Thursday, June 30, 2016

अगर डायबिटीज से ग्रस्त है, तो जरूर पढ़ें


डायबिटीज, जिसने आज भारत की आधी जनता को अपनी चपेट में ले रखा है, लेकिन हाल ही एक शोध द्वारा पाया गया है कि जो लो लोग मधुमेह से पीड़ित होते है उन्हें 50 प्रतिशत दिल का दौरा पड़ने के चान्सेस होते है। 

मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के दिल के दौरे से मरने का खतरा 50 फीसदी अधिक होता है। एक नए शोध में यह बात सामने आई। प्रमुख शोधार्थी ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट और एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस गेल ने बताया, हमारे शोध से इस बात का मजबूत सबूत मिला है कि मधुमेह से काफी समय से पीड़ित मरीजों में दिल के दौरे का खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।

इस शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि मधुमेह के मरीज की अगर धमनी पूरी तरह अवरुद्ध है तो दिल के दौरे से उसके मरने की संभावना 56 फीसदी बढ़ जाती है। और अगर उनकी धमनी आंशिक अवरुद्ध है तो गैरमधुमेह पीड़ितों की अपेक्षा दिल के दौरे से उनके मरने की संभावना 39 फीसदी अधिक होती है। 

इस शोध में संभावना व्यक्त की गई है मधुमेह के मरीजों के दिल के दौरे से मरने की संभावना अधिक होने के पीछे उनकी मधुमेह की बीमारी है ना कि वे कारण हैं, जिसके कारण उन्हें मधुमेह हुआ है।

शोध संस्था डायबिटिज यूके के रिसर्च फंडिंग प्रमुख अन्ना मोरिस ने बताया, मधुमेह पर काबू पाने से हृदय रोगों का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन करना, सक्रिय रहना और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। 

शोध दल ने कुल 7 लाख लोगों का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला है, जिन्हें दिल के दौरे के बाद जनवरी 2003 से जून 2013 के बीच अस्पताल में भर्ती किया गया था और इनमें से 1,21,000 लोग मधुमेह से पीड़ित थे।ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर माइक नापटोन का कहना है, इस शोध में मधुमेह पीड़ितों को हृदय रोग से बचाने के नए तरीकों की खोज और दिल के दौरे के बाद उनकी जान बचाने के लिए नई दवाइयों की खोज पर प्रकाश डाला गया है।यह शोध जर्नल ऑफ इपीडीमीलॉजी एंड कम्यूनिटी हेल्थ में प्रकाशित किया गया है 








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आजमाएं ये तरीके,पाएं प्राकृतिक सुंदरता


गोरी त्वचा पाने के लिए लड़कियां क्या क्या नहीं करती, फेसवाश, फेसपैक, स्किन ट्रीटमेंट और जाने कितने तरह तरह के ट्रीटमेंट लेती है, जिससे कभी कबार उल्टा असर भी हो जाता है ,त्वचा खूबसूरत बनाने की बजाए बदसूरत बन जाती है। इसलिए आज हम आपको कुछ लगाने की नहीं बल्कि खाने की सलाह दे रहे है, जिससे कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं होता और शरीर भी स्वस्थ होता है। आज हम आपको उन आहार के बारे में बताने जा रहे जो आपको स्किन को प्राकृतिक रूप से सुंदर बनाते है।
जैसे आप धुप से बचने के लिए संस स्क्रीन लोाशन इस्तेमाल करते है, ठीक वैसे ही पालक आपको सूर्य की तेज किरणों से बचाता है। जानकारी के लिए बता दें पालक में फाइटोन्‍यूट्रियन्‍स होते हैं, जो सूर्य की किरणों से आपको बचाते है। जिन लोगों के शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होती है, उनके लिए पालक खाना अच्छा रहेगा, इससे कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी। पालक में बीटा-कारोटेन और ल्‍यूटेन की मात्रा भी अच्छी खासी होती है, जिससे त्वचा नरम बनती है।
अखरोट
अखरोट को विटामिन से भरपूर माना जाता है, जो रक्त के संचार को बढ़ाता है और बढ़ती उम्र को भी थामे रखता है।अखरोट में ओमेगा 3 पाया जाता है, जो आपकी त्वचा को बेकार होने से बचाता है और उसे जवां बनाएं रखता है। 
आम

वो पोएम तो आपने सुनी होगी न, आम फलों का राजा है। एक दम सही पोएम है, क्योंकि आम में A और C विटामिन पाए जाते है, जो आपकी त्वचा को शाइनी बनाते है। आम एंटी एजिंग फलों में से एक माना जाता है। 

सेब

सेब विटामिन की मात्रा से भरपूर होता है, जो बालों को काला बनाता है, चेहरे की त्वचा को नरम और सुंदर बनाता है। 
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पीली हल्दी सेहत को रखे हैल्दी..

हल्दी ‘टर्मरकि’ भारतीय वनस्पति है। आयुर्वेद में हल्दी को एक महत्वपूर्ण औषधि कहा गया है। हल्दी का भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है और धार्मिक रूप से इसको बहुत शुभ समझा जाता है। विवाह में तो हल्दी की रसम का अपना एक विशेष महत्व है 
यदि पैरों में बिवाइयों हों, तो उन पर सरसों का तेल लगाएं और ऊपर से थोडा-सा हल्दी पाउडर डालें।

यदि कोई जहरीला कीडा काट ले, तो प्रभावित भाग पर ताजा हल्दी का रस लगाने से फायदा होता है।

खांसी से निजात पाने के लिए हल्दी की एक छोटी-सी गांठ मुंह में रखकर चूसें। इससे कुछ ही दिनों खांसी से राहत मिलेगी। -

आंखों में दर्द हो, तो पानी में हल्दी डालकर गरम कर लें और ठंडी हो जाने पर छानकर उस पानी से आंखें धोएं। 

हल्दी में विटामिन, खनिजलवण, प्रोटीन, वसा आदि सभी कुछ होता है, हल्दी में पाया जानेवाला करक्यूमिन नामक पीला 
तत्व दिमागी संतुलन को बनाए रखने में कारगर होता है। हल्दी सभी आवश्यक पोषक व रायायनिक तत्वों से परिपूर्ण है।




















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Friday, June 24, 2016

न्यूड मेकअप से मानसून सीजन में दिखें और भी जवां



मॉनसून के मौसम अक्सर लड़कियां सिंपल रहना पसंद करती है, आमतौर पर वो ग्लॉसी लिपस्टिक लगाने से बचती है। अगर कहीं जाना भी पड़े तो वे लाइट मेकअप करके जाना पसंद करती है। इसलिए आज हम आपको मानसून के इस मौसम में न्यूड मेकअप टिप्स के बारे में बताने जा रहे है, जिससे आपका मेकअप ख़राब भी नहीं होगा और आप अच्छी भी लगेगी। 

बारिश के मौसम में खिली प्रकृति के साथ ही आपका सौंदर्य भी खिला, निखरा और ताजगी भरा नजर आए, इसके लिए आप सादगी भरा वॉटरप्रूफ न्यूड मेकअप आजमा सकती हैं। 

न्यूड मेकअप के लिए आपको हमेशा प्राइमर से शुरुआत करनी चाहिए। सबसे जरूरी यह है कि मस्कारे का प्रयोग मेकअप की शुरुआत और अंत में भी करना चाहिए।


शेड्स का चुनाव अपनी त्वचा की रंगत के अनुसार करें। गोरी रंगत के लिए पीच शेड का चुनाव करें। यह आपके चेहरे को ताजगी प्रदान करेगा। गेहुंआ रंगत के लिए गुलाबी रंग चुनें, जबकि गहरी रंगत के लिए कारमल शेड का मेकअप उपयुक्त रहेगा।

खूबसूरत और स्वाभाविक लुक के लिए अपनी त्वचा की प्राकृतिक रंगत के अनुसार फाउंडेशन का चुनाव करें। ज्यादा गहरा शेड न चुनें। अपनी त्वचा की रंगत से थोड़ा हल्का शेड चुनें और इसे अपने गालों, नाक के उभरे हिस्से, ठोढ़ी और माथे पर लगाएं।

