‍शन से लड़ने में सहायक हो जाती है। इसके अलावा यह दूध आपके दिमागी तनाव को दूर करने के साथ साथ मोटापा घटाने में भी मददगार है।
अच्छी नींद के लिए अगर आपको अच्‍छी नींद नहीं आती है तो आपको दालचीनी वाला दूध पीना चाहिये। सोने से पहले एक गिलास दालचीनी वाला दूध लें, इससे आपको अच्छी नींद आएगी।
कैंसर से बचाए शहद और दालचीनी में पाया जाने वाला कैमिकल आपको सदा के लिये कैंसर से बचाएगा। 

शरीर की इम्‍यूनिटी बढाए नियमित दालचीनी वाला दूध पीने से शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ती है। यह दूध पुराने जमाने से ही बच्‍चों को पिलाया जाता था, जिससे उनकी शक्‍ती बढ़े।
अच्छे पाचन के लिए अगर आपकी पाचन क्रिया अच्छी नहीं है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। इसके साथ ही गैस की प्रॉब्लम में भी ये राहत देने का काम करता है

मधुमेह रोगियों के लिये फायदेमंद कई अध्ययनों में इस बात की पुष्ट‍ि हो चुकी है कि दालचीनी में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। दालचीनी वाला दूध खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

गले की खराश और दर्द के लिये दालचीनी गले के दर्द को ठीक करती है। दालचीनी वाला दूध बनाने के लिये एक पैन में दूध गरम करें, उसमें दालचीनी का एक छोटा टुकडा डालें और गैस को बंद कर दें। फिर इसमें शहद मिला कर छान कर पियें।

खूबसूरत बालों और त्वचा के लिए दालचीनी वाला दूध पीने से बालों और स्क‍िन से जुड़ी लगभग हर समस्या दूर हो जाती है। इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण स्क‍िन और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है।

दालचीनी वाला दूध बनाने की विधि- एक भगौन में दूध गरम करें, फिर उसमें दालचीनी का छोटा टुकड़ा डालें और गरम करें। फिर गैस बंद कर दें और दूध में शहद मिला कर उसे छान लें। फिर इसे पियें।








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Friday, July 22, 2016

पेट के गैस से बचने के लिए अच्छे सुझाव



एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में करीबन 14 से 23 बार वायु छोड़ता है। कई बार यह इतना भी बुरा नहीं होता कि हम इसे घृणास्पद कह सकें। यह एक प्राकृतिक चीज़ है जो हर व्यक्ति के साथ होती है। फिर भी अगर आप पेट की वायु को कम करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कुछ सामान्य नुस्खों का पालन करें।


गैस का बनना और बाहर निकलना सामान्य बात है। गैस वास्तव में हवा का ऑक्सीजन से और भोजन की अशुद्धियों के पाचन की वजह से तैयार होती है। इसमें से कुछ गैस डकार के माध्यम से बाहर आती है और बाकी छोटे आंत्र पथ से गुजरकर बाहर जाती है। कुछ व्यक्तियों के पेट में अतिरिक्त गैस बनती है जो उनके लिए बहुत असुविधाजनक हो सकता है। उचित आहार लेकर गैस उत्पादन में कटौती हो सकती है। पेट की गैस को नियंत्रित करने के लिए कुछ सरल उपाय नीचे दिये गये हैं।

आलू, मक्का, नूडल्स जैसे स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ और गेहूं गैस के उत्पादन के जोखिम में वृद्धि करते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ कम खाएं। चावल ही केवल ऐसा स्टार्च युक्त पदार्थ है जो गैस नही बनाने देता।
क्या खाएं? (What to eat?)

हमारे पेट में काफी अच्छे बैक्टीरिया (bacteria) होते हैं जो हमें तेज़ी से भोजन पचाने में मदद करते हैं। ये वाही बैक्टीरिया हैं जो बड़ी आँतों के द्वारा खाना हज़म करवाते हुए गैस का भी निर्माण करते हैं। पेट में गैस बनाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ निम्नलिखित हैं :-


बीन्स (beans) और दालें
अंकुरित अनाज, बंदगोभी, ऐस्पैरागस (asparagus), ब्रोकली (broccoli) आदि
फ्रुक्टोस (fructose) की प्राकृतिक चीनी जो प्याज, नाशपाती, पेय पदार्थों, गेहूं आदि में मौजूद रहती है।
दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों से प्राप्त होने वाला लैक्टोस (Lactose)
मटर और फाइबर (fiber) से युक्त भोजन
आलू, पास्ता (pasta), मकई तथा स्टार्च (starch) युक्त अन्य भोजन
ताज़े फल और नकली मिश्रित चीनी
भूरे चावल, साबुत गेहूं, ओटमील (oatmeal) और साबुत अनाज।

ये सारे भोजन स्वास्थ्यकर हैं और हम आपसे इनका सेवन बंद करने को भी नहीं कह रहे। आपको सिर्फ कुछ चीज़ों का ध्यान रखना पड़ेगा।
एक छोटी पुस्तिका लें जिसमें आप अप ने द्वारा खाए जाने वाले भोजन का ब्योरा लिखेंगे। अगर आपके पेट में गैस की समस्या उत्पन्न होती है तो आप इस पुस्तिका के द्वारा जान सकते हैं कि क्या खाकर यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
अगर आपको लगता है कि कोई ख़ास चीज़ खाकर आपको ज़्यादा गैस हो रही है तो उसका सेवन ना करना ही अच्छा है। उदाहरण के तौर पर कई लोग दूध हज़म नहीं कर पाते। अगर आपको लगता है कि सादे दूध के सेवन से गैस उत्पन्न हो रही है तो किसी अन्य दुग्ध उत्पाद का सेवन करें या इसे स्वास्थ्यकर पेय पदार्थों या कॉर्न फ्लेक्स (cornflakes) आदि के साथ लें।
ऐसे भोजन से परहेज करें जो गैस उत्पन्न करता हो। ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनका सेवन करके हमें हमेशा ही गैस की समस्या होती है। स्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करें जिससे गैस की समस्या अगर पूरी तरह ठीक ना भी हो तो भी नियंत्रित हो ही जाए।
खानपान को नियंत्रित कैसे करें ? (How do adjust your diet?)

कई बार दिन के गलत वक्त पर भोजन करने से गैस की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अतः अपनी दिनचर्या को बदलकर इस स्थिति को आने से रोकें।

अगर आपको पता है कि किसी भोजन से आपके पेट में गैस उत्पन्न होती है, तो उसका सेवन कम से कम करें। अगर यह साबुत अनाज और हरी सब्जियों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं तो इनकी जगह कोई और भोजन चुनकर अपनी पाचन प्रणाली को आराम दें।



स्वस्थ पाचन प्रणाली के उपाय (Tips to a healthier digestive system)
व्यस्त जीवन का अर्थ यह नहीं है कि आप भोजन करने के लिए 10 – 15 मिनट नहीं निकाल सकते। खाते समय भोजन को जितना हो सके चबाने की कोशिश करें। बड़ा ग्रास निगलने से पेट में वायु की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
धूम्रपान, अतिरिक्त गम (gum) चबाने या मिठाई खाने से गैस की समस्या उत्पन्न होती है।
किसी सामाजिक कार्यक्रम या मीटिंग (meeting) में जाने से पहले ज़्यादा भोजन ना करें। जब आपका पेट भरा हो और आपको गैस निकालने में असुविधा हो रही हो तो आप काफी कष्ट का अनुभव करते हैं।
फिजी (fizzy) पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।
रोजाना व्यायाम करें। आप सुबह उठकर चहलकदमी कर सकते हैं या फिर जिम (gym) भी जा सकते हैं। अपने सभी अंगों को स्वस्थ रखने के लिए जिम जाना काफी ज़रूरी है।
ऐसी मीठी चीज़ों या उत्पादों का सेवन ना करें, जिनमें सोर्बिटोल (sorbitol) पाया जाता हो। ऐसी दवाइयों से भी परहेज करें जिसमें इस तत्व की मात्रा हो।
आप रेड वाइन (red wine) या काली चाय पीकर गैस की तकलीफ से निजात पा सकते हैं।
आरामदायक कपड़े पहनें। कसे हुए कपड़े आपको कष्ट देते हैं और पेट में सूजन पैदा करते हैं। इससे गैस निकलने में भी कठिनाई होती है और यह आपके पेट के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।
गैस को कम करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to reduce and avoid gas)
दालचीनी (Cinnamon)

