Thursday, April 28, 2016

पाइल्स है, तो इन 5 चीजों से बनाएं दूरी


पाइल्स है, तो इन 5 चीजों से बनाएं दूरी






1 तेल मसालेदार भोजन - अत्यधि‍क तेल व मसालेदार भोजन आपके लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। डॉक्टर्स इस तरह के भोजन से बचने की सलाह उन लोगों को भी देते हैं, जिन्हें पाइल्स नहीं है। लेकिन मसालों का अधिक सेवन आपको इस बीमारी ये ग्रस्त बना सकता है, और यदि आप पहले से ही मरीज हैं, तो यह आपकी समस्या को और बढ़ा सकता है।


2 फास्ट फूड से बचें - यदि आपको पाइल्स है, तो फास्ट फूड से जितना हो सके, दूरी बनाएं रखें। इसकी बजाए आप, फलों या कुछ खास सब्जियों जैसे- पत्तागोभी, चुकंदर आदि को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं, जो काफी फायदेमंद है।


3 राजमा व मसूर से बचें - यदि आप राजमा- चावल खाने के शौकीन हैं, तो आपको इस शौक से तौबा कर लेनी चाहिए, क्योंकि राजमा व मसूर जैसी चीजें पाइल्स के रोगियों के लिए बेहद नुकसानदायक है।



4 घी - वैसे तो घी आपके शरीर के लिए काफी लाभदायक होता है, परंतु कई बार इसका सेवन पाइल्स के रोगियों की समस्या को बढ़ा सकता है। इसीलिए घी का सेन तभी करें, जब यह आपको सूट करता हो।

















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


अपने हाथ के आकार से जानें कैसा है आपका व्‍यक्तित्‍व





अपने हाथ के आकार से जानें कैसा है आपका व्‍यक्तित्‍व


आपने लोगों की हाइट से उनकी पर्सनैलिटी का राज जाना होगा। इसके अलावा बातचीत से भी लोगों की पर्सनैलिटी का खुलासा करते सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी हाथों से पर्सनैलिटी का खुलासा होते सुना है? जी, हां! चलिए हम आपको बताते हैं कि आपकी हथेली किस तरह आपके पर्सनैलिटी का तिनका तिनका बयां करती है।

1
रेक्टुंगलर हथेली



यदि आपके रेक्टुंगलर आकार के हाथ हैं तो समझना चाहिए कि आप समस्या से निपटने में माहिर हैं। असल में आप समस्या को पहले से ही भापकर उसका निदान करने में महारत रखते हैं। साथ ही दूसरों की समस्या का निपटारा करने में भी आप एक्सपर्ट है। विशेषज्ञ यह भी कहतेहै। कि समकोणीय हाथ वाले व्यक्ति खासकर आफिस सम्बंधी समस्याओं में ज्यादा सहायक होते हैं। इतने में ही आपकी खासियत खत्म नहीं हो जाती। आपकी हथेली इस ओर भी इशारा कर रही है कि आप खासा एड्वेंचरस यानी खतरों के खिलाड़ी भी है। बिना कुछ सोचे समझे कोई भी खतरा मोल ले लेते हैं।





2
स्क्वायर हथेली



स्क्वायर हथेली वाले लोग बहुत ज्यादा व्यवहारिक होते हैं। ये बिना व्यवहारिक हुए कोई काम करना पसंद ही नहीं करते। यही कारण है कि आप इनसे रचनात्मक कार्य की उम्मीद न करें। विशेषज्ञों की राय में स्क्वायर हथेली वाले लोग रचनात्मक कार्यों में जरा भी रुचि नहीं दिखाते। इतना ही नहीं उन्हें रचनात्मक कार्य से दूरी पसंद आती है। असल में इनके जीवन में सिर्फ और सिर्फ व्यवहारिक होने का बोलबाला होता है। ये बिना तर्क के कोई काम करना तक पसंद नहीं करते। अपने तर्कशास्त्र व्यवहार के कारण ये लोग अत्यधिक सोचते हैं। इनके लिए आप कह सकते हैं कि जितना सोचते हुए ये लोग दिखते हैं, ये उतना ही सोचते हैं। बिना सोचे समझे कोई काम अंजाम देने में ये लोग विश्वास नहीं रखते।