अगर आपकी त्वचा की रंगत गोरी है, तो बेहद हल्के रंग के शेड्स का चुनाव करें। यह आपको अधिक प्राकृतिक लुक देगा। गहरी रंगत के लिए पाउडर वाले फाउंडेशन का प्रयोग करें। 

आदर्श न्यूड मेकअप के लिए आंखों के मेकअप में गुलाबी, पीच और कारमल शेड्स का प्रयोग करें। यह आंखों को बेहद आकर्षक लुक देगा।

होठों के लिए ग्लॉस या मैटिड लिपस्टिक का प्रयोग करें।

बेहतर, ताजगी भरे और दीर्घकालिक प्रभाव के लिए आईब्रो पेंसिल की जगह, आईब्रो जेल का प्रयोग करें।













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Wednesday, June 22, 2016

जरूर पढ़ें, अगर बनने वाली है माँ


बच्चे, जिन्हे हम भगवन का रूप मानते है, ऐसा कहा जाता है कि छोटे बच्चों को भगवान् नजर आते है, जिनके साथ वे खेलते है। अक्सर जन्मे बच्चे बेवक़्त उठते है, रोतें  हैं जिसकी वजह मात पिता कि नींद ख़राब होती है, इसलिए आज हम आपको जन्मे शिशु को चुप कराने और सुलाने के आसान तरीकों के बारे में बताने जा रहे है। अगर आप क्वारी है या आपकी शादी होने वाली है, तो आपके लिए इन टिप्स को और भी जरुरी हो जाता है।
आमतौर पर बच्चों को लोरी गाकर सुलाया जाता है, लेकिन बच्चे सिर्फ लोरी से ही नहीं सोते, उनको हलकी-हलकी थपकी और थोड़ा थोड़ा झूला झुलाते रहना चाहिए, जिससे उन्हें नींद आ जाएगी।
ध्यान रहे की बच्चों को पेट के बल न लिटाए, ऐसा करने से उनके शारीरिक विकास पर काफी असर पड़ता है।
बच्चे सबसे ज्यादा जल्दी स्तनपान कराते वक़्त सोते है, ध्यान रखें स्तनपान करते वक़्त बच्चे के सर पर धीरे धीरे हाथ फेरे, जब बच्च गहरी नींद में सो जाए तो उसे उसे बिस्तर पर लिटा दें।बच्चों को बिस्तर पर लिटाने से पहले खुद की गोद में सुलाएं। स्तनपान के बाद तुरंत बिस्तर पर लिटाने से बच्चे के मुंह से दूध बाहर आ सकता है।
बच्चों को अक्सर स्ट्रॉलर में खेलना व उसमे चलना पसंद होता है, कभी कबार बच्चे स्ट्रॉलर में खेलते खेलते ही सो जाते है। स्ट्रॉलर बच्चों के विकास का सबसे अच्छा तरीका है , इससे उनके पैरों को आराम भी मिलता है और वे चलना भी सीख जाते है।




















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दिन में खाना खाने के बाद न करें ये काम


घर में अक्सर बड़े हमें हमारी गलत आदतों पर डांटते हैं, जो एक दम सही हैं। आमतौर पर लोग दिन में खाना खाने के बाद सो जाते हैं , जो शरीर के लिए बिलकुल गलत हैं। इसलिए हम आपको उन एक्टिविटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हे खाने के बाद नहीं करना चाहिए।

लंच करने के बाद ब्रश न करें, यदि आपने खाना खाने के दौरान कोई सिट्रस वाला आहार खाया है तो ब्रश करने पर दांतों के ऊपर की परत उतर जाती हैं जिससे आम भाषा में इनेमल कहते हैं। 

लंच के बाद ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से पेट का पाचनतंत्र बिगड़ जाता और आप बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। बेहतर रहेगा कि खाने के आधे घंटे बाद ही आप पानी पिये।

लंच करने के बाद तुरंत वाक न करें, ऐसा करने से खाने के पोष्टिक तत्त्व शरीर में अच्छे से समा नहीं पाते । 














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Tips To Do Yoga





















योग फिटनेस का सबसे पॉपुलर माध्यम है, लेकिन इसे करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर योग से फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है। आज हम आपको बता रहे है ऐसी 13 बातें जिनका योग करते समय ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है।



1. योगाभ्यास के दौरान न पिएं पानी












योग के दौरान बॉडी में गर्माहट आती है, इस दौरान ठंडा पानी पीने से एलर्जी, सर्दी जुकाम, कफ जैसी तकलीफ हो सकती है।

2. योग के तुरंत बाद न नहाएं

योग करने से शरीर गर्म हो जाता है इसलिए योग करने के एक घंटे बाद ही नहाएं, नहीं तो सर्दी-जुकाम, बदन दर्द जैसी तकलीफ हो सकती है।





3. खाने के तुरंत बाद योग न करे

वज्रासन को छोड़कर सभी योग और खाने के बीच कम से कम 3 घंटों का अंतराल रखे, बेहतर है कि सुबह खली पेट योग करे।

4. योग करने के दौरान न जाए बाथरूम

योग करने के दौरान बाथरूम नहीं जाना चाहिए बल्कि अपने शरीर का पानी पसीने के जरिए बाहर निकलना चाहिए।

5. बीमारी में न करे योग

बीमारी के दौरान योग करने से बचे। अगर योग करना चाहते है तो डॉक्टर या योग एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले।

6. योग हमेशा खुले और साफ सुथरे वातावरण में करे

योग हमेशा साफ,खुली जगह में करे। प्राणायाम तो हमेशा खुली जगह में ही करना चाहिए जहां पर ताजी हवा मिलती हो।

7. योग करने से पहले शरीर को तैयार करे

योग करने से पहले थोड़ा वार्मअप करे, इसके बाद प्राणायाम करे और फिर योग करे। आखिर में शवासन जरूर करे।

8. एक्सपर्ट से सीखकर ही करे योग

बगैर एक्सपर्ट से सीखें, किताब पढ़कर या सीडी देखकर योग करने से नुकसान हो सकता है। दुसरो की देखादेखी भी योग न करें।

9. शुरुआत से कठिन आसन न करें

सरल से कठिन एक्सरसाइज करें। शुरुआत से ही कठिन आसन करने से आपको तकलीफ हो सकती है या फिर आप जल्दी थक सकते है।

10. गलत पोज न करें

इन्स्ट्रक्टर द्वारा बताए अनुसार ही योग करें। गलत आसन करने से कमर दर्द, घुटनों में तकलीफ या मसल्स में खिंचाव हो सकता है।

11. पीठ, घुटने या मसल्स की प्रॉब्लम हो तो न करें योग

पीठ, घुटने या मांसपेशी से संबंधित तकलीफ है तो योग करने से पहले ट्रेनर से सलाह जरूर ले।

12. आसन बिछाकर आरामदायक कपड़े पहनकर ही करें योग

योग समतल जमीन पर आसन बिछाकर करें। मौसम के मुताबित ऐसे कपड़े पहनें जो न तो ज्यादा टाइट हो और न ही बहुत ढीले।

13. योग करते समय ज्वेलरी न पहने

योग करते समय ज्वेलरी, कड़े,हार वगैरह पहनने से योगासन में दिक्क्त होगी और ये चीजे चोट भी पहुंचा सकती है।










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Tuesday, June 21, 2016

क्या जानते है आप खजूर के इतने चमत्कारी लाभ!