यह आपके पेट को आराम देता है और गैस से बचाता है। आधे चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में मिश्रित करें। इसे अच्छे से मिलाएं और पी लें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद भी मिश्रित कर सकते हैं। आप दालचीनी की चाय भी बना सकते हैं। इसके लिए सिर्फ उबलते पानी में थोड़ा सा पाउडर मिलाएं और इसे पी लें।
अदरक (Ginger)



गैस्ट्रिक का इलाज अदरक खाना हजम करने के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। पिसे हुए अदरक को सौंफ और इलायची की बराबर मात्रा के साथ लें। इन सबको अच्छे से मिलाकर एक गिलास पानी में डालें। इसमें थोड़ी सी हींग मिश्रित करके दो बार पियें। अदरक का बार बार भोजन में सेवन करने से गैस से निजात मिलती है। आप भारी भरकम भोजन करने के बाद कच्चा अदरक चबाकर भी गैस की स्थिति से मुक्ति पा सकते हैं।
लहसुन (Garlic)

लहसुन में पेट की आग को बुझाने के गुण होते हैं जिससे गैस बननी भी बंद हो जाती है। लहसुन का सूप (soups) गैस कम करने और हाजमा सही करने के लिए काफी अच्छा होता है। पिसे हुए लहसुन को उबालकर उबलते पानी में भी मिलाया जा सकता है। इसमें काली मिर्च और जीरा भी डालें। इसे छानकर हल्का गर्म रहते हुए ही इसे पी लें।
सौंफ (Fennel)

आपने कई जगह देखा होगा कि भोजन के बाद सौंफ दिया जाता है, क्योंकि यह मुखशुद्धि के रूप में कार्य करता है और भोजन पचाने में भी सहायता करता है। अगर आप पेट में गैस पैदा नहीं करना चाहते तो भी आप सौंफ का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए गर्म पानी में थोड़ा सा सौंफ मिलाएं और इसके गर्म रहते हुए ही इसे पी लें। आप इलायची के साथ सौंफ और पुदीने के पत्तों को उबलते पानी में मिलाकर और इसे पीकर पेट की गैस से निजात प्राप्त कर सकते हैं।
इलायची (Cardamom)

इलायची एक और रसोई का उत्पाद है जो पेट की गैस से मुक्ति दिलाता है। आप भुनी हुई इलायची का प्रयोग सब्जियों, डाल और चावल में कर सकते हैं और बाद में गैस की समस्या से बच सकते हैं।इलायची के 2 – 3 फाहे रोजाना खाकर मुंह ताज़ा करें और पेट साफ़ करें। आप इसे चाय में मिलाकर इसे स्वादिष्ट बना सकते हैं।
अन्य घरेलू नुस्खे (Some other remedies)
गैस का उपचार, कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से गैस पैदा करते हैं। इसलिए शक्कर से भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। लैक्टोज, रफ्फिनोस, सोर्बिटोल, फ्रुक्टोज ऐसी प्रकार की शक्कर गैस तैयार करती हैं। फलों के रस, नाशपाती, प्याज, मीठी टॉफी और च्युइंग गम ऐसी चीनी से भरे हैं। इसलिए ऐसे पदार्थ कम खाएं।
पेट में गैस का इलाज, सिमेथिकोन युक्त फोमिंग एजेंट आसानी से डकार करके आपके पेट से बाहर निकालने में सक्षम हैं।
एसिडिटी के उपाय (acidity ke upay), ज्यादा शराब पीना पाचन कम करता है। गैस की समस्या दूर करने के लिए शराब छोड़ना महत्वपूर्ण है।
गैस की तकलीफ ज्यादा होने पर आसानी से मिलनी वाली दवाएं या अंटएसिड लें।


अगर दूध पिने से गैस हो तब लाक्टोस एंजाइम का घटक वाले फलों के रस या गोलियां ले जो दूध के पाचन में मदद करता है।
गैस का दर्द, धुम्रपान न करें।
अघुलनशील लिनेन भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। यह खाद्य पदार्थ कुछ ज्यादा समय के लिए पाचन आंत्र पथ में रहते हैं और गैस उत्पादन का कारण बनते हैं।
गैस के घरेलू उपाय, पानी ज्यादा पियें। कोल्ड्रिंक का सेवन न करें।
अगर आपको कब्ज की समस्या है तो ज्यादा पानी पियें जिससे यह समस्या दूर हो जाये।
गैस का आयुर्वेदिक इलाज(gas ki dawa), कुछ दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से गैस तैयार हो सकती हैं | इसलिए कोई दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है।
खाते समय हवा कम निगलें। इसलिए खाते समय खाना धीरे से और चबाकर खाएं।
खाने के बाद तुरंत सोना मना है | इससे गैस तैयार होना कम होता है।
अगर ऊपर दिए गए उपायों का उपयोग न हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
कुछ लोगों को कुछ पदार्थ खाने से गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए खाने पर ध्यान देकर ऐसे पदार्थ खाना कम करें या बंद करें।


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घर पर खुद से करें फेस ब्लीचिंग


घरेलू फेस ब्लीच त्वचा को गोरा और त्वचा में चमक बढाता है। रासायनिक ब्लीचिंग, ब्लीच, ब्लीचिंग पाउडर त्वचा को नुकसान पहुचाते है। चेहरे की कोशिकाए बहुत ही संवेदनशील होती है। इसलिए ब्लीचिंग पाउडर, रासायनिक उत्पादों के प्रयोग से चेहरे की त्वचा में मुहाँसे, दाग- धब्बे, त्वचा के रोग आदि सौंदर्य समस्याओ का सामना करना पड़ता है।


इसलिए, जहां तक हो सके घरेलु ब्लीच (gharelu face bleach) का प्रयोग चेहरे की चमक बढाने के लिए करे। ब्लीच के फायदे, घरेलू ब्लीच प्राक्रतिक सामग्री से मिलकर बना होता है जैसे, शहद, नींबू, पपीता, दूध, हल्दी, गुलाबजल, आदि। नीचे कुछ घरेलू ब्लीच बनाने की विधि दी गई है सौंदर्य की देखभाल के लिए।
घरेलू फेस ब्लीच (Homemade face bleaching)
डार्क स्पॉट के लिए सुझाव – 1 (Tip 1)
सामग्री (Ingredients)
शहद – 1 बड़ा चम्मच
मरहम – 1 आधा बड़ा चम्मच
नींबू के रस का – 1 बड़ा चम्मच




ब्लीच करने का तरीका, सभी सामग्री को एक बर्तन में ले ले, अब इसे अच्छी तरह से मिलाये। अब इस पेस्ट को 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा कर रखे। फिर गुनगुने पानी से धो ले।
काले दाग धब्बों के लिए सुझाव – 2 (Tip 2)
सामग्री (Ingredients)
पपीता – 2 छोटे टुकड़े
दूध – पर्याप्त मात्रा में

ब्लीच करने का तरीका, एक ताज़ा पका हुआ पपीता ले उसके टुकड़े करे, अब मसल ले, दूध को पर्याप्त मात्रा में मिलाकर बारीक़ पेस्ट बना ले। इस मिश्रण को चेहरे की त्वचा पर 10 मिनट के लिए लगाये और फिर ठन्डे पानी से धो ले।
डार्क स्पॉट के लिए सुझाव – 3 (Tip 3)
सामग्री (Ingredients)
काला चना – 1 बड़ा चम्मच
बादाम – 5

ब्लीच करने का तरीका, बादाम और काले चने को रातभर के लिए पानी में भीगा कर रख दे। अगले दिन सुबह काले चने और बादाम का बारीक़ पेस्ट बना ले, अब इस मिश्रण को 10 मिनट के लिए चेहरे पर लगाये और 10 मिनट बाद ठन्डे पानी से धो ले!
काले दाग धब्बों के लिए सुझाव – 4 (Tip 4)
सामग्री (Ingredients)


नींबू का रस -1 बड़ा चम्मच
हल्दी पाउडर – 1 बड़ा चम्मच
गुलाब जल – 1 बड़ा चम्मच

नींबू का रस एक प्राक्रतिक चेहरे का ब्लीच है। 1 चम्मच नींबू का रस , 1 चम्मच हल्दी पाउडर और 1 चम्मच गुलाबजल को एक बर्तन में ले। सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला ले अब इसे चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाये और इसे ठन्डे पानी से धो ले।
दाग धब्बे सुझाव – 5 (Tip 5)
सामग्री (Ingredients)
संतरे के छिलके का पाउडर – 2 बड़े चम्मच
दही – 1tbsp
नींबू के रस का – 1 बड़ा चम्मच