3
छोटे हाथ



छोटी हथेली वाले काफी रिस्की लोग होते हैं। आप कह सकते हैं कि जितने छोटे हाथ, उतना बडा रिस्क। जिस भी जगह हो, जैसा भी माहौल हो। कोई भी रिस्क हो। हर काम करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ये लोग अंजाम की तो खैर परवाह करते ही नहीं; लेकिन इन्हें काम के दौरान आने वाली समस्याओं से भी परेशानी महसूस नहीं होती। यही कारण है कि ये लोग अन्य लोगों से अलग हैं। ये अपने रिश्ते में भी अपने पार्टनर को हर समय खास महसूस कराने की कोशिश करते हैं। असल में ये रोमांटिक भी हैं और इनका प्यार ड्रामाटिक लगता है।



4
लम्बी अंगुलियां



यदि आपका कोई दोस्त काफी ज्यादा जिज्ञासु है तो जरा उसकी अंगुलियों की ओर गौर करें। कहीं उसकी अंगुलियां लम्बी तो नहीं? असल में लम्बी अंगुली वाले लोग बेहद जिज्ञासु और हर चीज जानने को उत्साही होते हैं। आप कह सकते हैं कि ये लोग छोटी अंगुली वाले लोगों के बिल्कुल उलट होते हैं। ये लोग स्वभाव से ही लीडर होते हैं। हर समय दूसरों को अपने काम से प्रभावित करने की हर संभव कोशिश करते हैं। यही नहीं ये लोग अकसर खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की कोशिश करते हैं ताकि दूसरों के लिए अच्छे लीडर साबित हो सकें।




5
बड़ी हथेली



बड़ी हथेली वाले लोग काफी भावुक होते हैं। इन लोगों की एक समस्या यह है कि इन्हें हर चीज पर्फेक्ट चाहिए। असल में यह समस्या इस लिहाज है कि यदि कोई काम पर्फेक्ट न हो या फिर इनके ओर्डर के मुताबिक न हो तो ये बहुत जल्द भड़क जाते हैं। इनके साथ बनाए रखने के लिए जरूरी है कि इनकी हर बात मानी जाए। असल में ये हमेशा दूसरों पर प्रभावी बने रहना चाहते हैं। हालांकि भावुकता इनकी तमाम अन्य नकारात्मकता को दरकिनार कर देता है।

Wednesday, April 27, 2016

शंख में छिपे हैं सेहत के ये राज






हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ़ शंख : शंख में छिपे हैं सेहत के ये राज







शंख सिर्फ हिंदू धर्म का पवित्र धार्मिक प्रतीक ही नहीं है बल्कि इसके कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। शंख बजाने के अलावा इसमें रखा पानी कई बीमारियों में फायदा करता है। शंख में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अलावा कई मिनरल्स होते हैं जो हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। शंख से जुड़े ऐसे हेल्थ बेनिफिट्स जिनके बारे में शायद आप भी नहीं जानते होंगे।






शंख बजाने के फायदे


1.शंख बजाने से फेफड़े फैलते है। अस्थमा और सांस से जुडी प्रॉब्लम में फायदा होता है।

2. रेक्टल मसल्स सिकुड़ती और फैलती है। इससे उनकी एक्सरसाइज होती है। गैस्ट्रिक और पेट की कई प्रॉब्लम दूर होती है।

3. प्रोस्टेट मसल्स की एक्सरसाइज होती है पर उनमे सूजन नहीं आती।

4. यूरिनरी ब्लैडर की एक्सरसाइज होती है और इनसे रिलेटेड बिमारियों से बचाव होता है।


5. शंख बजाने से चेस्ट की मसल्स की टोनिंग होती है।

6. गले की मसल्स की एक्सरसाइज होती है। वोकल कार्ड और थाइरायड से जुडी प्रॉब्लम्स में फायदा होता है।

7. ब्रेन और पूरी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है। हेयर फॉल की प्रॉब्लम भी दूर होती है।

8. फेस की मसल्स की एक्सरसाइज होती है। झुर्रियों से बचाव होता है।

शंख में रखे पानी के फायदे

9. शंख में रातभर रखे पानी से सुबह स्किन की रेगुलर मसाज करे। स्किन डिजीज में फायदा होता है।

10. रातभर शंख में रखे पानी में गुलाब जल मिलाकर बाल धोने से बाल काले, मुलायम और घने होते है।

11. शंख में रातभर रखे पानी को तीन चम्म्च सुबह खाली पेट पीने से कब्ज जैसी तकलीफों में फायदा होता है।

12. रातभर शंख में रखे पानी में उतना ही सादा पानी मिलाकर आँखों को धोने से आँखें हेल्दी रहती है।