रमजान का महीना चल रहा है लेकिन क्या आपको मालूम है कि मुस्लिम भाई-बहन अपना रोजा खजूर खा कर ही क्यों तोडते हैं ऐसा इसलिये क्योंकि खजूर में कई तरह के स्वास्थ्य वर्धक गुण समाएं हुए हैं। जिसको खा कर ऊर्जा आती है। ऐसे में खजूर काफी फायदेमंद होता है। डिफरेंट फ्लेवर्स के साथ इसका जायका लजीज होता है।
खजूर का हलवा, खजूर की फेनी, ज्यूस और डेजर्ट बनाकर भी इसका जायका ले सकते हैं। खजूर की कई डिशेज बनती हैं।
आपको बता दें कि इसके अलावा डॉक्टर भी लोगों को हर दिन कुछ खजूर खाने की सलाह देते हैं।

सबसे ज्यादा फायदेमंद है इसे दूध के साथ लेना। खजूर में आयरन कन्टेंट और फाइबर होता है। दूध के साथ इसे लेने में कैल्शियम और फाइबर का कॉम्बिनेशन मिलता है। इसमें विटामिन ए, बी, सी और बी 12 के अलावा सोडियम, सल्फर, क्लोरीन और आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है।

खजूर में विटामिन ए और एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाएउ जाते हैं, जो कि रतौंधी की बीमारी में बहुत जरूरी माना जाता है।

दांत का दर्द और उसकी सडन को खजूर दूर करता है। ऐसा इसलिये क्योंकि इसमें फ्लोरीन नामक मिनरल होता है जो कि दांतों की परेशानी को दूर करता है

सौ ग्राम खजूर सुबह किसी न किसी फ्लेवर में लेना चाहिए। सुबह लेने से इसकी उपयोगिता बढ जाती है।

इससे गठिया रोग, पेट संबंधी समस्याएं, कब्जियत, कमर दर्द, हार्ट डिजीज और थकावट जैसी कई समस्याएं आसानी से दूर होती है। इससे बच्चें का दिमाग भी तेज होता है।

खजूर घर के बुजुर्गो के लिए भी फायदेमंद है।












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Monday, June 20, 2016

जानिए:प्याज के 6 चमत्कारी गुणों के बारे में


प्याज बहुत ही उपयोगी सब्जी है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह खून मे विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। इसकी सब्जी बनाकर खाने से बुखार, कफ और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। पुराने जमाने में इजिप्शियन नियमित रूप से प्याज और लहसुन खाते थे। सल्फर की वहज से इनसे तीखी गंध आती है। सब्जियों में आलू के सबसे ज्यादा खाने में खाई जाने वाली सब्जी है प्याज। प्याज सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। तो आइये जानते हैं प्याज के चमत्कारी गुणों के बारे में..

बालों केलिए लाभकारी
बाल झडने की परेशानी है तो प्यार आपके लिए बहुत लाभकारी है। गिरते हुए बालों की जगह पर प्याज का रस रगडने से बाल गिरना बंद हो जाएंगे। इसके अलावा बालों का लेप लगाने पर काले बाल आना शुरू हो जाते हैं। 

प्याज और अदरक का रस अस्थमा के रोगियों के लिए अच्छा होता है। प्याज खाने से खून पतला होता है और लिवर की बीमारियों के लिए अच्छा माना जाता है। 

इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्याज खाने के बाद मुंह से गंध आने लगती है, लेकिन पोदीने की पत्तियां खाने से इस गंध को दूर किया जा सकता है। 

प्याज खाने से कैंसर सेल को बढने से रोकता है। इसमें सल्फर तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। यह सल्फर पेट, ब्रेस्ट, फेफडे प्रोस्टेट कैंसर से बचाता है।

आंखों के लिए भी यह बेहतरीन औषधि है। प्याज में केलिसनि और रायबोफ्लेविन विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
















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गोरा बनने के लिए अपनाएं ये घरेलु टिप्स


सुंदर दिखना किसको पसंद नहीं होता, किसे पसंद नहीं होता कि कोई उनकी तारीफ करें, बस इसलिए आज आपको गोरा बनने का आसान तरीका बताने जा रहे है, जो आपको मात्र 7  दिनों में गोरा बना देगा। 


रोजाना पानी में निम्बू की कुछ बूंदे डालिए और उस पानी से नहाइए, ऐसा करने से कुछ दिनों में आपकी त्वचा का रंग निखरने लगेगा।

फेयरनेस फेसपैक बनाने के लिए आपके पास हल्दी, 1 टेबलस्पून टमाटर का रस ,2 टेबलस्पून नीबू का रस ,2 टीस्पून का होना जरुरी है, तीनो को एक ही मात्र में साथ मिलाएं और 15 मिनट लगाने के बाद ठन्डे पानी से धो दें। निरन्तर 7 दिन तक इस फेसपैक को लगाने से आपको मनचाहा निखार मिलेगा। 














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Saturday, June 18, 2016

अशोक के पेड के सेहतभरे चमत्कारी गुण





कुदरत ने पेड-पौधों को हमारी सेहत का कवच बनाया है। बस इनके बारे में जानकारी की जरूरत है कि कौन सा पेड व कौन सा पौधा हमें हेल्दी और निरोग बना सकता है। ऐसा ही एक वृक्ष का नाम हैं अशोक! जिसके बारे में मान्यता है कि जिस पेड के नीचे बैठने से कोई शोक नहीं होता वह अशोक का पेड होता है। तो आइये जानते हैं अशोक के कुछ चमत्कारी गुणों के बारे में जिनसे आप अपनी बीमारी में लाभ प्राप्त कर सकते हैं।




अशोक के 2 ग्राम बीजों को पानी के साथ पीसकर 2 चम्मच की मात्रा में पीने से पथरी के दर्द में आराम मिलता है।







अशोक की छाल 80 ग्राम ओर 80 ग्राम दूध को डालकर चौगुने पानी में तब तक पकायं जब तक एक चौथाई पानी न रह जाए, उसके बाद छालकर महिला को सुबह-शाम पिलायें। इस दूध का मासिक-धर्म के चौथे दिन से तब तक सेवन करना चाहिए, जब तक खून का बहना बंद न हो जाता हो।




टेनिन एसिड के कारण इसकी छाल सख्त ग्राही होती है, बहुत तेज और संकोचल प्रभाव करने वाली होती है, अत: रक्त प्रदर में होने वाले अत्यधिक रजस्त्राव पर बहुत अच्छा कंट्रोल होता है।




अशोक के पेड की छाल में सैपोनिन, टेनिन, कार्बनिक कैल्शियम, होमैटाक्सिलिन तथा ग्लाइकोसाइड पाए गए है, पर अल्कालॉइड और एसेन्शियल ऑइल की मात्रा बिलकुल नहीं है।







आयुर्वेद में अशोक के वृक्ष में के बारे में कहा गया है कि इसका रस कसेला, कडवा और ठंडी प्रकृति का होता है। ये रूप रंग को निखारता है और सेहत को दुरस्त रखता है।




हर पेड-पौधें में कोई न कोई गुण अवश्य होता है। जिनमा उपयोग दवा निर्माण या किसी परेशानी से मुक्ति के लिए किया जाता है। अशोक के पेड में ज्योतिषीय गुण भी होते हैं।







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बर्फ के 8 फायदे:आप भी निखारें हैल्थ व ब्यूटी




बर्फ सिर्फ ठंडा करने के लिए ही नहीं, बल्कि सौंदर्य और सेहत से संबंधित अनके परेशानियों से निजात दिलाने में भी कारगर होती है। तो आइये जानते हैं बर्फ के लाभ को

ब्यूटी टिप्स- 1- ब्लीच करने के बाद चेहरे पर आई मलने से स्किन पर होने वाले रैशेज से बचा जा सकता है। -




2-थ्रैडिंग या वैंक्सिंग करने से पहले यदि उस हिस्से पर कुछ देर बर्फ मल दें तो बाल आसाानी से निकल जाएंगे और दर्द भी नहीं होगा।




3-सनबर्न के कारण त्वचा पर काले दब्बे हो गए हैं, तो त्वचा के उस हिस्से पर बर्फ रगडने से निशान कम होते हैं।




4-लिपस्टिक लगाने से पहले होंठों पर बर्फ मलें, इस से लिपस्टिक के जरिए होंठों को सही आकार देने में आसानी हेागी और साथ लिपस्टिक भी फैलेगी नहीं




हैल्थ के लिए 5-चोट लगने के बाद खून का बहाव न रूके या सूजन आ गई हो तो बर्फ मलें।




6-नकसीर आने पर मरीज को कुछ देर बर्फ सुंघाने पर नाक से खून बहना बंद हो जाता है।




7-गमियों के दिनों में खानापान विशेष ध्यान रखना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थ ऎेसे होते हैं, जिन्हें खाने से बार-बार उलटियां होने लगती हैं। तो ऎसे में बर्फ चूसें से राहत मिलती है।

8-तेज गर्मी हथेलियों या तलवों में जलन होने पर कुछ देर बर्फ रगडने से जलन में राहत मिलती है।