एक बर्तन में २ चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर ले अब इसमें नींबू का रस और दही मिलाये। सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला ले और चेहरे पर सामान मात्रा में फैला ले। इसे सूखने के लिए छोड़ दे। 10 मिनट में यहाँ सुख जायेगा फिर इसे ठन्डे पानी से धो ले। यह घरेलु फेस ब्लीच त्वचा को काले से गोरा बनाने में मदद करेगा और त्वचा में चमक को बढाएगा।
दाग धब्बे के लिए सुझाव – 6 (Tip 6)
सामग्री (Ingredients)
ककड़ी का रस – 2 चम्मच
एलोवेरा जेल – दो चम्मच

दोनों सामग्री को मिला ले और अब अपने चेहरे पर लगाये। 20 मिनट के लिए इसे छोड़ दे और फिर ठन्डे पानी से धो ले। यहाँ आपकी त्वचा को मुलायम करेगा व गोरा बनाएगा।


काले दाग धब्बों के लिए सुझाव – 7 (Tip 7)
सामग्री (Ingredients)
टमाटर – 2 पिसा हुआ
दही – एक कप

एक चलनी की सहायता से टमाटर का गुदा निकल ले। टमाटर का पेस्ट बनाये व नरम भाग का प्रयोग करे। अब इस मिश्रण में दही मिलाये। यहाँ चेहरे पर लगाने के लिए तैयार हो गया है,इसे चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगा ले और फिर ठन्डे पानी से धो ले। टमाटर में प्राक्रतिक रसायन होता है जो की त्वचा को प्राकृतिक ब्लीच प्रदान करता है। विटामिन c दही व टमाटर दोनों में पाया जाता है जो की आपकी त्वचा को नुकसान से बचाता है।
ब्लीच करने की विधि – 8 (Tip 8)
सामग्री (Ingredients)
शहद – 2 चम्मच
नीबू का रस 2 चम्मच

शहद ले इसे चेहरे की त्वचा पर लगाये। शहद में त्वचा को मुलायम करने के गुण होते है जिससे आपकी त्वचा का रंग सामान्य बना रहता है। अगर आपकी त्वचा शुष्क है तो त्वचा का रंग सामान्य नहीं होता है। शहद में प्राक्रतिक रूप से नमी के गुण होते है जो की आपकी त्वचा में निखार लाते है। इससमे उपस्थित बैक्टीरियल विरोधी गुण मुहाँसे के निशान या अन्य निशानों को मिटाने में मदद करता है।


निम्बू का रस शहद में मिलाये और इसे पिस ले। अब इसमें दूध पाउडर और बादाम का तेल मिलाये और पिस ले। अब इसे आपके चेहरे की त्वचा पर लगाये जब यह सुख जाये तो इसे ठन्डे पानी से धो ले। यह चेहरे को गोरा रंग और चमक देगा इसे एक हफ्ते तक इस्तेमाल करे।



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Thursday, July 21, 2016

दांतों का पीलापन दूर करने के घरेलू उपाय


सफेद और चमकते दांत किसी की भी पर्सनेलिटी में निखार ला सकते हैं। बहुत से लोग पीले दांतों के कारण लोगों के सामने हंसने से बचते हैं या मुंह पर हाथ रखकर हंसते हैं। दांत ज्यादातर उम्र के कारण, दांतों की ठीक से सफाई न होने के कारण, बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने के कारण अथवा तंबाकू और सिगरेट पीने के कारण पीले हो जाते हैं।
कभी कभी किसी बीमारी के कारण भी दांत पीले हो जाते हैं। हालांकि पीले दांतों को सफेद बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। थोड़ी सी मेहनत से आप पीले दांतों को सफेद बना सकते हैं। आइए आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं जो आपके दांतो की सफेदी और चमक को बनाए रखेंगे।
1. बेकिंग सोडा- (Baking Soda)
बेकिंग सोडा दांतों को सफेद बनाने का सबसे आसान तरीका है। यह दांतों से प्लाक को खत्म करके दांतों की सफेदी और चमक बनाए रखता है।
कैसे उपयोग करें
- रोज ब्रश करते समय अपने पेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग पाउडर डालें और ब्रश करें। दांतों की सफेदी लौट आएगी।
- एक कप पानी में बेकिंग सोडा और हाइड्रोजन पर ऑक्साइड (hydrogen peroxide) मिलाकर माउथ वॉश (mouthwash) की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. संतरे का छिलका- (Peel of Orange)
संतरे के छिलके से रोज दांतों की सफाई करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत चमकने लगेंगे।
कैसे उपयोग करें
- रोज रात को सोते समय संतरे के छिलके को दांतों पर रगड़ें। संतरे के छिलके में विटामिन सी (vitamin c) और कैल्शियम के साथ माइक्रोऑर्गेनिज्म (micro organism) होता है जो दांतों की मजबूती और चमक बनाए रखता है।
3. स्ट्रॉबेरी- (Strawberry)
स्ट्रॉबेरी में भी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जो कि दांतों को सफेद बनाने में सहायक है।
कैसे उपयोग करें
- स्ट्रॉबेरी के कुछ टुकड़ों को पीसकर, इस लेप को दांतों पर लगाकर मसाज करें। इसे दिन में दो बार करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत सफेद होने लगते हैं।
- बेकिंग सोडा और स्ट्रॉबेरी के पल्प को मिलाकर भी दांतों पर रगड़ने से दांतों का पीलापन खत्म होता है।
4. नींबू- (Lemon)
नींबू के प्राकृतिक ब्लीचिंग (natural bleach) के गुण दांतों पर भी असर दिखाते हैं। पीले दांतों के लिए नींबू के छिलके को दांतों पर रगड़ा जा सकता है, या नींबू के पानी से गरारे भी किए जा सकते हैं।
कैसे उपयोग करें
- नींबू के साथ नमक मिलाकर दांतों की मसाज करें।
- दो हफ्तों तक रोजाना दो बार करने से दांत चमकने लगेंगे।
5. नमक- (Salt)
नमक को पुराने समय से ही दांतो की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह दांतों के खोए मिनरल्स लौटाता है जिससे दांतों का सफेद रंग बना रहता है।
कैसे उपयोग करें
- रोजाना सुबह टूथपेस्ट की तरह नमक को दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नमक को चारकोल में मिलाकर भी दांतों की सफाई की जा सकती है जिससे दांत सफेद होते हैं।
- नमक और बेकिंग पाउडर मिलाकर भी मंजन तैयार किया जा सकता है।
6. तुलसी- (Basil)
तुलसी में भी दांतों को सफेद बनाने का गुण होता है। इसके साथ ही तुलसी पायरिया आदि से भी दांतों की रक्षा करती है।
कैसे उपयोग करें
- तुलसी के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना इस्तेमाल करने वाले टूथपेस्ट में मिलाकर दांतों की सफाई करें।
- तुलसी के पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें सरसों का तेल (mustard oil) मिलाएं। इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने पर भी बहुत फायदा होता है।
7. सेब- (Apple)
सेब को डाइट में शामिल करने से भी दांतों की सफेदी लौटाई जा सकती है। सेब की क्रंचीनेस दांतों को प्राकृतिक तौर पर स्क्रब करती है। रोजाना एक या दो सेब जरूर खाएं और खूब चबा चबा कर खाएं। इसी तरह गाजर और खीरा भी कच्चा खाने से दांत सफेद तथा मजबूत बनते हैं।





















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कुछ आसान घरेलू उपायों से दूर करें त्वचा का कालापन



गर्मियों में त्वचा का कालापन बेहद आम समस्या है, लेकिन इससे छुटकारा पाना आसान नहीं है। त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप त्वचा को कोई नुकसान पहुंचाए बिना ही कालेपन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। एक वरिष्ठ होमियोपैथ विशेषज्ञ ने गर्मियों के कारण पैदा हुए कालेपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय बताए हैं-




खीरा, गुलाब जल और नींबू के रस का पैक: कालेपन को दूर करने के लिए बेहतरीन हैं खीरा और नींबू। नींबू त्वचा की रंगत को हल्का करता है, जबकि खीरा और गुलाब जल त्वचा को ठंडक प्रदान करते हैं। इन्हें मिलाकर त्वचा पर लगाएं। 10 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें। अच्छे परिणाम के लिए यह पैक हर रोज लगाएं।





पपीता और शहद का फेसपैक: पपीते में मौजूद एंजाइम्स के कारण यह पैक चेहरे के कालेपन को दूर करने में मदद करता है। पपीते में मौजूद एंजाइम्स त्वचा की रंगत को हल्का करते हैं और दाग-धब्बे दूर करते हैं। शहद त्वचा में नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाता है। आधा कप पके पपीते को मसलकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। इस पैक को लगाएं और पानी से धो लें। यह भी पढ़े-गर्मी की बीमारियों से यूं बचें