13. नहाने के बाद शंख को स्किन पर हल्के-हल्के रगड़ने से स्किन ग्लो करती है।

















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Friday, April 22, 2016

हेल्थ केयर टिप्स फॉर फैमेली

हेल्थ टिप्स


* पसीने में पानी पीना, छाया में बैठकर अधिक हवा खाना, छाती व सिर में दर्द पैदा करते हैं।

* भोजन के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी पीना, भोजन के बाद ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए।

* दिनभर बैठक का काम करने वाले व्यक्ति को प्रातः घूमना चाहिए।

* जूठा पानी पीने से टीबी, खांसी व दमा आदि बीमारियां पैदा होती हैं।

* पेट में पानी हो तो दो गोले नारियल का पानी नित्य सेवन करें।

* महिलाओं को विशेषकर अंगूर सेवन ज्यादा करना चाहिए।

* दही में बेसन मिलाकर उबटन की तरह मलें, शरीर की बदबू रफूचक्कर हो जाएगी।

* सांस फूलने पर दही की कढ़ी में देसी घी डालकर कुछ दिन खाएं।

* लू से छुटकारा पाने के लिए मिश्री के शरबत में एक कागजी नीबू निचोड़कर पीएं।

* कांच या कंकर खाने में आने पर ईसबगोल भूसी गरम दूध के साथ तीन समय सेवन करें।

* घाव न पके, इसलिए गरम मलाई (जितनी गरम सहन कर सकें) बांधें।





















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Wednesday, April 20, 2016

आपकी मेमोरी कम करती है ये आदतें



ये 9 आदतें कम करती है आपकी मेमोरी, बदलाव है जरुरी




गाड़ी की चाबी रखकर भूल गए। अभी दो मिनट पहले दोस्त ने एक नबंर बताया, पांच मिनट वो भी भूल गए। शाम की मीटिंग का टाइम और जगह का नाम फोन में रिमाइंडर लगाया, लेकिन फोन ही रखकर भूल गए। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो सोच कर परेशान नहीं हों, बल्कि अपने खानपान में बदलाव करें। यह भूलने की आदत आपके रोज़ाना की भागदौड़ की वजह से नहीं, बल्कि आप जो खा रहे हैं, उसकी वजह से है। आज हम आपको आपकी उन 9 आदतों के बारे में बता रहे है जो आपकी कम होती याददाश्त के लिए जिम्मेदार है।

1. सिगरेट

अगर आप भी स्टाइल मारने के लिए सिगरेट पीते हों तो संभल जाएं। सिगरेट आपके हिसाब से आपको स्टाइलिश तो बना रही है, लेकिन आपके दिमाग को खाली करती जा रही है। जी हां, सिगरेट और स्मोकिंग पर हुई कई स्टडी बताती हैं कि यह एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आपकी मेमोरी को कम करती है।
2. एल्कोहल

शादी का जलसा हो या कोई पार्टी, हाथ में शराब से भरा जाम लिए मस्ती में झूमते लोग आपको जरूर दिख जाएंगे। कोई भी मौका हो, शराब के शौकीन एक दो पैग तो लगा ही लेते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो ध्यान दें कि यह आदत आपके दिमाग को धीरे-धीरे कमज़ोर कर रही है। स्टडी बताती है कि हफ्ते में तीन बियर या तीन ग्लास वाइन पीने से कॉन्सन्ट्रेशन पावर और याद्दाश्त कम होती है।
3. ट्रांस फैट्स

अनसैचुरेटेड फैट को ट्रांस फैट कहते हैं। इसे पचाने में बॉडी को बहुत मुश्किल होती है। इस कारण ये सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। चिप्स, कुकीज, कैंडी बार, फ्राइड फूड्स में ट्रांस फैट होता है। डाइजेस्टिव सिस्टम के साथ ही यह मेमोरी को भी प्रभावित करता है। इसीलिए इनका सेवन कम ही करें।
4. डिप्रेशन

डिप्रेशन से दिमाग पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इससे मेमोरी बुरी तरह प्रभावित होती है। स्टडी से पता चला है कि डिप्रेशन हिप्पोकम्पस को नुकसान पहुंचाता है। ब्रेन का यह हिस्सा मेमोरी को बनाता और डेवलप करता है। डिप्रेशन से चीज़ों को याद रखने की क्षमता कम होती है।
5. न्यूट्रिशन की कमी