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Friday, June 17, 2016

बेहद गर्म पेय के शौकीन के लिए बुरी खबर



लंदन। जो लोग गरमा-गरम चाय, सूप या हॉट चॉकलेट के शौकीन है यह खबर उनके लिए बुरी है। हॉट बेवरेजेस की वजह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र की कैंसर एजेंसी तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह खुलासा किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अलर्ट में उस कॉफी को शामिल नहीं किया गया है जो सामान्य तापमान पर पी जाती है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि, अगर आप बहुत गरम पेय पदार्थ लेते हैं तो आपको भोजन पदार्थ वाली नली का कैंसर हो सकता है। इसकी बहुत बड़ी वजह है शरीर के सामान्य तापमान से ज्यादा गरम पेय पदार्थ का लेना।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, ईरान और दक्षिणी अमेरिका में चाय पीना एक आम आदत है और वहां लोग बेहद गर्म चाय-काफी पीना पसंद करते हैं। इन सभी देशों में पी जाने वाली चाय का तापमान 65 से 70 डिग्री सेल्सियम से ज्यादा होता है। यह तापमान उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप में पी जाने वाली चाय के तापमान से ज्यादा है।

एजेंसी ने कैंसर के कारण पर करीब 1000 वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा की और ये निष्कर्ष निकाला। एजेंसी ने पाया कि कोई भी पेय पदार्थ ऐसा नहीं है जिसमें कैंसर का अधिक खतरा दिखता हो
इस रिसर्च रिपोर्ट के लिए न तो भारत में कोई सर्वे किया गया और न उसे शामिल किया गया है। शोधार्थियों का कहना है कि 60 डिग्री सेल्सियस तापमान के पेय पदार्थ त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार ऐसा होते रहने से शरीर को हानि पहुंचती है और कैंस होने की संभावना बढ़ जाती है। 


















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घरेलू उपाय: त्वचा की जलन,दाग-धब्बों से छुटकारा


खूबसूरती आत्माविश्वास बढाती है और आत्मविश्वास कामयाबी की पहली सीढी है, इसलिए इस गर्मी के सीजन में सूरज की नुकसानदेह आल्ट्रावायलेट किरणें स्किन को झुलसा देती हैं। नतीजा त्वचा का काला पड जाना और जलन होना। कुदरत ने हमें वरदान में ऐसी बहुत सारी चीजें दी हैं, जिनका सही इस्तेमाल करके त्वचा की जलन और दाग-धब्बों से छुटकारा पाया जा सकता है। तो आइएं जानते है नायाब उपाय सनबर्न हटाने के।

घरेलू नुस्खे
स्किन की जलन दूर करने के लिए आलू किसी वरदान से कम नहीं। दो आलूओं को धोकर छोटे टुकडे कर लें। इसे ब्लेंडर या फूड प्रोसेसर में पीस लें। इसके रस को प्रभावित स्थान पर लगाएं। सूखने के बाद ठंडे पानी से शॉवर लें। ऐसा 4-5 बार करने से जल्दी आराम मिल जाता है।

कोकोनट ऑयल
आप इसे सनब्लॉक के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। त्वचा की झुलसन व कालापन दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल प्रभावकारी होता है। इसमें थोडा सा कपूर मिलाकर त्वचा पर लगाने से जलन कम होती है। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।

ऐलोवेरा दे आराम 
ऐलोवेरा के पत्तों को बीच में काटकर गाढा जेल निकालें और झुलसी हुई त्वचा पर लगाएं। त्वचा की लाली, जलन दूर करने के साथ नमी के सन्तुलन को बरकरार रखेगा और मृत त्वचा हटाने में भी मदद करेगा।

ग्रीन टी
इसमें टैनिन एसिड होता है, जो त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। 2 कप गर्म पानी में 2- टी बैग डालें। फिर ठंडा होने दें। इस पानी में कॉटन बॉल डुबोएं और लगाएं। आप चाहें तो नहाने के पानी में भी 4-5 टी बैग्स डाल सकती हैं। ठंडा टी बैग भी उन स्थानों पर रख सकती हैं, जहां तुरन्त आराम की जरूरत हों। मसलन आंखों, गाल और नाक पर।

ठंडा मिल्क
ठंडा दूध स्किन के लिए बहुत उपयोगी होता है। दूध में लैक्टो-पैलियो होता है, जो त्वचा की धूप से सुरक्षा भी करता है और मृत त्वचा को हटाकर नई स्किन को पोषण देने का काम भी करता है। एक कटोरी में ठंडा दूध डालकर रूई की सहायता से त्वचा पर लगाएं। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। झुलसी हुई त्वचा पर भूल कर भी पेट्रोलियम जैली ना लगाएं। यह त्वचा के छिद्र बंद कर देगी। 
शॉवर लें
ठंडे पानी में थोडा बेकिंग सोडा डालकर शॉवर लेने से स्किन की जलन कम हेती है। सोडा मिले पानी में लगभग 10-15 मिनट तक त्वचा को डुबोएं। इसके अलावा पानी में ओटमील मिलाकर त्वचा साफ करने से जलन और कालापन हट जाता है। बाथ सॉल्ट, ऑयल या बबल बाथ का इस्तेमाल न करें। बजाय इसके एक कप ओटमील को घोल कर कुछ देर त्वचा पर लगाएं। यह स्किन सूदर का काम करता है।









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Thursday, June 16, 2016

चावल का पानी पीने के 5 बेमिसाल फायदे






बेशक आपके घर में खाने में चावल जरूर बनते होंगे। पके हुए चावल तो आप खाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी चावल का पानी पिया है ? सुनकर भले ही आपको अजीब लग रहा हो, लेकिन पके हुए चावल का पानी पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि आप नहीं जानते, तो जरूर पढ़ें चावल का पानी पीने के यह 5 बेमिसाल फायदे -






1 चावल पक जाने के बाद आप जब उन्हें निकालते हैं, तो बचा हुआ पानी फेंकने के बजाए पीने के काम में लीजिए। यह आपके शरीर के लिए ऊर्जा का बेहतरीन स्त्रोत है जो कार्बोहइड्रेट से भरपूर है। सुबह के समय इस पानी को पीना एनर्जी बूस्ट करने के बढ़ि‍या तरीका है।




2 कब्ज से राहत - चावल का पानी फाइबर से भरपूर होता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह आपके पाचन तंत्र को बेहतर कर पाचन क्रिया सुधारता है साथ ही अच्छे जीवाणुओं को सक्रिय करता है, जिससे आपको कब्ज की समस्या नहीं होती।




3 डायरिया - बच्चे हों या फिर बड़े, दोनों के लिए डायरिया जैसी समस्या के लिए चावल का पानी बेहद फायदेमंद है। समस्या की शुरुआत में ही चावल के पानी का सेवन करना आपको इसके गंभीर परिणामों से बचा सकता है।




4 बुखार - वायरल इंफेक्शन या बुखार होने पर अगर आप चावल के पानी का सेवन करते हैं, तो शरीर में पानी की कमी नहीं होगी, साथ ही आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे जो आपको जल्दी ठीक करने में मदद करेंगे।




5 डिहाइड्रेशन - शरीर में पानी की कमी होना डिहाइड्रेशन के रूप में सामने आता है। खास तौर से गर्मियों में यह समस्या अधि‍क होती है। चावल का पानी आपके शरीर में पानी की कमी होने से बचाता है।

















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शादी के बाद बढ़ता है मोटापा, जानें 5 कारण.