टमाटर, दही और नींबू का रस: इस पैक में नींबू, दही और टमाटर के रंगत निखारने वाले गुण हैं। नींबू त्वचा के गहरे धब्बों को दूर करता है, टमाटर का रस खुले रोमछिद्रों को बंद करता है और त्वचा के तैलीयपन को कम करता है, जबकि दही त्वचा को नमी देती है और त्वचा को पोषण देती है। यह पैक बनाने के लिए तीन बड़े चम्मच टमाटर का गूदा, एक बड़ा चम्मच नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच दही लें। इन्हें अच्छी तरह मिलाकर त्वचा पर लगाएं। इसे आधा घंटा सूखने दें और फिर धो लें।

चंदन का पाउडर और नारियल पानी : चंदन का पाउडर त्वचा की सफाई करता है और त्वचा से गंदगी, मृत कोशिकाओं और धब्बों को दूर करता है। एक बड़ा चम्मच चंदन पाउडर को नारियल पानी में मिलाएं और उसमें बादाम के तेल की कुछ बूंदें डालें। 20 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें।




















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Wednesday, July 20, 2016

ये 9 आदतें कम करती है आपकी मेमोरी, बदलाव है जरुरी






गाड़ी की चाबी रखकर भूल गए। अभी दो मिनट पहले दोस्त ने एक नबंर बताया, पांच मिनट वो भी भूल गए। शाम की मीटिंग का टाइम और जगह का नाम फोन में रिमाइंडर लगाया, लेकिन फोन ही रखकर भूल गए। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो सोच कर परेशान नहीं हों, बल्कि अपने खानपान में बदलाव करें। यह भूलने की आदत आपके रोज़ाना की भागदौड़ की वजह से नहीं, बल्कि आप जो खा रहे हैं, उसकी वजह से है। आज हम आपको आपकी उन 9 आदतों के बारे में बता रहे है जो आपकी कम होती याददाश्त के लिए जिम्मेदार है।


1. सिगरेट
अगर आप भी स्टाइल मारने के लिए सिगरेट पीते हों तो संभल जाएं। सिगरेट आपके हिसाब से आपको स्टाइलिश तो बना रही है, लेकिन आपके दिमाग को खाली करती जा रही है। जी हां, सिगरेट और स्मोकिंग पर हुई कई स्टडी बताती हैं कि यह एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आपकी मेमोरी को कम करती है।






2. एल्कोहल
शादी का जलसा हो या कोई पार्टी, हाथ में शराब से भरा जाम लिए मस्ती में झूमते लोग आपको जरूर दिख जाएंगे। कोई भी मौका हो, शराब के शौकीन एक दो पैग तो लगा ही लेते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो ध्यान दें कि यह आदत आपके दिमाग को धीरे-धीरे कमज़ोर कर रही है। स्टडी बताती है कि हफ्ते में तीन बियर या तीन ग्लास वाइन पीने से कॉन्सन्ट्रेशन पावर और याद्दाश्त कम होती है।



3. ट्रांस फैट्स
अनसैचुरेटेड फैट को ट्रांस फैट कहते हैं। इसे पचाने में बॉडी को बहुत मुश्किल होती है। इस कारण ये सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। चिप्स, कुकीज, कैंडी बार, फ्राइड फूड्स में ट्रांस फैट होता है। डाइजेस्टिव सिस्टम के साथ ही यह मेमोरी को भी प्रभावित करता है। इसीलिए इनका सेवन कम ही करें।

4. डिप्रेशन
डिप्रेशन से दिमाग पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इससे मेमोरी बुरी तरह प्रभावित होती है। स्टडी से पता चला है कि डिप्रेशन हिप्पोकम्पस को नुकसान पहुंचाता है। ब्रेन का यह हिस्सा मेमोरी को बनाता और डेवलप करता है। डिप्रेशन से चीज़ों को याद रखने की क्षमता कम होती है।

5. न्यूट्रिशन की कमी
न्यूट्रिशन की कमी भी मेमोरी को कम करती है। इसीलिए शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिलने चाहिए, खासकर विटामिन बी कॉम्पलेक्स। इस विटामिन की कमी से मेमोरी लॉस भी हो सकता है। इसलिए विटामिन बी से भरपूर फूड जैसे अंडे, रेड मीट, फिश, डेयरी प्रोडक्ट्स जरूर खाएं।


6. रिफाइंड ग्रेन
होल ग्रेन में बहुत सारा फाइबर होता है, इसीलिए यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। लेकिन रिफाइंड ग्रेन (ब्रेड, डबल रोटी, बिस्किट आदि) में फाइबर पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह तो है ही, मेमोरी पर भी असर डालता है।

7. सैचुरेटेड फैट्स
सैचुरेटेड फैट जैसे मक्खन, घी, मलाई, चिकन, मीट आदि का ज्यादा सेवन डाइजेस्टिव सिस्टम को तो खराब करता ही है, साथ ही मेमोरी को भी धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। साथ ही इससे दिल की रक्त वाहिकाओं के संकरा होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

8. ज्यादा शुगर
अपने खाने में ज्यादा शुगर लेने से मेमोरी को नुकसान पहुंचता है। इसीलिए जितना हो सके, कम शुगर लें। जैसे चाय या कॉफी में चीनी कम से कम डालें। बाहर से मिठाई या आर्टिफिशियल शुगर कम लें।

9. स्ट्रेसफुल इवेंट
आपके पास जब भी अचानक कोई स्ट्रेस भरा काम आता है, तो आपका दिमाग उसका सॉल्युशन ढूंढने में लग जाता है। यह स्वाभाविक तौर पर होता है, लेकिन लोग फिजूल में दिमाग पर प्रेशर डालने लगते हैं। इससे दिमाग के काम करने की क्षमता घट जाती है। साइकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि किसी भी समस्या में सामान्य बने रहें। तब दिमाग सही से काम करेगा, नहीं तो प्रेशर डालने पर ऐसे सिग्नल मिलने लगेंगे कि आप काम से बचने का बहाना भी बनाने लग सकते हैं।





















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हर तरह के कफ से छुटकारा दिलाए नारियल तेल और शहद



जब शरीर की इम्‍यूनिटी कम हो और मौसम बदल रहा हो, तो शरीर को सर्दी और कफ हो ही जाती है। वैसे कफ होना कोई बड़ी समस्‍या नहीं है बल्‍कि इससे तो गला साफ हो जाता है। जब भी फेफडे़ में कफ जमा हो तो घरेलू उपचार करने से राहत मिलती है।  अगर आपको भी कफ की समस्‍या बार-बार सताती है या फिर आपके बच्‍चे को हर वक्‍त कफ रहता है तो, आप यहां बताए हुए नुस्‍खे का प्रयोग अवश्‍य करें।

नारियल तेल और शहद का अद्भुत मिश्रण  नारियल तेल में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं और शहद में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। इन दोनों को अगर मिला कर सेवन किया जाए तो कफ से तुरंत ही छुटकारा पाया जा सकता है। डॉक्‍टरों का कहना है कि अगर आप कफ से पीडित हैं तो रोजाना दिन में दो बार 1 या 2 चम्‍मच शहद को नारियल तेल में मिक्‍स कर के पीना चाहिये। अगर इस मिश्रण में थोड़ा सा नींबू का रस भी मिक्‍स कर दिया जाए तो इसका असर दोगुना हो जाता है। तो अब देर मत कीजिये अगर आपको भी कफ हुआ है तो नारियल और शहद का सेवन करना ना भूलें।




















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चेहरे के काले दाग धब्बे मिटाने के लिए घरेलू उपाय