न्यूट्रिशन की कमी भी मेमोरी को कम करती है। इसीलिए शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिलने चाहिए, खासकर विटामिन बी कॉम्पलेक्स। इस विटामिन की कमी से मेमोरी लॉस भी हो सकता है। इसलिए विटामिन बी से भरपूर फूड जैसे अंडे, रेड मीट, फिश, डेयरी प्रोडक्ट्स जरूर खाएं।
6. रिफाइंड ग्रेन

होल ग्रेन में बहुत सारा फाइबर होता है, इसीलिए यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। लेकिन रिफाइंड ग्रेन (ब्रेड, डबल रोटी, बिस्किट आदि) में फाइबर पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह तो है ही, मेमोरी पर भी असर डालता है।
7. सैचुरेटेड फैट्स

सैचुरेटेड फैट जैसे मक्खन, घी, मलाई, चिकन, मीट आदि का ज्यादा सेवन डाइजेस्टिव सिस्टम को तो खराब करता ही है, साथ ही मेमोरी को भी धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। साथ ही इससे दिल की रक्त वाहिकाओं के संकरा होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
8. ज्यादा शुगर

अपने खाने में ज्यादा शुगर लेने से मेमोरी को नुकसान पहुंचता है। इसीलिए जितना हो सके, कम शुगर लें। जैसे चाय या कॉफी में चीनी कम से कम डालें। बाहर से मिठाई या आर्टिफिशियल शुगर कम लें।
9. स्ट्रेसफुल इवेंट

आपके पास जब भी अचानक कोई स्ट्रेस भरा काम आता है, तो आपका दिमाग उसका सॉल्युशन ढूंढने में लग जाता है। यह स्वाभाविक तौर पर होता है, लेकिन लोग फिजूल में दिमाग पर प्रेशर डालने लगते हैं। इससे दिमाग के काम करने की क्षमता घट जाती है। साइकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि किसी भी समस्या में सामान्य बने रहें। तब दिमाग सही से काम करेगा, नहीं तो प्रेशर डालने पर ऐसे सिग्नल मिलने लगेंगे कि आप काम से बचने का बहाना भी बनाने लग सकते हैं।



सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Monday, April 18, 2016

इन उपायों से कर लीजिये खूबसूरती को कैद

1. खूब पानी पियें डीहाइड्रैशन यानि पानी की कमी से आपकी त्वचा रूखी और बेजान लगने लगती है। इसलिए जितना होसके ज्यादा से ज्यादा पानी पिए, इसे आपकी त्वचा को नमी मिलती है, और जल्दी झुर्रिया होने का खतरा भी कम होजाता है।


2. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लें जैसे जैसे उम्र बढ़ती है अक्सर देखा गया है कि शरीर में कभी कभी सूजन होने लगती है। इससे बचने के लिए जितना होसके अपने खाने में एंटीऑक्सीडेंट लें। इससे शरीर जल्दी बूढ़ा नहीं होता है और सूजन भी कम होजाती है।

3. अपने भोजन में हर रंग की सब्ज़ी को शामिल करें सब्ज़ी प्राकृतिक रूप से जितना रंगीन होते हैं, वे उतने ही अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक भी होते हैं। रंगीन फल या सब्जियों में बीटा-कैरोटीन, वीटामिन-बी, विटामिन-सी समेत और भी कई पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। जिससे त्वचा के सेल फिर से बने लगते हैं और आपकी त्वचा जवां दिखने लगती है।

4. जैविक खाद्य पदार्थों का सेवन करें यह उम्र बढ़ने पदार्थों को कम करते हैं।

5. सूरज में कम से कम निकलें सूरज में रहने से विटामिन डी मिलता है जो कि हमारी हड्डियों के लिए अच्छा होता है। लेकिन अगर सूरज में ज्यादा देर रहा जाये तो हमारी त्वचा को भरी नुकसान पहुँचता है। इसलिए जब भी सूरज में निकालें धूप का चश्मा या सनस्क्रीन का प्रयोग जरुर करें।

6. त्वचा के लिए प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करें बहुत से स्किनकेयर उत्पादों नुकसान पहुचने वाले रसायन होते हैं। इसलिए जितना होसके प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करें जिनमें किसी भी तरह का कोई भी रसायन ना हो।

7. बिना रसायन वाले उत्पादों का इस्तेमाल करें बिना रसायन वाले उत्पादों का इस्तेमाल करें क्यों कि जब भी आप कोई भी क्रीम लगते हैं तो उसे आपकी त्वचा ऐब्सॉर्ब कर लेती है।

8. घर में पेड़ लगाएं क्या सिर्फ बहार ही प्रदूषण होता है जी नहीं घर में भी प्रदूषण होता है, इसलिए अपने घर के अंदर भी पेड़ पौधे लगाये, जिसे घर की हवा शुद्ध होजाये।