शादी के बाद ज्यादातर लोग मोटे क्यों हो जाते हैं? बहुत से लोगों के लिए यह बात एक राज की तरह है। अगर आपके दिमाग में भी यही सवाल है, कि लोग शादी के बाद मोटे क्यों हो जाते हैं, तो जानिए वजह -






2011 में ओहियो स्टेट में की गई एक स्टडी में पाया गया कि शादी के बाद लोगों के शारीरिक वजन में 9 से 10 किलो ग्राम तक का अंतर आ जाता है।

इसका प्रभाव सबसे ज्यादा महिलाओं पर पड़ता है और वे तंदुरुस्त हो जाती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग शादी के बाद जितना ज्यादा खुश होते हैं उनके मोटे होने की उतनी ज्यादा संभावनाएं होती हैं।

वहीं 2012 में प्रकाशित की गई एक स्टडी में बताया गया है कि ऐसे जोड़े जिनके शादी के दो साल से ज्यादा हो जाते हैं उनके किसी अविवाहित व्यक्ति के मुकाबले शारीरिक वजन बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।






यूएसए टुडे के मुताबिक, शादीशुदा स्त्री अगर 20 साल की है तो अगले पांच सालों में उसका वजन 11 किलो ग्राम के लगभग बढ़ने की संभावनाएं होती हैं। वहीं इसी उम्र के पुरुष का वजन 13 किलोग्राम तक बढ़ने की संभावनाएं होती हैं।

लेकिन ये संभावनाएं क्यों बनती हैं आइए जानते हैं 5 कारण -







1. एक दूसरे की पसंद का पड़ता है असर : जब किसी की शादी हो जाती है तो वह अक्सर बाहर डिनर व ब्रंच के लिए जाना शुरू कर देते हैं। साथ ही छोटी-छोटी बातों को लेकर परवाह करना भी शादी के बाद कम हो जाती है। इस दौरान बाहर खाना एक सबसे महत्वपूर्ण चीज बन जाती है। और लोग अपनी पसंद और अपने पार्टनर की पसंद का खूब ख्याल रखने लगते हैं और अत्याधिक सुख के कारण मोटे होने लगते हैं।




2. शादी के बाद किचन के खाने का मजा : शादी के बाद हमारी भारतीय नारियां पाक कला में खूब हाथ आजमाती हैं ताकि वे अपने जीवनसाथी और घर के बाकी सदस्यों को खुश कर सकें। जब तरह-तरह के व्यंजन रोज बनाए और खाए जाते हैं तो वजन बढ़ना तो जाहिर है।




वजन बढ़ने का संबंध इससे कतई नहीं है कि हैप्पी मैरिज होगी तभी दोनों कपल वजन बढ़ाएंगे, बल्कि शादीशुदा लोग खाने में सांत्वना प्राप्त करने का खूब ध्यान देते हैं। फलस्वरूप वजन बढ़ता है।




3. दबाव नहीं होता : शादी के बाद वजन बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है कि जीवनसाथी पाने का दबाव कम हो जाता है। इसलिए लोग परिवर्तन के लिए तैयार रहते हैं और साथ ही उनके पास एक बहाना होता कि अब तो मैं शादीशुदा हूं।

2013 में हेल्थ साइकॉलजी में प्रकाशित हुए आर्टिकल में बताया गया जो जोड़े अपनी शादी से खुश, संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करते हैं उनमें वजन बढ़ने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। क्योंकि उनमें किसी को आकर्षित करने का कोई दबाव नहीं होता।




4. लापरवाही : एडीलेट, ऑस्ट्रेलिया की फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो महिलाएं शादी के पहले ज्यादा डाइट करती हैं वे शादी के बाद लापरवाह हो जाती हैं जिससे उनका वजन ज्यादा बढ़ जाता है। शादी के बाद महिलाएं सोच लेती हैं कि अब उन्हें किसी को इंप्रेस करने की आवश्कता नहीं है। इसके कारण उनका वजन बढ़ता है।




5. प्रेग्नेंसी का होना : जब मोटापे की बात आती है तो प्रेग्नेंसी दोहरे बाण के रूप में कार्य करती है। प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं का बहुत अधिक खयाल रखा जाता है( जो मां की कोख में पल रहे बच्चे के लिए जरूरी भी है)जिसके कारण प्रेंग्नेंट मां 1 साल तक कोई भी काम नहीं करती। जिसके फलस्वरूप वजन द्रुत गति से बढ़ता है।






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Wednesday, June 15, 2016

जानें, खाली पेट तुलसी के पत्‍ते दूध में मिला कर पीने के फायदे


जानें, खाली पेट तुलसी के पत्‍ते दूध में मिला कर पीने के फायदे




कई बीमारियों के लिए हमेशा दादी मां के घरेलू नुस्‍खे ही काम में आते हैं और यकीन मानिए इनका कोई साइड इफेक्‍ट भी नहीं होता। पीढि़यों से चले आ रहे ये टिप्‍स हमेशा कारगर साबित होते हैं और आगे भी होते रहेंगे।  तुलसी के बारे में दिए जाते हैं। सर्दी हो तो तुलसी का काढ़ा काली मिर्च के साथ बनाकर पीने से लाभ मिलता है आदि। लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि सुबह के समय खाली पेट तुलसी के पत्‍तों को दूध के साथ मिलाकर पीने से किन-किन रोगों से छुटकारा और समस्‍याओं में लाभ मिलता है।  जाने कि तुलसी और दूध के सेवन से क्‍या लाभ होता है: 
1. फ्लू : अगर आपको फ्लू हो गया हो, तो यह पेय आपको लाभ देता है और जल्‍द ठीक होने की शक्ति प्रदान करता है।
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2. ह्दय स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर करे: जिन लोगों को ह्दय रोग हो चुका हो या उनके परिवार में किसी को पहले हुआ हो और उन्‍हें होने की संभावना हो, तो ऐसे लोगों को रोज सुबह खाली पेट दूध और तुलसी का सेवन करना चाहिए। इससे ह्दय स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो जाता है।


3. तनाव कम करे : इस पेय को पीने से मन अच्‍छा हो जाता है और नर्वस सिस्‍टम भी रिलैक्‍स हो जाता है जिससे व्‍यक्ति का तनाव अपने आप कम हो जाता है। अगर कोई डिप्रेशन या चिंता से ग्रस्‍त है तो उसे तुलसी और दूध का सेवन अवश्‍य करना चाहिए।

4. किडनी स्‍टोन को गलाये: अगर किसी व्‍यक्ति को किडनी में स्‍टोन होने की शुरूआत हुई है तो उसे दूध और तुलसी का सेवन करना चाहिए, इससे किडनी का स्‍टोन धीरे-धीेरे गलने लगता है।

5. कैंसर होने से बचाएं: तुलसी में कई एंटीबायोटिक गुण होते हैं साथ ही इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट भी होते हैं और दूध में सारे अन्‍य पोषक तत्‍व होते हैं जिसकी वजह से कैंसर जैसी घातक बीमारी, शरीर के कमजोर न होने की स्थिति में पनप नहीं पाती है।

6. सांस सम्‍बंधी रोगों में लाभप्रद: अगर किसी व्‍यक्ति को दमा या अन्‍य कोई सांस सम्‍बंधी रोग है तो वह तुलसी और दूध का सेवन प्रतिदिन सुबह करें। इससे उसकी बीमारी कुछ ही दिनों में सही होना शुरू हो जाएगी।

7. सिरदर्द बंद करें: अगर‍ किसी को हर कुछ दिन पर सिर में दर्द होने लगता है तो उसे तुलसी और दूध को फेंटकर हर सुबह पी लेना चाहिए। इससे उस व्‍यक्ति को आराम मिलेगा और जल्‍द ही माईग्रेन जैसी बीमारी भी दूर हो जाएगी।

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Tuesday, June 14, 2016

12 प्राकृतिक सौंदर्य उपचार



प्राकृतिक सौंदर्य उपचार



अपना रूप निखारने के लिए हम क्‍या-क्‍या नहीं करते। तमाम तरह के सौंदर्य प्रसाधनों को अपने चेहरे और त्‍वचा पर मलते-घिसते फिरते हैं। लेकिन, इनसे कई बार रूप को नुकसान भी पहुंचता है। आप ही बताइये कुदरत से खूबसूरत क्‍या है भला। और सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक सामग्रियों को इस्‍तेमाल किया जा सकता है। हम आपको कुछ ऐसे उपचार बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ व सुंदर बना सकते हैं।


2
सेल्युलाईट



महिलाओं के शरीर के कुछ हिस्‍सों विशेष रूप से जांघों और हिप्‍स पर फैट का जमाव हो जाता है। इस जमाव से बचने के लिए आप 1/2 कप कैफीन कॉफी ग्राउन्ड के साथ 2 बड़े चम्‍मच जैतून के तेल को लेकर माइक्रोवेव में 10 सेकंड के लिए रखें। फिर अखबार पर खड़े होकर सेल्‍युलाईट स्‍पॉट पर इस मिश्रण को लगाकर इसको प्‍लास्टिक से कवर कर दें। 20 मिनट के बाद प्‍लास्टिक को निकाल दें। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए एक सप्‍ताह में 2-3 बार 6 सप्‍ताह के लिए दोहराये।