सुंदर खूबसूरत और बेदाग़ चेहरा हर किसी की ख्वाहिश होती है, पर अगर चेहरे पर एक छोटा सा दाग-धब्बा भी दिखाई दिया तो वो खूबसूरती के साथ साथ आत्मविश्वास को कम कम कर सकता है। वैसे तो बाजार में ऐसे कई उत्पाद हैं जो चेहरे से काले धब्बे हटा सकते हैं लेकिन इन्हें लगाने के कुछ समय बाद ही इनका असर ख़त्म हो जाता है। इसलिए आपको ऐसे उपायों की जरुरत है जो लंबे समय तक फायदेमंद हो और जो दाग धब्बों को जड़ से मिटा दें। आइए जानें ऐसे ही कुछ घरेलू उपाय-
टमाटर (Tomatoes for blemish removal)
टमाटर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी त्वचा के दाग मिटाने में बहुत असरदार होते हैं। टमाटर को नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर त्वचा में निखार आता है। इसमें  लायकोपेन होता है जो धूप से काली पड़ी त्वचा का इलाज करता है। 
चेहरे पर टमाटर का रस लगाकर 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें और फिर ठंडे पानी से धो लें।
नींबू का रस (Lemon or potato Juice) 
नींबू या आलू का रस चने के आटे में मिलाकर पेस्ट बना लें। 15-20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर फिर धोएं। इसके नियमित इस्तेमाल से दाग धब्बे दूर होते हैं।
बादाम और दूध (Reduce blemishes with almonds and milk)
बादाम में मौजूद विटामिन-ई जहाँ त्वचा की देखभाल करता है वहीँ दूध में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा से रेशे हटाता है।
अपने चेहरे और गर्दन पर बादाम का तेल लगाकर मालिश करें और 15 -20 मिनट बाद अतिरिक्त तेल को पोछ लें। ऐसा नियमित रूप से करने पर जल्द फायदा मिलेगा।
अन्य तरीके में 7– 8 बादाम पानी में 12 घंटे या उससे ज्यादा समय के लिए भिगोयें और फिर छिलके निकालकर उन्हें पीसकर उसमे थोड़ा सा दूध मिलाएं। इस पेस्ट को दाग- धब्बों पर लगाएं और पूरी रात के लिए छोड़ दें।
सुबह ठंडे पानी से धो डालें। 15 दिन में ही इसका असर दिखने लगेगा।
आलू (Home remedy with potato)
चेहरे से दाग धब्बे मिटाने के लिए सबसे सस्ता और अच्छा उपाय है आलू। अगर आपने आलू के स्लाइस बनायें हो तो चेहरे पर उन्हें 10 मिनट तक घिसें और यदि कसे हुए हों तो चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें।
दिन में 2-3 बार ऐसा करने से इसका असर जल्द दिखाई देगा।
पुदीना (Mint leaves to reduce scars)
पुदीना मुंहासों पर अच्छी तरह से काम करके उन्हें सुखाकर त्वचा के रंध्रों को साफ़ करता है। 
पुदीना के पत्तों में पानी मिलाकर उन्हें पीस लें। यह पेस्ट धब्बों पर लगाएं और 15- 20 मिनट के लिए छोड़ दें फिर ठंडे पानी से धो डालें। ऐसा हफ्ते में 1 बार जरूर करें।





















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Tuesday, July 19, 2016

ज्यादा नमक खाने के नुकसान




ज़्यादा नमक खाने से रक्तचाप बढ़ जाता है। हाइपरटेंशन (hypertension) की वजह से आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है और है और दिल की अन्य बीमारियां भी घेर सकती हैं। UK में मौत और विकलांगता के कारणों में से एक अधिक नमक का सेवन करना भी है। कई लोगों के अनुसार अधिक नमक खाने से पेट का कैंसर (cancer) और मोटापे, ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) और किडनी (kidney) की कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ज़्यादा नमक खाने से वैस्कुलर डेमेंटिया (vascular dementia) और पानी सोखने की समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं। नमक का ज़्यादा सेवन करने से दमे की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। इससे मधुमेह की समस्या भी उत्पन्न होती है और यही कारण है कि आज से ही नमक के सेवन में सावधानी बरतें।


शरीर के लिए ज़रूरी सोडियम मुख्य रूप से नमक द्वारा मिलता है लेकिन आवश्यकता से अधिक सोडियम की मात्रा (namak khane ke nuksan) बॉडी के लिये हानिकारक हो सकता है। मायो क्लिनिक के अनुसार ज्यादातर लोग 3,400 मि.ग्रा. सोडियम प्रतिदिन की डाइट में लेते हैं जबकि 1500 से 2,300 मि.ग्रा. संतुलित आहार के लिए पर्याप्त होता है। जितनी ज्यादा सोडियम की मात्रा आप लेते हैं उतना ही बीमार होने का खतरा बढ़ता जाता है।
अधिक नमक के सेवन से स्ट्रोक की सम्भावना (Salt Intake can cause stroke)


स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग में रक्त का संचार होना बंद हो जाता है। इससे दिमाग के मुख्य भाग में ऑक्सीजन (oxygen) का बहाव भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से कोशिकाएं मृत हो जाती हैं। स्ट्रोक्स दो तरीके से हो सकते हैं। आप इश्चेमिक स्ट्रोक (ischemic stroke) से पीड़ित हो सकते हैं, जो तब होता है जब रक्त कोशिकाओं में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। आपको हेमरेजिक स्ट्रोक (hemorrhagic stroke) भी हो सकता है, जो तब होता है जब आपके रक्त की वाहिनियां फट जाती हैं और इससे मस्तिष्क में अत्याधिक रक्तस्त्राव होता है। गंभीर व्यस्क विकलांगता का मुख्य कारण स्ट्रोक होता है। स्ट्रोक उच्च रक्तचाप की वजह से हो सकता है और उच्च रक्तचाप नमक के अतिरिक्त सेवन से होता है। यही कारण है कि स्ट्रोक होने का मुख्य कारण नमक है। यह बात बिल्कुल गलत है कि उम्र बढ़ने पर ही स्ट्रोक की समस्या पैदा होती है। नमक का सेवन कम करने से स्ट्रोक की संभावना को कम किया जा सकता है।

अधिक नमक के सेवन से कोरोनरी दिल की बीमारी (Excess salt intake can cause coronary heart disease)

अत्याधिक नमक के सेवन से आपको कोरोनरी दिल की बीमारी भी हो सकती है। यह बीमारी तब होती है जब रक्त का दिल की तरफ संचार कम हो जाता है या फिर रक्त के बहाव में कोई रूकावट आती है। इससे दिल की कोई बड़ी समस्या हो सकती है और आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है। UK में हर साल करीब 300000 लोग दिल की बीमारी के शिकार होते हैं। अगर आपका रक्तचाप बढ़ा हुआ हो तो आपके कोरोनरी दिल की बीमारी से पीड़ित होने की काफी ज़्यादा सम्भावना होती है। जब रक्तचाप ज़्यादा होता है तो रक्त की धमनियों की दीवारें मोटी हो जाती हैं। यह इतनी संकरी हो जाती है कि इससे दिल में रक्त का संचार नहीं हो पाता। अगर ऐसा लगातार होता रहे तो इससे दिल की मांसपेशियों के मोटे होने की समस्या जन्म लेती है। इससे दिल की शरीर के हर कोने में रक्त का संचार करने की शक्ति काफी कम हो जाती है और इससे दिल का दौरा पड़ता है। दिल में पर्याप्त मात्रा में रक्त का संचार ना होने से दिल का दौर पड़ सकता है। अधिक नमक खाने से रक्तचाप बढ़ा रहता है और इससे दिल की बीमारी होने की काफी ज़्यादा सम्भावना होती है। अतः यह काफी ज़रूरी है कि आप नमक का सेवन कम करें और साथ साथ ही वज़न घटाने और जीवनशैली में परिवर्तन करने की ओर पहला कदम लें।
अधिक नमक के सेवन से मोटापा (Salt intake can cause obesity)




यह बात आपके लिए जाननी काफी ज़रूरी है कि अतिरिक्त नमक के सेवन से वयस्कों में मोटापे की समस्या देखी गयी है। एक बार जब आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं तो आपके उच्च रक्तचाप, कोरोनरी दिल की बीमारी, मधुमेह, स्लीप एपनिया (sleep apnea) आदि से ग्रस्त होने की सम्भावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। अधिक नमक से सेवन से आपको प्यास लगती है और इसी वजह से आप ज़्यादा द्रव्यों का सेवन करते हैं। अगर ये द्रव्य मीठे हुए तो आपका वज़न बढ़ने की पूरी सम्भावना है। चीनी युक्त पेय पदार्थों में काफी शक्ति होती है और इसीलिए इनका सेवन करने से वज़न बढ़ता है।
अधिक नमक – उच्च रक्तचाप (Salt Intake can cause high blood pressure)

सोडियम की बड़ी हुई मात्रा को किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकाला जाता है पर जब सोडियम की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है तो किडनी पूरी तरह से इसे बाहर नहीं निकाल पातीं और खून में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है और हृदय को इसे पंप करने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है जिसके फलस्वरूप ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।
दमा (Asthma)

अधिक नमक के सेवन से दमे की समस्या भी आपको सता सकती है। हर 11 में से एक बच्चा और हर 12 में से एक व्यस्क दमे का शिकार होता है। अगर आपके बच्चे को दमे की समस्या है तो उसके खाने में नमक की मात्रा को कम करें, अन्यथा स्थिति विकट हो सकती है। एक बार नमक का सेवन कम करने से आपके स्वास्थ्य में निखार आएगा।