. खूब विटामिन सी खाएं विटामिन सी खाने से चहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। यह शरीर में रोग पैदा करने वाले विषाणुओं से लड़ने की ताकत पैदा करता है।


10. चीनी कम खाएं चीनी कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुचता है जिससे झुर्रियां होती हैं

11. हेल्थी फैट लें ऐवकाडो, जैतून का तेल, सन बीज, बादाम और मछली आपने खाने में शामिल करें। यह आपको वह फैटी एसिड देंगे जो आपकी स्किन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

12. अपने शरीर को साफ रखें धूल मिट्टी से हमारी त्वचा को बहुत नुकसान होता है और बुढ़ापा भी दिखने लगता है। इसके लिए खूब पानी पियें और सुबह उठ ते ही एक गिलास पानी में एक नीबू निचोड़ कर पिए इससे आपके शरीर के जितने भी टोक्सिन है वह सब बाहर निकल जायेंगे।

13. स्ट्रेस को कम करने की कोशिश करें किसी भी तरह के अवसाद से आपकी त्वचा पर असर दिखने लग जाता है। इससे बचने के लिए योग या ध्यान करें।

14. नींद शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने के लिए नींद और आराम निहायत जरूरी है। इसलिए आठ घंटे की नींद बहुत जरुरी है।

15 व्यायाम करें स्वस्थ त्वचा के लिए ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होना बहुत जरुरी है। जिसके लिए आपको व्यायाम करना होगा। यह आपके शरीर में ऑक्सीजन कि मात्रा को बढ़ाएगी और पसीने से आप के शरीर की गन्दगी को बहार कर देगी।


सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Saturday, April 16, 2016

अंकुरित गेहूं खाने के अनोखे फायदे



अंकुरित गेहूं खाने के अनोखे फायदे



आज कल जिस तरह से मौसम में गर्मी बढ़ रही है, उसको देखते हुए हमें अपने खान-पान में थोड़ा बहुत बदलाव करना बहुत जरुर है। चिकित्‍सक के अनुसार अगर लोग रोजाना अंकुरित अनाज का सेवन शुरु कर दें तो वे कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं। अनाज को अंकुरित करने से उसके पोषक और पाचक गुण बढ़ जाते हैं। यदि आप रोजाना अंकुरित गेहूं का सेवन करेंगे तो आपके शरीर को विटामिन, मिनरल्‍स, फाइबर, फोलेट आदि मिलेंगे जो कि आपके त्‍वचा और बालों के लिये फायदेमंद है। इसे खाने से किडनी, ग्रंथियां, तंत्रिका तंत्र की मजबूती और रक्‍त कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है। अंकुरित गेहूं के सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्‍म रेट भी बढ़ता है जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इससे शरीर की गंदगी बाहर निकलती है और रक्‍त शुद्ध होता है। जिन लोगों को हर वक्‍त पाचन संबन्‍धी समस्‍या रहती है उनके लिये अं‍कुरित गेहूं अच्‍छा रहता है क्‍योंकि यह फाइबर से भरा होता है। यह अनाज पाचन तंत्र को सुदृढ बनाता है। जानें स्‍प्राउट्स खाने से शरीर को क्‍या लाभ होते हैं इससे शरीर को फाइबर मिलता है जिससे लंबे समय तक पट भरा रहता है। अगर आपको वजन घटाना है तो रोजाना अंकुरित गेहूं का सेवन करें। इसे खाने का बेहतरीन समय कौन सा है इसे ब्रेकफास्‍ट के समय खाना सबसे ज्‍यादा फायदेमंद है। इसे सुबह खाने से आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी। सलाह दी जाती है कि इसे 100 ग्राम से ज्‍यादा ना खाएं। कैसे करें अंकुरित गहूं को साफ कर के 6-12 घंटे के लिये साफ पानी में भिगो दें। फिर गेहूं को एक साफ सूती कपड़े में बांध कर रख दें। जब गेहूं अंकुरित होने लगे तब इनका मनचाहे तरीके से सेवन करें।

