3
फाइन लाइन



चेहरे पर पड़ने वाली फाइन लाइन यानी बारीक झुर्रियां खासतौर पर आंखों, मुंह और माथे के आस-पास पड़ी लाइन खूबसूरती को कम कर देती है। इस समस्‍या का समाधान आप प्राकृतिक उपायों द्वारा कर सकते हैं। इसके लिए आप हरे अंगूर को मैश करके, इसका रस निकाल लें। फिर इस रस को कॉटन की मदद से आंखों, मुंह और माथे के आसपास पड़ी लाइन पर उपयोग करें। 5 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। अच्‍छे परिणाम के लिए इस उपाय को सप्‍ताह में 2-3 बार दोहरायें।

4
आंखों में पफीनेस



आंखों के नीचे सूजन (पफीनेस) मुख्य रूप से वॉटर रिटेंशन व वसा के जमाव के कारण होती है। उम्र बढ़ने के कारण भी आंखों के नीचे सूजन आ जाती है। कुछ लोगों में वंशानुगत भी यह समस्या देखने को मिलती है। समस्या के पीछे कारण चाहे कुछ भी हो, लेकिन इसका निदान जरूरी है।इस समस्‍या से बचने के लिए आप एक अंडे के सफेद हिस्‍से को अच्‍छे से फेंट लें। फिर ब्रश की मदद से इस मिश्रण को पफी आंखों पर लगाये। 15 मिनट लगा रहने के बाद इसे धो लें।

5
झुर्रियों का निदान



वैसे तो बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियां आ ही जाती हैं, लेकिन आजकल की भागती दौड़ती जिंदगी में यह समस्‍या समय से पहले आने नजर आने लगी है। झुर्रियां आपकी सुंदरता पर बुरा असर डालती है। इस समस्‍या से बचने के लिए दूध का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए 5 कच्‍चे बादाम को एक कप दूध में रात भर भिगो दें। बादाम को पीसकर इसमें थोड़ा और दूध मिलाकर इसका पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट में थोड़ा शहद मिला लें। इस पेस्‍ट को अपने चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर चेहरे को धो लें। इस उपाय को सप्‍ताह में 2-3 बार के लिए दोहराये।

6
दांतों की खूबसूरती



मुस्‍कुराहट चेहरे की खूबसूरती को बढ़ा देती है लेकिन इसके लिए दांतों का खूबसूरत होना भी बेहद जरूरी है वरना मुस्कुराहट असरदार नहीं होगी। दांतों की खूबसूरती के लिए आप एक स्‍ट्रॉबेरी को मैश करके, उसमें आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा मिला लें। फिर इस पेस्‍ट को पांच मिनट के लिए दांतों पर लगा रहने दें। इसके बाद सामान्‍य रूप से ब्रश और कुल्‍ला कर लें।

7
डार्क सर्कल



तनाव, नींद की कमी और कई अन्य कारणों से आंखों के नीचे डार्क सर्कल पड़ जाते हैं। जो आपकी खूबसूरती को कम कर देते हैं, लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस प्राकृतिक उपाय को अपनाने से आपके डार्क सर्कल मिट जाएंगे और आप पहले की तरह खूबसूरत दिखने लगेंगे। इसके लिए पुदीने के पत्तों और टहनी को लेकर अच्‍छे से पीस लें। फिर इस पेस्‍ट को आंखों के आस-पास काले घेरे पर लगाये। 20 मिनट लगा रहने के बाद धो लें। इस उपाय को कुछ दिन अपनाने से आप अपने डार्क सर्कल को हमेशा के लिए अलविदा कर सकते हैं।

8
मुंहासों की समस्‍या



हार्मोन की गड़बड़ी, त्वचा की ठीक से सफाई न करने या पेट की खराबी के कारण कील मुंहासों की समस्‍या होती है। इस समस्‍या को लेकर लड़किया काफी परेशान रहती हैं क्योंकि यह समस्या आमतौर पर टीनेज और युवावस्था में अधिक होती है। इस समस्‍या से बचने के लिए 1/3 कप गर्म सफेद चाय में 1/3 कप सेब साइडर सिरका मिला लें। फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दें। इस मिश्रण को कॉटन की मदद से मुंहासों और निशान पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। 30 मिनट के बाद इसे धो लें। यह मिश्रण पीएच संतुलन के पुन निर्माण, गंदगी निकालने और रोमछिद्रों को साफ करने में मदद करता है।

9
त्‍वचा के लिए एक्सफोलिएंट



हर सप्‍ताह स्क्रब और एक्सफोलिएंट का प्रयोग करने से त्वचा के नीचे की तेल ग्रंथियों की रूकावट दूर होती है। साथ ही यह त्‍वचा को हाइड्रेट करने के साथ-साथ त्‍वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटा देता है। एक्सफोलिएंट के लिए एक चम्‍मच ब्राउन शुगर, एक चम्‍मच सफेद चीनी, 2 बड़े चम्‍मच नारियल का तेल और एक कटोरी मैश स्‍ट्रॉबेरी लेकर इन सबका मिश्रण बना लें। फिर इस एक्सफोलिएंट को मृत त्वचा और अशुद्धियों को दूर करने के लिए चेहरे पर धीरे से लगाये। जरूरत के हिसाब से से एक सप्‍ताह में 1-2 बार दोहराये।

10
रूखी त्‍वचा



रूखी त्‍वचा पर मौसम का असर फौरन पड़ता है। तेज हवा, धूप और ठंडे पानी से ऐसी त्‍वचा को बचाना चाहिए। इस तरह की त्‍वचा को ठंडे पानी से कम धोना और साबुन का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। इस समस्‍या के लिए घरेलू उपाय के रूप में आप एवोकाडो का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इस पेस्‍ट को बनाने के लिए आप एवोकाडो को लेकर उसे मैश कर लें फिर 1/2 मैश कप एवोकाडो में 1/4 कप शहद मिला लें। चेहरे को साफ करके इस मास्‍क को चेहरे पर लगाकर दस मिनट के लिए बैठ जाये। फिर चेहरे को अच्‍छे से धो लें। इस उपाय से आपको मिलेगी चिकनी, मुलायम और नम त्‍वचा।

11
बड़े रोमछिद्र



कई लोगों के चेहरे पर पोर्स अर्थात रोम छिद्र बड़े हो जाते हैं। उम्र के साथ ये रोम छिद्र और भी बढ़ते जाते हैं। यह समस्या आमतौर पर तैलीय त्वचा में अधिक होती है और देखने में बहुत भद्दे लगती है। सौंदर्य विशेषज्ञों के अनुसार कई बार गलत मसाज करने से भी रोम-छिद्र गैरजरूरी तौर पर खुल जाते हैं। हालांकि इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। बड़े रो‍मछिद्रों की समस्‍या से बचने के लिए एक अंडे के सफेद भाग में एक चम्‍मच कॉर्न स्टार्च को मिलाकर कांटे से अच्‍छे से फेटकर मास्‍क बना लें। इस मास्‍क को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने तक लगा रहने दें। लगभग 20 मिनट के बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें। इस उपाय को सप्‍ताह में 1-2 बार दोहरायें।

12
उम्र के निशान



सौंदर्य की समस्याओं में झाइंयों की समस्या यानी उम्र के निशान प्रमुख समस्या है। चेहरे पर झाइयों को कम करने के लिए प्‍याज लेकर उसके पतले स्‍लाइस काटकर उसका रस निकाल लें। फिर एक भाग प्‍याज के रस में एक भाग सेब का सिरका मिलाकर इसका मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को रूई की मदद से झाइयों पर लगा लें। 30 मिनट के बाद इसे धो लें। 6 सप्‍ताह तक इस उपाय को एक दिन में एक बार जरूर दोहराये। फिर देखें यह निशान कैसे दूर हो जाते हैं।

