Friday, May 27, 2016

गर्भावस्था के दौरान इन फूड्स से बचें

गर्भावस्‍था के दौरान आहार



गर्भावस्‍था के दौरान महिला पर अपने साथ-साथ होने वाले बच्‍चे का भी दारोमदार होता है। इस दौरान अपने भोजन को लेकर उसे बहुत सचेत
रहना पड़ता है। आहार में जरा सी चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनसे इस समय के दौरान दूर ही
रहना चाहिए। आइए हम आपको ऐसे ही फूड्स के बारे में बताते है।




शराब का सेवन न करें



गर्भावस्‍था में शराब होने वाले बच्‍चे की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। वह शराब प्‍ले सेंटा के माध्यम से आसानी से बच्चे तक पहुंच जाती है। अगर आप गर्भवस्था के दौरान भी शराब का सेवन जारी रखती हैं, तो बच्‍चे के शराब स्पेक्ट्रम विकार (FASD) के साथ पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। शराब की कोई भी मात्रा गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नही मानी जाती। इसलिए, इसे नहीं लेना चाहिए।




कच्चे अंडे



कच्‍चे अंडे में हानिकारक जीव, ई-कोलाई और साल्‍मोनेला पाया जाता है। यह गर्भवती महिला की आंत्र संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए
यह जरूरी हो जाता है कि गर्भावस्था के दौरान कच्चे अंडों का सेवन न किया जाए।




मछली पारे से परिपूर्ण



मछली जो पारे से परिपूर्ण होती है उनमें शार्क, स्वोर्डफ़िश, राजा प्रकार की समुद्री मछली और टाइलफिश आती है। इन सब प्रकार की मछलियों को गर्भावस्‍था के दौरान नही लेना चाहिए। कई डॉक्‍टर यह मानते हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रति सप्ताह में ३०० ग्राम से अधिक मछली नहीं खानी चाहिए।




सॉफ्ट चीज



गर्भवती महिला को सॉफ्ट चीज से बचना चाहिए। सॉफ्ट चीज में शामिल हैं- जैसे फिटा, ब्री, और कैमेम्बर्ट पनीर, ब्‍लू वेइनेद चीज, क्युसो ब्लांको,
क्‍युसो फ्रेस्को और फनेल। अरेइस चीज खाने के लिए सुरक्षित हो सकता है अगर उस पर पॉश्चराइड लेबल लगा हो तो।




कच्चा मांस और समुद्री भोजन सुशी के साथ



गर्भवती महिला की प्रतिरक्षा प्रणाली को गर्भावस्था के कारण समझौता करना पड़ता है। क्‍योंकि इस समय वह कई गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकती है। सभी प्रकार के कच्चे, दुर्लभ मांस और समुद्री भोजन में लिस्टेरिओसिस और साल्मोनेला विषाक्तता का खतरा काफी अधिक होता है। इसलिए उसे इसके सेवन से दूर रहना चाहिए। कुछ मामलों में, गर्भावस्था के दौरान लिस्तेरिओसिस श्रम अपरिपक्व का या गर्भपात का कारण बनता है।




अनपॉश्चराइड दूध और जूस



अनपॉश्चराइड दूध और कई नरम चीज से गर्भावस्था के दौरान से बचा जाना चाहिए। कोई भी डेयरी उत्पाद जो पॉश्चराइड नही है उसमें लिस्टिरिया संदूषण की क्षमता होती है। अगर चीज पर यह लेबल लगा है कि वह पॉश्चराइड दूध से बना है तो गर्भावस्था के दौरान इसका इस्‍तेमाल करना सुरक्षित हैं। लेकिन अगर लेबल से स्पष्ट नहीं हो रहा है तो इससे बचना बेहतर होगा क्‍योंकि इनमें बैक्टीरिया हो सकता है जो खाद्य जनित बीमारियों को जन्म दे सकता ह




कच्ची अंकुरित सब्जियां



गर्भावस्था के दौरान, कच्ची अंकुरित सब्जियों से बचना चाहिए क्‍योंकि बैक्टीरिया अंकुरित सब्जियों में मिल जाता हैं। इस प्रकार के कच्‍चे अंकुरित
से बचना चाहिए जैसे अल्फला, तिपतिया घास, मूली और मूंग।




कैफीन



कैफीन एक उत्तेजक और मूत्रवर्धक है। इसके सेवन से ब्‍लड प्रेशर और हार्ट बीट दोनों बढ़ जाती हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए इसका
इस्‍तेमाल न करने की सिफारिश की जाती हैं। इससे शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी के कारण यूरीन की आवृति बढ़ जाती है। जिसका
परिणाम डिहाइड्रेशन के रूप में सामने आता हैं।




हर्बल सप्‍लीमेंट



आमतौर पर हर्बल सप्‍लीमेंट का अन्‍य दवाओं की तरह परीक्षण नही होता है, इसलिए इसे गर्भावस्‍था के दौरान लिए सुरक्षित नही माना जाता हैं।
इसलिए जो महिला नियमित रूप से डिकैफ़िनेटेड चाय लेती है उनको गर्भावस्‍था के दौरान हर्बल सप्‍लीमेंट लेने से पहले अपने डाक्‍टर से बात करनी चाहिए।























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