Saturday, June 4, 2016

gharelu tips





👉 खड़े खड़े पानी पीने वाले का घुटना दुनिया का कोई डॉक्टर ठीक नहीँ कर सकता 👉* तेज पंखे के नीचे सोने से मोटापा बढ़ता है। 👉* 70% दर्द में एक ग्लास गर्म पानी किसी भी पेन किलर से भी तेज काम करता है। 👉* कुकर में दाल गलती है, पकती नहीँ। इसीलिए गैस और एसिडिटी करती है। 👉*नारियल पानी सुबह ग्यारह के पहले अमृत है। 👉* लकवा होते ही मरीज के नाक में देशी गाय का घी डालने से लकवा पन्द्रह मिनट मेँ ठीक हो जाती है !




बच्चों के रोग : लगभग 50 ग्राम चूने की डली को 500 मिलीलीटर पानी में रात को भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को कपड़े से छान लेते हैं। बच्चे की उम्र के अनुसार 1 चम्मच या आधे चम्मच में इस पानी को 4 गुना ताजा पानी मिलाकर पीने से उल्टी, दस्त, खट्टी डकारें, दूध उलटना, उबकाई आदि ठीक हो जाती है। 2. सूजन : 10-10 ग्राम चूना और अम्बा हल्दी को मिलाकर गुमचोट पर लगाने से सूजन उतरकर सूख जाती है। 3. आग से जले घाव : 50-50 मिलीलीटर चूने का पानी और नारियल का तेल मिलाकर खूब फेंटे। इसके गाढ़ा होने पर आग से जले स्थान पर इसे लगाने से दर्द और जलन ठीक हो जाती है और घाव भी ठीक हो जाते हैं। 4. गर्भवती स्त्री की उल्टी : चूने के पानी में दूध मिलाकर पीने से गर्भवती स्त्री की बुखार के समय की उल्टी बंद हो जाती है। 5. बवासीर : 10-10 ग्राम चूना, संखिया और तूतिया को एक साथ पीसकर मस्सों पर लगाने से मस्से सूख जाते हैं और बवासीर के रोग में आराम आता है। 6. कान का बहना : चूने के पानी में बराबर मात्रा में दूध मिलाकर कान में डालने से कान में से मवाद बहना बंद हो जाता है। 7. घाव : • चूने के पानी में साबुन घिसकर लगाने से घाव की गंदगी साफ हो जाती है। • चूने का पानी तथा नारियल के तेल को बराबर मात्रा में लेकर मिला लें। इसे जले हुए स्थान लगाने से घाव की जलन दूर हो जाती है। 8. गुम चोट पर : कहीं भी चोट लगी हो और सूजन आई हो तो चूने में हल्दी का चूर्ण मिलाकर लगाने से फौरन दर्द ठीक हो जाता है। 9. हड्डी कमजोर होने पर : चूने को पानी में घोलकर छोड़ दें। कम से कम 6 घंटे बाद ऊपर से पानी निकालकर दूसरे बर्तन में या शीशी में डालकर रख दें। इसमें से 10 से 20 मिलीलीटर पानी को रोजाना 3 बार पीने से हड्डी की कमजोरी दूर हो जाती है। 10. अम्लपित्त : 10 मिलीलीटर चूने का साफ पानी रोजाना पीने से अम्लपित्त और बदहजमी दूर होती है। 11. गिल्टी (ट्यूमर) : • चूना और शहद को एक साथ मिलाकर गिल्टी (टयूमर) पर बांधने से गिल्टी (टयूमर) में आराम मिलता है। • चूना और अण्डे की सफेदी मिलाकर कपड़े में रखकर गिल्टी (टयूमर) पर बांधने से लाभ मिलता है। 12. टीके से होने वाले दोष : चूने को हल्दी में मिलाकर टीका लगी हुई जगह पर लेप करने से टीके का घाव ठीक हो जाता है। 13. गुल्म (वायु गोला) : 3 ग्राम कलई चूना की छोटी गोली बनाकर गुड़ में रखकर खाने से गैस का गोला खत्म हो जाता है। 14. नकसीर (नाक से खून आना) : रात को सोने से पहले 400 मिलीलीटर पानी के अन्दर 50 ग्राम चूने को डालकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को छान लें। इस छने हुए पानी को लगभग 25 मिलीलीटर तक रोगी को पिलाने से नकसीर (नाक से खून बहना) बन्द हो जाता है। 15. लगभग 300 मिलीलीटर चूने के पानी में 1.80 मिलीलीटर कपूर का रस मिलाकर उपन्दश की फुंसियों पर लगाने से लाभ होता है।

































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