13
बालों का सौंदर्य



सुन्दर स्वच्छ व घने लहराते बाल आपके चेहरे और व्‍यक्तित्‍व को आकर्षक बनाते हैं। बालों की चमक बरकरार रखने और बालों को मुलायम और सुंदर बनाने के लिए प्राकृतिक उपायों में सिरके से किफायती कुछ भी नहीं। इसके लिए सामान्‍य रूप से शैंपू करने के बाद बालों में सेब का सिरका लगायें। इसके लिए एक मग पानी में एक चम्‍मच सिरका मिला लें। फिर इसे बालों में 5 मिनट तक लगाकर कंडीशनर कर लें। इससे आपके बाल स्‍वस्‍थ और चमकदार हो जायेंगे।




























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Monday, June 13, 2016

हरसिंगार : हर बीमारी में असरदार, जानें 10 लाभ


नारंगी डंडी वाले सफेद खूबसूरत और महकते के फूलों को आपने जरूर देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी हरसिंगार की पत्तियों से बनी चाय पी है? या फि‍र इसके फूल, बीज या छाल का प्रयोग एवं सौंदर्य उपचार के लिए क्या है?  आप नहीं जानते तो, जरूर जान लीजिए इसके चमत्कारी औषधीय गुणों के बारे में। इसे जानने के बाद आप हैरान हो जाएंगे...
हरसिंगार के फूलों से लेकर पत्त‍ियां, छाल एवं बीज भी बेहद उपयोगी हैं। इसकी चाय, न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि के गुणों से भी भरपूर है। इस चाय को आप अलग-अलग तरीकों से बना सकते हैं और सेहत व सौंदर्य के कई फायदे पा सकते हैं। जानिए विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इसके लाभ और चाय बनाने का तरीका - 

वि‍धि 1 : की चाय बनाने के लिए इसकी दो पत्तियां और एक फूल के साथ तुलसी की कुछ पत्त‍ियां लीजिए और इन्हें 1 गिलास पानी में उबालें। जब यह अच्छी तरह से उबल जाए तो इसे छानकर गुनबुना या ठंडा करके पी लें। आप चाहें तो स्वाद के लिए शहद या मिश्री भी डाल सकते हैं। यह खांसी में फायदेमंद है। 
वि‍धि 2 : हरसिंगार के दो पत्ते और चार फूलों को पांच से 6 कप पानी में उबालकर, 5 कप चाय आसानी से बनाई जा सकती है। इसमें दूध का इस्तेमाल नहीं होता। यह स्फूर्तिदायक होती है।
 
चाय के अलावा भी हरसिंगार के वृक्ष के कई औषधीय लाभ हैं। जानिए कौन-कौन सी बीमारियों में कैसे करें इसका इस्तेमाल - 
1 जोड़ों में दर्द - के 6 से 7 पत्ते तोड़कर इन्हें पीस लें। पीसने के बाद इस पेस्ट को पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि इसकी मात्रा आधी न हो जाए। अब इसे ठंडा करके प्रतिदिन सुबह खालीपेट पिएं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से जोड़ों से संबंधित अन्य समस्याएं भी समाप्त हो जाएगी।
2 खांसी - खांसी हो या सूखी खांसी, हरसिंगार के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से बिल्कुल खत्म की जा सकती है। आप चाहें तो इसे सामान्य चाय में उबालकर पी सकते हैं या फिर पीसकर शहद के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं।
3 बुखार - किसी भी प्रकार के बुखार में की पत्तियों की चाय पीना बेहद लाभप्रद होता है। डेंगू से लेकर मलेरिया या फिर चिकनगुनिया तक, हर तरह के बूखार को खत्म करने की क्षमता इसमें होती है।
4 साइटिका - दो कप पानी में हरसिंगार के लगभग 8 से 10 पत्तों को धीमी आंच पर उबालें और आधा रह जाने पर इसे अंच से उतार लें। ठंडा हो जाने पर इसे सुबह शाम खाली पेट पिएं। एक सप्ताह में आप फर्क महसूस करेंगे।
5 बवासीर - को बवासीर या पाइल्स के लिए बेहद उपयोगी औषधि माना गया है। इसके लिए हरसिंगार के बीज का सेवन या फिर उनका लेप बनाकर संबंधित स्थान पर लगाना फायदेमंद है
6 त्वचा के लिए - हरसिंगार की पत्त‍ियों को पीसकर लगाने से त्वचा संबंधी समस्याएं समाप्त होती हैं। इसके फूल का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा उजला और चमकदार हो जाता है।

7 हृदय रोग - हृदय रोगों के लिए का प्रयोग बेहद लाभकारी है। इस के 15 से 20 फूलों या इसके रस का सेवन करना हृदय रोग से बचाने में कारगर है।
8 दर्द - हाथ-पैरों व मांसपेशियों में दर्द व खिंचाव होने पर हरसिंगार के पत्तों के रस में बराबर मात्रा में अदरक का रस मिलाकर पीने से फायदा होता है।
9 अस्थमा - सांस संबंधी रोगों में की छाल का चूर्ण बनाकर पान के पत्ते में डालकर खाने से लाभ होता है। इसका प्रयोग सुबह और शाम को किया जा सकता है।

10 प्रतिरोधक क्षमता - हरसिंगार के पत्तों का रस या फिर इसकी चाय बनाकर नियमित रूप से पीने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर हर प्रकार के रोग से लड़ने में सक्षम होता है। इसके अलावा पेट में कीड़े होना, गंजापन, स्त्री रोगों में भी बेहद फायदेमंद है।












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Sunday, June 12, 2016

कफ से दो दिनों में छुटकारा दिलाएगा ये पावरफुल ड्रिंक

मौसम बदल रहा है और ऐसे में गले का दर्द तथा कफ होना वाजिब है। अगर आप भी कई दिनों में भारी कफ से परेशान हैं, तो गरम दूध के साथ काली मिर्च और शहद का मिश्रण आपको काफी लाभ पहुंचा सकता है।  दूध, काली मिर्च और शहद का यह पावर फुल ड्रिंक आपको रातों रात सीने में जकड़न और कफ से छुटकारा दिला देगा। गरम गरम दूध आपके खराब गले में पहुंच कर खराश को दूर करने में मददगार होगा। इसके अलावा शहद में एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं, जो कफ पैदा करने वाले संक्रमण को खतम करती है। इस ड्रिंक को पीने से कफ तो दूध होगा ही साथ में गले की सूजन भी कम हो जाती है। तो देर किस बात की आइये जानते हैं इस पावर फुल ड्रिंक को कैसे बनाते हैं और इसे कब पीते हैं। इस ड्रिंक को बनाने का तरीका जानें- सामग्री- गरम दूध- 1 गिलास पिसी काली मिर्च- 1/4 चम्‍मच शहद- 2 चम्‍मच बनाने की विधि- एक पैन में दूध को गरम कर के गिलास में निकाल लें। फिर उसमें साबुत काली मिर्च को कूट कर पावडर बना कर मिलाएं। फिर इसमें 2 चम्‍मच शहद मिला कर ड्रिंक को रेडी करें। इस ड्रिंक को रोजाना रात में सोने से पहले पियें और कुछ ही दिनों में फरक देखे

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Saturday, June 11, 2016

अनिद्रा का घरेलू उपचार









अगर सोना आपके लिए जरुरी काम बन जाए तो समझिए कुछ गड़बड़ी है। अनिदा आम कामकाजी भारतीयों की शिकायत बनती जा रही है। इंसोमेनिया कोई बीमारी नहीं बल्कि खराब जीवनशैली से उत्पन्न हुई नींद संबंधी समस्या है। इंसोमेंनिया अगर लंबे समय तक रहे तो यह गंभीर बीमारी का रुप ले सकती है।

डॉक्टर कहते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य और जिंदगी के लिए एक आम इंसान को 7 से 8 घंटे अवश्य सोना चाहिए। लेकिन नौकर-धंधे का प्रेशर, व्यस्त दिनचर्या और आगे भागने की होड़ में हम नींद को ही भूल जाते हैं। बाद में जब नींद काफी सताने लगती है तो हम स्लीपिंग पिल्स (Sleeping Pills) लेने लगते हैं। लेकिन स्लीपिंग पिल्स लेने से बेहतर है कि हम कुछ ऐसे आसान घरेलू इलाज करें जिससे शरीर की थकावट दूर हो और हमें बेहतर नींद मिल सके।

अनिदा को भगाने के घरेलू इलाज (Home Remedies for Insomenia)

हरी साग और सब्जी ज्यादा मात्रा में खाएं (Eat green vegetables more)