अधिक नमक खाने से जल अवरोधन (Fluid retention)



प्राकृतिक रूप से नमक (jada namak khana) पानी को सोखता है नमक की बढ़ी हुयी मात्रा से शरीर में पानी की कमी होती है। पानी की कमी स्वास्थ्य की लिये हानिकारक होती है पैरों की सूजन, जोड़ो में दर्द, वजन का अचानक बढ़ना या कम हो जाना आदि लक्षण वाटर रिटेंशन को दर्शाते हैं। जिसके कारण ह्रदय रोग, गुर्दे की खराबी, फेंफड़ों की खराबी और आर्थराइटिस जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिये डॉक्टर हमेशा सोडियम की संतुलित मात्रा लेने की सलाह देते हैं।
नमक के नुकसान – अन्य खतरे (Other dangers)

भोजन में अधिक मात्रा में लिया गया नमक बॉडी के वाटर लेवल को असंतुलित करता है। सोडियम, पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ मिलकर शरीर के तत्वों के लेवल को संतुलित रखता है, लेकिन सोडियम की बढ़ी हुई मात्रा की वजह से ये बैलेंस अव्यवस्थित हो जाता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है जिससे हार्ट डिजीज, किडनी की खराबी, और स्ट्रोक जैसी समस्यायें उत्पन्न होने लगती हैं।
स्त्रोत (Source)

प्रोसेस्ड और डब्बा बंद खाना सोडियम का सबसे प्रमुख स्त्रोत होता है, बाजार में मिलने वाले पैक किये हुये चिप्स, पिज़्ज़ा, कैंड सूप आदि में सोडियम की अच्छी खासी मात्रा होती है जो शरीर सोडियम लेवल को बढ़ाती है । इसके अलावा ब्रेड, पनीर और कुछ स्नेक्स भी सोडियम के मुख्य स्त्रोत होते हैं। किसी भी तरह की खाद्य सामग्री बाजार से खरीदते समय उसमे सोडियम की मात्रा की जांच करें और कम मात्रा वाले प्रोडक्ट ही खरीदें, अपने सोडियम लेवल पर हमेशा नज़र रखें।



















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पेट के गैस से बचने के लिए अच्छे सुझाव





एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में करीबन 14 से 23 बार वायु छोड़ता है। कई बार यह इतना भी बुरा नहीं होता कि हम इसे घृणास्पद कह सकें। यह एक प्राकृतिक चीज़ है जो हर व्यक्ति के साथ होती है। फिर भी अगर आप पेट की वायु को कम करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कुछ सामान्य नुस्खों का पालन करें।


गैस का बनना और बाहर निकलना सामान्य बात है। गैस वास्तव में हवा का ऑक्सीजन से और भोजन की अशुद्धियों के पाचन की वजह से तैयार होती है। इसमें से कुछ गैस डकार के माध्यम से बाहर आती है और बाकी छोटे आंत्र पथ से गुजरकर बाहर जाती है। कुछ व्यक्तियों के पेट में अतिरिक्त गैस बनती है जो उनके लिए बहुत असुविधाजनक हो सकता है। उचित आहार लेकर गैस उत्पादन में कटौती हो सकती है। पेट की गैस को नियंत्रित करने के लिए कुछ सरल उपाय नीचे दिये गये हैं।

आलू, मक्का, नूडल्स जैसे स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ और गेहूं गैस के उत्पादन के जोखिम में वृद्धि करते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ कम खाएं। चावल ही केवल ऐसा स्टार्च युक्त पदार्थ है जो गैस नही बनाने देता।
क्या खाएं? (What to eat?)

हमारे पेट में काफी अच्छे बैक्टीरिया (bacteria) होते हैं जो हमें तेज़ी से भोजन पचाने में मदद करते हैं। ये वाही बैक्टीरिया हैं जो बड़ी आँतों के द्वारा खाना हज़म करवाते हुए गैस का भी निर्माण करते हैं। पेट में गैस बनाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ निम्नलिखित हैं :-


बीन्स (beans) और दालें
अंकुरित अनाज, बंदगोभी, ऐस्पैरागस (asparagus), ब्रोकली (broccoli) आदि
फ्रुक्टोस (fructose) की प्राकृतिक चीनी जो प्याज, नाशपाती, पेय पदार्थों, गेहूं आदि में मौजूद रहती है।
दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों से प्राप्त होने वाला लैक्टोस (Lactose)
मटर और फाइबर (fiber) से युक्त भोजन
आलू, पास्ता (pasta), मकई तथा स्टार्च (starch) युक्त अन्य भोजन
ताज़े फल और नकली मिश्रित चीनी
भूरे चावल, साबुत गेहूं, ओटमील (oatmeal) और साबुत अनाज।

ये सारे भोजन स्वास्थ्यकर हैं और हम आपसे इनका सेवन बंद करने को भी नहीं कह रहे। आपको सिर्फ कुछ चीज़ों का ध्यान रखना पड़ेगा।
एक छोटी पुस्तिका लें जिसमें आप अप ने द्वारा खाए जाने वाले भोजन का ब्योरा लिखेंगे। अगर आपके पेट में गैस की समस्या उत्पन्न होती है तो आप इस पुस्तिका के द्वारा जान सकते हैं कि क्या खाकर यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
अगर आपको लगता है कि कोई ख़ास चीज़ खाकर आपको ज़्यादा गैस हो रही है तो उसका सेवन ना करना ही अच्छा है। उदाहरण के तौर पर कई लोग दूध हज़म नहीं कर पाते। अगर आपको लगता है कि सादे दूध के सेवन से गैस उत्पन्न हो रही है तो किसी अन्य दुग्ध उत्पाद का सेवन करें या इसे स्वास्थ्यकर पेय पदार्थों या कॉर्न फ्लेक्स (cornflakes) आदि के साथ लें।
ऐसे भोजन से परहेज करें जो गैस उत्पन्न करता हो। ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनका सेवन करके हमें हमेशा ही गैस की समस्या होती है। स्वास्थ्यकर भोजन का सेवन करें जिससे गैस की समस्या अगर पूरी तरह ठीक ना भी हो तो भी नियंत्रित हो ही जाए।
खानपान को नियंत्रित कैसे करें ? (How do adjust your diet?)

कई बार दिन के गलत वक्त पर भोजन करने से गैस की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अतः अपनी दिनचर्या को बदलकर इस स्थिति को आने से रोकें।

अगर आपको पता है कि किसी भोजन से आपके पेट में गैस उत्पन्न होती है, तो उसका सेवन कम से कम करें। अगर यह साबुत अनाज और हरी सब्जियों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं तो इनकी जगह कोई और भोजन चुनकर अपनी पाचन प्रणाली को आराम दें।



स्वस्थ पाचन प्रणाली के उपाय (Tips to a healthier digestive system)
व्यस्त जीवन का अर्थ यह नहीं है कि आप भोजन करने के लिए 10 – 15 मिनट नहीं निकाल सकते। खाते समय भोजन को जितना हो सके चबाने की कोशिश करें। बड़ा ग्रास निगलने से पेट में वायु की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
धूम्रपान, अतिरिक्त गम (gum) चबाने या मिठाई खाने से गैस की समस्या उत्पन्न होती है।
किसी सामाजिक कार्यक्रम या मीटिंग (meeting) में जाने से पहले ज़्यादा भोजन ना करें। जब आपका पेट भरा हो और आपको गैस निकालने में असुविधा हो रही हो तो आप काफी कष्ट का अनुभव करते हैं।
फिजी (fizzy) पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।
रोजाना व्यायाम करें। आप सुबह उठकर चहलकदमी कर सकते हैं या फिर जिम (gym) भी जा सकते हैं। अपने सभी अंगों को स्वस्थ रखने के लिए जिम जाना काफी ज़रूरी है।
ऐसी मीठी चीज़ों या उत्पादों का सेवन ना करें, जिनमें सोर्बिटोल (sorbitol) पाया जाता हो। ऐसी दवाइयों से भी परहेज करें जिसमें इस तत्व की मात्रा हो।
आप रेड वाइन (red wine) या काली चाय पीकर गैस की तकलीफ से निजात पा सकते हैं।
आरामदायक कपड़े पहनें। कसे हुए कपड़े आपको कष्ट देते हैं और पेट में सूजन पैदा करते हैं। इससे गैस निकलने में भी कठिनाई होती है और यह आपके पेट के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।
गैस को कम करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to reduce and avoid gas)
दालचीनी (Cinnamon)