हरी साग और सब्जी शरीर के लिए ही नहीं नींद के लिए भी जरुरी है। खासकर जिन सागों के पत्ते बड़े हों और उसमें लिसलिसापन हो तो यह नींद आने में काफी मदद करता है। पोरो और पालक के साग नियमित रुप से खाएं, इससे बेहतर नींद आएगी।

मैग्नीशियम और कैल्शियम (Magnesium and calcium)

मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों को ही नींद बढ़ाने वाली केमिकल कही जाती है। जब यह दोनों साथ में ली जाए तो और असरदार होती है। मैग्नीशियम खाने से दिल की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है। रात में 200 Mg मैग्नीशियम(ज्यादा मात्रा न लें, डायरिया हो सकता है) और 600 mg कैल्शियम निश्चित रुप से खाएं, बेहतर नींद आएगी।

जंगली सलाद पत्ता या काहू (Wild Lettuce)

अगर आपको टेशन, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती होगी तो आप जंगली सलाद पत्ता को जरुर जानते होंगें। यह शरीर की थकावट, डिप्रेशन और अनिदा में भी काफी असरदार होती है। सोने से पहले इसे पैरों में 30 से 120 मिली ग्राम लगा लें, थकावट गायब हो जाएगी और चैन की नींद आ जाएगी।

हॉप्स (Hops)

यह एक प्रकार का जंगली पौधा है जिसके फल का उपयोग शराब (बीयर) बनाने के काम में आता है। अनिदा, टेंशन और डिप्रेथन के मरीजों को इसके फल का रस पिलाई जाती है ताकि उन्हें आराम की नींद आ सके।

एरोमाथेरेपी (Aromatherapy)

सुगंध का मस्तिष्क से गहरा संबध है। बहुत सारे लोग अपने बेड पर तकिए के नीचे चमेली के फूल रख कर सोते हैं। कई लोग अपने बालकनी में रजनीगंधा या इसी तरह के सुगंधित फूलों के पौधे लगा कर रखते हैं ताकि इसके सुगंध से रात में बेहतर नींद आ सके। लेवेंडर के फूल भी काफी असरदार होते हैं अनिदा के मरीजों के लिए। तकिए के नीचे इसके फूल रख देने से सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है और नींद बेहतर आती है।

योग और ध्यान (Yoga or meditation)

योग और ध्यान को नियमित अभ्यास में लाएं। योग में ज्यादा कठिन आसन नहीं करने हैं, साधारण आसन जिससे मन को शांति मिले वही करें। बेड पर जाने, पहले 5 से 10 मिनट ध्यान करें। ध्यान के दौरान कहीं भटके नहीं और मन को सिर्फ अपनी सांस पर एकाग्र करें। रात में बेहतर नींद आएगी।

एल- थियानीन (L-theanine)

ग्रीन टी में एल –थियानिन नामक एमीनो एसिड पाई जाती है। इसे दिन में पीने से चुस्ती और ताजगी छाई रहती है मन में और रात में पीने से गहरी नींद आती है।




















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Friday, June 10, 2016

पिंपल फोड़ने से पहले जान लें ये बातें



क्‍या आपके चेहरे पर पिंपल निकलता है तो आप उसे फोड़ देते हैं? अगर हां, तो आपको ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं करना चाहिये। चेहरे पर निकले मुंहासे को कभी फोड़ना नहीं चाहिये नहीं तो, चेहरे पर दाग पड़ जाता है और चेहरा बहुत ही ज्‍यादा खराब दिखने लगता है। पिंपल को फोड़ने पर इंफेक्‍शन हो जाता है, जो कि और भी ज्‍यादा घातक है। मुहासों ने गंभीर रूप ले लिया हो, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।




पिंपल फोड़ने के नुकसान


पिंपल को फोड़ने से वह त्‍वचा के आसपास के ऊतकों में चला जाता है। इससे उस जगह पर कई सारे रोगाणु फैलने के चांस बढ़ जाते हैं। ऐसा करने पर भयंकर इंफेक्‍शन बढ़ जाता है।
जब आप पिंपल फोड़ते हैं, तो आप चेहरे पर एक गहरा घाव बना देती हैं, जिससे वह घाव समय के साथ बढ़ता चला जाता है और वह एक दाग का रूप ले लेता है।




पिंपल फोड़ने से चेहरे पर लाल रंग के दाग बन जाते हैं, जो कि कई दिनों तक फूले नजर आते हैं। यह दाग मेकअप से भी नहीं छुपते।
क्‍या आप जानती हैं कि एक पिंपल फोड़ने से चेहरे पर दूसरा पिंपल जल्‍दी ही निकल आता है।


पिंपल के लिए अपनाएं ये घरेलू उपचार


अगर चेहरे पर मुंहासे हैं, तो कुछ घरेलू उपायों को आजमाना चाहिये, जिससे वह जल्‍द से जल्‍द ठीक होना शुरु हो जाएं।
चंदन और हल्दी पावडर का पेस्ट दूध के साथ मिलाकर बना लें। पानी के साथ घिसा हुआ जायफल भी एक्ने और पिंपल के इलाज में कारगर होता है।
ग्वारपाठे के रस के नियमित सेवन से त्वचा के कई रोग खत्म होते हैं। ग्वारपाठे का रस सीधे त्वचा पर भी लगाया जा सकता है। इसे आधा कप सुबह शाम लेना चाहिए। गर्भवती महिलाएँ इसका सेवन न करें।
रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से साफ करें। एक चम्मच खीरे के रस में हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगा लें। आधे घंटे बाद धो लें।









एक चाय के चम्मच भर जीरे का पेस्ट बना लें। चेहरे पर एक घंटे तक लगा रहने दें। बाद में धो लें।
पिंपल ठीक करने के लिए चेहरे पर नीम का फेस पैक लगाएं। ताजी नीम की पत्तियां और चंदन पाउडर का लेप बना लें। इसे 15 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर चेहरा ठंडे पानी से धो लें।


इसके साथ-साथ, जब आपको पिंपल हों तो अपनी डाइट का खास खयाल रखें। अपनी डाइट में सुधार करें। ऑइली फूड को इग्नोर करें और फल और सब्जियां खाएं। साथ ही ढेर सारा पानी पीएं। इससे शरीर की गंदगी बाहर निकल जाएगी




















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Thursday, June 9, 2016

गैस, अफारा और एसिडिटी को चुटकियों में दूर करेंगे ये नुस्खे



आज घर-घर में लोग एसिडिटी या गैस अफारा से परेशान हैं। हर उम्र के लोगों में एसिडिटी जैसी बीमारी बढ़ती जा रही है। आइए जानते है किचन में मौजूद कुछ ऐसे मसाले जो पलभर में आपकी एसिडिटी को छूमंतर कर सकते हैं।

अजवाइन : अजवाइन एसिडिटी रोकने में काफी हद तक सहायक है। दो चम्‍मच अजवाइन को एक कप पानी में उबाल लें। अच्छी तरह उबल जाने के बाद इसे छानकर पी जाएं। पेट में होने वाली सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी।


आंवला : आंवला पेट की कई तरह की परेशानियों को दूर करता है। साथ ही एसिडिटी रोकने में भी मददगार होता है। सूखा आंवला चबाने से भी एसिडिटी में राहत मिलती है। इससे पेट दर्द में भी आराम मिलता है। बाजार में सूखा हुआ आंवला आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा इसे घर पर लाकर पानी में उबालकर सुखाया जा सकता है।


काली मिर्च : काली मिर्च पेट में होने वाली गैस की समस्‍या को दूर करती है। खाने में काली मिर्च का इस्तेमाल करने से एसिडिटी और पेट संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। काली मिर्च का पाउडर छाछ में डालकर पीने से पेट की समस्याओं में आराम मिलता है।


अदरक : अदरक पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है। अदरक को कच्‍चा खाने या चाय में डालकर पीने से पेट की समस्या दूर होती है।


तुलसी : तुलसी में बहुत सारे गुण होते हैं। इसका इस्तेमाल दवाई के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियां खाने से एसिडिटी की समस्‍या में राहत मिलती है।


लौंग : लौंग भी पाचन शक्ति को बेहतर बनाती है। लौंग को चबाकर पानी पी लेने से पेट की समस्या दूर होती है 


















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