यह आपके पेट को आराम देता है और गैस से बचाता है। आधे चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में मिश्रित करें। इसे अच्छे से मिलाएं और पी लें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद भी मिश्रित कर सकते हैं। आप दालचीनी की चाय भी बना सकते हैं। इसके लिए सिर्फ उबलते पानी में थोड़ा सा पाउडर मिलाएं और इसे पी लें।
अदरक (Ginger)




गैस्ट्रिक का इलाज अदरक खाना हजम करने के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। पिसे हुए अदरक को सौंफ और इलायची की बराबर मात्रा के साथ लें। इन सबको अच्छे से मिलाकर एक गिलास पानी में डालें। इसमें थोड़ी सी हींग मिश्रित करके दो बार पियें। अदरक का बार बार भोजन में सेवन करने से गैस से निजात मिलती है। आप भारी भरकम भोजन करने के बाद कच्चा अदरक चबाकर भी गैस की स्थिति से मुक्ति पा सकते हैं।
लहसुन (Garlic)

लहसुन में पेट की आग को बुझाने के गुण होते हैं जिससे गैस बननी भी बंद हो जाती है। लहसुन का सूप (soups) गैस कम करने और हाजमा सही करने के लिए काफी अच्छा होता है। पिसे हुए लहसुन को उबालकर उबलते पानी में भी मिलाया जा सकता है। इसमें काली मिर्च और जीरा भी डालें। इसे छानकर हल्का गर्म रहते हुए ही इसे पी लें।
सौंफ (Fennel)

आपने कई जगह देखा होगा कि भोजन के बाद सौंफ दिया जाता है, क्योंकि यह मुखशुद्धि के रूप में कार्य करता है और भोजन पचाने में भी सहायता करता है। अगर आप पेट में गैस पैदा नहीं करना चाहते तो भी आप सौंफ का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए गर्म पानी में थोड़ा सा सौंफ मिलाएं और इसके गर्म रहते हुए ही इसे पी लें। आप इलायची के साथ सौंफ और पुदीने के पत्तों को उबलते पानी में मिलाकर और इसे पीकर पेट की गैस से निजात प्राप्त कर सकते हैं।
इलायची (Cardamom)

इलायची एक और रसोई का उत्पाद है जो पेट की गैस से मुक्ति दिलाता है। आप भुनी हुई इलायची का प्रयोग सब्जियों, डाल और चावल में कर सकते हैं और बाद में गैस की समस्या से बच सकते हैं।इलायची के 2 – 3 फाहे रोजाना खाकर मुंह ताज़ा करें और पेट साफ़ करें। आप इसे चाय में मिलाकर इसे स्वादिष्ट बना सकते हैं।
अन्य घरेलू नुस्खे (Some other remedies)
गैस का उपचार, कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से गैस पैदा करते हैं। इसलिए शक्कर से भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। लैक्टोज, रफ्फिनोस, सोर्बिटोल, फ्रुक्टोज ऐसी प्रकार की शक्कर गैस तैयार करती हैं। फलों के रस, नाशपाती, प्याज, मीठी टॉफी और च्युइंग गम ऐसी चीनी से भरे हैं। इसलिए ऐसे पदार्थ कम खाएं।
पेट में गैस का इलाज, सिमेथिकोन युक्त फोमिंग एजेंट आसानी से डकार करके आपके पेट से बाहर निकालने में सक्षम हैं।
एसिडिटी के उपाय (acidity ke upay), ज्यादा शराब पीना पाचन कम करता है। गैस की समस्या दूर करने के लिए शराब छोड़ना महत्वपूर्ण है।
गैस की तकलीफ ज्यादा होने पर आसानी से मिलनी वाली दवाएं या अंटएसिड लें।



अगर दूध पिने से गैस हो तब लाक्टोस एंजाइम का घटक वाले फलों के रस या गोलियां ले जो दूध के पाचन में मदद करता है।
गैस का दर्द, धुम्रपान न करें।
अघुलनशील लिनेन भरे खाद्य पदार्थ कम खाएं। यह खाद्य पदार्थ कुछ ज्यादा समय के लिए पाचन आंत्र पथ में रहते हैं और गैस उत्पादन का कारण बनते हैं।
गैस के घरेलू उपाय, पानी ज्यादा पियें। कोल्ड्रिंक का सेवन न करें।
अगर आपको कब्ज की समस्या है तो ज्यादा पानी पियें जिससे यह समस्या दूर हो जाये।
गैस का आयुर्वेदिक इलाज(gas ki dawa), कुछ दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से गैस तैयार हो सकती हैं | इसलिए कोई दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है।
खाते समय हवा कम निगलें। इसलिए खाते समय खाना धीरे से और चबाकर खाएं।
खाने के बाद तुरंत सोना मना है | इससे गैस तैयार होना कम होता है।
अगर ऊपर दिए गए उपायों का उपयोग न हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
कुछ लोगों को कुछ पदार्थ खाने से गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए खाने पर ध्यान देकर ऐसे पदार्थ खाना कम करें या बंद करें।
















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Monday, July 18, 2016

खुजली से हों परेशान, तो अपनाएं यह उपाय


गंदगी, एलर्जी या फिर अन्य कारणों से होने वाली खुजली, आपकी त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाती है। कई बार शरीर में छोटी-छोटी फुंसियां होना और उसे खुजाने पर खून निकलने जैसी समस्या भी सामने आती है, जो त्वचा के लिए और भी खतरनाक है ।आइए जानते हैं, खुजली के कुछ घरेलू समाधान




1 नीम की पत्तियों को उबालकर, उस पानी से स्नान करने से शरीर और त्वचा में मौजूद कीटाणु समाप्त हो जाते हैं, और खुजली होने की परेशानी से निजात मिलती है।




2 लहसुन की कुछ कलियां लेकर उसे सरसों के तेल में डालकर गर्म करें। जब वे कलियां पूरी तरह से जल जाए, तो उस तेल को छानकर, पूरे शरीर में उसकी मालिश करें। खुजली में लाभ होगा।

3 तिल या फिर सरसों के तेल को गर्म करके ठंडा कर, उसे तेल से की गई मालिश से विकार खत्म होकर, खुजली की समस्या में राहत मिलती है।

4 पारा और आंवलासार गंधक की कजली, नीला थोथा, हल्दी, मेंहदी, तीवा, अजवाइन और मालकंगनी को मिलाकर चूर्ण बना लें और घी के साथ पिघलाया हुआ मोम डालकर, गाय के घी में एक दिन तक घोटकर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।

5 सरसों के तेल में आक के पत्तों का रस और हल्दी की लुगदी बनाकर डालें। इसे गर्म कर ठंडा करें और खुजली होने पर इस्तेमाल करें

6 सेंधा नमक, पंवार के बीज, सरसों और पिप्पली को कांजी में महीन पीसकर, खुजली वाले स्थान पर इसका लेप करने से खुजली ठीक हो जाती है।

7 तीन ग्राम जीरा और 15 ग्राम सिंदूर को पीसकर, सरसों के तेल में पकाएं। अब इस तैयार लेप को खुजली वाले स्थान पर लगाएं। इस लेप के प्रयोग से खुजली समाप्त हो जाती है।



















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इन 5 तरीकों से होता है दिमाग तेज




दिमाग तेज करने के लिए आप अक्सर सही खानपान का विकल्प चुनते हैं, जिसमें बादाम भी शामिल हैं। सक्रिय मस्ति‍ष्क के लिए बचपन से ही यह फंडा अपनाया जाता है। दिमाग तेज करने के और भी कई विकल्प हैं, लेकिन फिलहाल हम बता रहे हैं 5 आसान और प्रभावकारी तरीके, जो दिमाग तेज करने में मदद करेंगे ।

1 दिमागी कसरत - दिमाग तेज करने का सबसे प्रभावकारी तरीका है, दिमागी कसरत। इसके लिए आप बच्चों के साथ कोई दिमागी खेल जैसे - प्रश्नोत्तरी, शब्दकोश भरना या सही विकल्प चुनो खेल सकते हैं। दोस्तों की मदद से इस तरह के खेल खेले जा सकते हैं। यह बच्चे की याददाश्त को बढ़ाने के साथ ही याद रखने की इच्छा भी बनाए रखेगा।

2 नई भाषा - बच्चों को कम उम्र में भी अन्य भाषाओं का ज्ञान होने से उनका दिमाग ऐसे बच्चों की तुलना में तेज चलता है, जो केवल एक ही भाषा जानते हैं। इस तरह से बच्चे में और भी योग्यताएं विकसित होती हैं।




3 खेलकूद - बच्चे खेलकूद में जितने फुर्तीले होते हैं, उनका दिमाग उतना ही तेज और सक्रिय होता है। इस तरह से बच्चों के दिमाग में ऑक्सीजन का प्रवाह भी सही होता है, जो उनके दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है।

4 कलात्मकता - बच्चों का कला के प्रति रूझान दिमाग को विकसित करता है और नई चीजों के सीखने में मदद करता है। इस प्रकार बच्चों की कल्पनाशीलता में भी वृद्धि होती है, और वे बहुआयामी सोच रखते हैं।




5 गणि‍त - जी हां, बचपन से ही बच्चे को गणित का अच्छा अभ्यास होना उसके दिमाग को तेज करने में मदद करता है। यही कारण है कि जिन लोगों की गणित में अधिक रूची होती है, वे अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा बुद्ध‍िमान होते हैं।




















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Sunday, July 17, 2016

त्वचा की सौंदर्य देखभाल के लिए पपीता के सौंदर्य लाभ

एक फल के रूप में पका हुआ पपीता काफी स्वादिष्ट होता है, लेकिन आप उसी के सौंदर्य लाभ जानते हैं? आप इसे काटकर टुकड़ा करने से पहले इसे ठोस रखे आप पपीते के टुकड़े को अपने दांतों को छूने से एक बार यह महसूस करते है कि यह एक नरम फल है। पपीता में मौजूद एंजाइमों पाचन के लिए वास्तव में सेहत के लिए अच्छा होता हैं।इसके अलावा पपीता आपकी त्वचा के लिए भी आवश्यक है पपीता एक प्राकृतिक फल के रूप में माना जाता है। आज, हम एक पौष्टिक फल “पपीता” पर विचार करेंगे। पपीता त्वचा की देखभाल के लिए बहुत ही आवश्यक है इसकी सबसे अच्छी बात है कि यह त्वचा को प्राक्रतिक रूप से चमकदार बनाता है इसके अलावा पपीता के कुछ लाभ, सौंदर्य टिप्स नीचे दिए हुए हैं।


आज हम एक और स्वादिष्ट फल पपीते के बारे में जानेंगे। त्वचा की देखभाल के लिए पपीता काफी लाभदायक होता है। यह विटामिन ए, सी और पपेन (Vitamin A and C and papain) से भरपूर होता है। ये विटामिन एंटी ऑक्सीडेंट्स (anti-oxidants) से भरपूर होते हैं, वहीँ पपेन रोमछिद्रों (pores) को साफ करके खराब कोशिकाओं को दूर कर देते हैं और मृत कोशिकाएं निकालते हैं। इस फल का सबसे अच्छा गुण इसमें नमक का कम होना है। इसकी वजह से पानी का जमाव भी काफी कम होता है। इससे आपके रोमछिद्र साफ होते हैं और त्वचा दमकती हुई सी बनती है। नीचे पपीते के कुछ गुणों के बारे में बताया गया है।
पपीता में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
पपीता मौजूद पापिन मृत त्वचा, कोशिकाओं को हटाने में सहायक है।
पपीता त्वचा की उम्र को कम करता है व त्वचा को पुनः बनने में सहायता करता है। दूध के साथ पपीता मैश करे और आपके चेहरे पर लगाये और अधिकतम 5 मिनट के लिए छोड़ दें फिर ठंडे पानी से धो लें।
पपीता के सौंदर्य लाभ (Benefits of papaya for skin)


उम्र बढ़ने के संकेत को कम करना (Reducing signs of aging)

पपीते के फायदे, कुछ लोगो की त्वचा समय से पहले बूढी दिखने लगती है, पपीता के प्रयोग से त्वचा को पुनर्जीवित किया जा सकता है, पपीता समय से पहले होने वाली झूरियो को हटाने में भी काफी कारगर साबित हुआ है.,त्वचा को जवान रखने के लिए पपीता का प्रयोग एक अच्छा उपाय है।
पपीता के गुण – कब्ज की समस्या (Stops constipation – papite ke gun)

पपीता के गुण, काफी समय से लोगो में कब्ज की समस्या को देखा गया है पपीता के सेवन से कब्ज की जो समस्या से काफी राहत मिलती है।
पपीता के फायदे – मुहांसों से मुक्ति (papita ke fayde – reduction of pimples)

चेहरे पर मुहांसों की समस्या ने कई लोगो को परेशान कर दिया है,कुछ लोगो को तो क्रीम के प्रयोग से गलत प्रभाव भी होता है पपीते को चेहरे पर लगाने से मुहांसों की समस्या दूर हो जाती है।

पपीता के फायदे – त्वचा के गोरेपन के लिए (Skin whitening)

पपीता त्वचा के लिए बहुत अच्छा उपाय है। दूध के साथ पपीता मैश करके आपके चेहरे पर लगा सकते हैं। अधिकतम 5 मिनट रखे और फिर ठंडे पानी से धो लें। यह धब्बे, काले धब्बों को कम करने में आपकी त्वचा की मदद करता है


पपीता के गुण – त्वचा में चमक आना (Bringing skin glow)

पपीता का सेवन आपकी त्वचा के लिए बहुत जरूरी है। पपीता के सेवन की मदद से आपकी त्वचा के लिए सभी स्वस्थ घटकों की आपूर्ति हो जाती है और चेहरे पर एक अलग चमक आएगी।
पपीता के फायदे – त्वचा में पानी की कमी पूरी करना (Skin hydration)

पपीता के औषधीय गुण, कई लोगों को विशेष रूप से महिलाओं में बहुत कम पानी पीने की आदत होती है। लेकिन, वास्तव में यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कम पानी पीने से आपकी त्वचा शुष्क और झुर्रियों से भर जायेगी। लेकिन, अगर आप पानी नहीं पीती है, यहाँ पर अच्छी मात्रा में पपीता आसानी से उपलब्ध है,जो पानी के रूप में आपकी त्वचा को हाइड्रेटेड रख सकते हैं। आपकी त्वचा पपीता के नियमित सेवन से कोमल और अच्छी रहेगी।
मृत त्वचा दूर करे (Removal of dead skin)

आपकी त्वचा पर मृत कोशिकाओं की मौजूदगी होने की वजह से आपका चेहरा लोगों के सामने बेजान और अनाकर्षक प्रतीत होता है। त्वचा के इस प्राकृतिक उपचार की मदद से आप आसानी से खूबसूरत और आकर्षक लग सकती हैं। अगर आप रोज़ाना भोजन करने के बाद पके पपीते का सेवन कर सकें तो आपकी कोशिकाओं से खराब प्रोटीन (protein) बाहर निकल आएगा और आपको ऐसी त्वचा प्राप्त होगी जो मृत कोशिकाओं से रहित और काफी खूबसूरत होगी।
प्राकृतिक एक्सफोलिएट (Natural exfoliate)

लोग अपनी त्वचा से अनचाही अशुद्धियाँ और काले धब्बे हटाने के लिए बाज़ार से महंगे एक्सफोलिएट्स खरीदते रहते हैं, परन्तु इनकी कीमत ज़्यादा होने की वजह से हर कोई इनका लाभ नहीं उठा पाता। अतः प्राकृतिक रूप से उत्पन्न पपीता आपकी त्वचा से अशुद्धियां और मृत त्वचा दूर करने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है।

त्वचा के बेरंग होने को रोके (Removing skin discoloration)


अगर आप त्वचा के बेरंग होने की समस्या से पीड़ित हैं तो पपीता आपके लिए काफी बेहतरीन उपाय सिद्ध हो सकता है। आप खूबसूरत और बेदाग़ त्वचा पाने के लिए एवं रंग उड़ने की समस्या से बचने के लिए पपीते का सेवन भी क्र सकते हैं और इसका प्रयोग अपनी त्वचा पर भी कर सकते हैं। इससे काफी कम या ना के बराबर खर्च में ही आपकी त्वचा चमकदार और काफी खूबसूरत प्रतीत होने लगेगी।
त्वचा को गोरा करे (Skin whitening)

अगर आपका रंग बचपन से ही प्राकृतिक रूप से काला है तो फिर आपका रंग साफ़ नहीं हो सकता। महंगे सौंदर्य उत्पादों का प्रयोग करने के बाद भी ये संभव नहीं है। पर यह बात साबित हो चुकी है कि पपीता आपके चेहरे की रंगत को काफी हद तक साफ़ कर देता है। अतः अपनी त्वचा की परतों पर पपीते के प्रयोग से आपको अनचाहे मेलेनिन (melanin) से छुटकारा प्राप्त होता है और आपकी त्वचा गोरी और खूबसूरत प्रतीत होने लगती है।






















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