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


गर्मियों में रात को अच्‍छी नींद के लिए खाएं ये खाद्य



गर्मियों में रात को अच्‍छी नींद के लिए खाएं ये खाद्य




आधा अप्रैल बीत चुका है और देश के कई हिस्‍सों में भयानक गर्मी का प्रभाव दिखने लगा है। लू के कारण कई लोगों को काफी दिक्‍कत हो रही है। ऐसे में सही और सुपाच्‍य भोजन करना बेहद आवश्‍यक होता है। गर्मियों में र‍ात्रि के दौरान भोजन का विशेष ख्‍याल रखना चाहिए ताकि शरीर में किसी प्रकार की कोई समस्‍या न हों। गर्मियों में डिनर में आंख बंद करके कुछ भी न खा लें, बल्कि ऐसा भोजन करें जिससे शरीर में तरलता आये और रात्रि में गर्मी के प्रकोप से भी राहत मिले। कई बार भारी भोजन करने से रात में बैचेनी रहती है और सही से नींद नहीं आती है। बोल्‍डस्‍काई के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ फूड के बारे में बताएंगे, जिन्‍हें गर्मियों के मौसम में रात को खाने से काफी लाभ मिलता है। इनके सेवन से शरीर दुर्बल नहीं होता, तरलता भी बनी रहती है। गर्मियों में खाएं जाने वाले आवश्‍यक फूड:


1. लौकी : लौकी में कई गुण होते हैं, यह गर्मी से राहत देती है। लौकी में काफी पानी होता है जो शरीर को हाईड्रेट बनाएं रखता है और रात में पानी कम पीने पर डिहाईड्रेशन भी नहीं होने देता है। अगर आपको गर्मी में कोई भी भोजन ठीक से नहीं पचता है तो लौकी का सेवन सबसे अच्‍छा रहता है। लौकी की सब्‍जी, रायता या खीर का सेवन करें।

2. खीरा: खीरे में भरपूर मात्रा में पानी होता है जो डिनर में खाने पर काफी अच्‍छा रहता है। एक खीरे का 96 प्रतिशत हिस्‍सा पानी और 4 प्रतिशत हिस्‍सा फाइबर होता है। यह पाचन क्रिया को दुरूस्‍त बनाएं रखता है और बॉडी को डिहाईड्रेट नहीं होने देता है। 

3. कद्दू: कद्दू में पौटेशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो शरीर को ठंडा बनाएं रखते हैं। गर्मियों में रात्रि भोजन में इसका सेवन अवश्‍य करें। इसके सेवन से शरीर का ब्‍लड सुगर लेवल भी सही बना रहता है।

4. तोरई : कई क्षेत्रों में इसे नेनुआ भी कहा जाता है। यह गर्मियों के लिए बहुत अच्‍छी होती है। इसके सेवन से पाचन क्रिया दुरूस्‍त रहती है और पाचन सम्‍बंधी कोई भी समस्‍या नहीं होती है।

5. उबला आलू: गर्मियों में दिनों में उबला या भूना हुआ आलू खाने से कोई समस्‍या नहीं होती है इसमें कार्बोहाईड्रेट होता है जो सुपाच्‍य होता है और गर्मी से लड़ने के लिए सही रहता है। इसके सेवन से नींद में भी खलल नहीं होता है।

6. दही दही में उच्‍च मात्रा में पोषक तत्‍व होते हैं साथ ही इसमें कैल्शियम भी होता है। रात में दही का सेवन करने से पेट दुरूस्‍त रहता है और किसी प्रकार की कोई समस्‍या नहीं होती है। दही का सेवन, शरीर को ठंडक पहुँचाता है।





सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Wednesday, April 13, 2016

डायबिटीज़








ये 12 संकेत बताते है की हो सकती है आपको डायबिटीज़




कई लोग डायबिटीज के शुरुआती संकेतों पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में यह प्रॉब्लम काफी बढ़ जाती है और हार्ट, किडनी, ब्रेन, आंखों समेत पूरी हेल्थ पर बुरा असर डालती है। समय रहते डायबिटीज की पहचान हो जाए तो इसका इलाज बड़ी आसानी से हो सकता है। डॉक्टर्स के अनुसार कुछ ऐसे सिम्प्टम्स है जो डायबिटीज़ की निशानी हो सकते है। यदि आपको ऐसे लक्षण नज़र आए तो लापरवाही न बरते और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे। आइए जानते है क्या है ये सिम्प्टम्स –





कमजोर आंखें
डायबिटीज़ का आंखों के रेटिना पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में दिन-ब-दिन आंखें कमजोर होने लगती है और धुंधला दिखाई देता है।


तेज़ भूख
अचानक भूख बढ़ जाए, बार-बार खाने का मन करे या खाने के कुछ देर बाद ही भूख लगे, तो आपको डायबिटीज़ हो सकती है।

वजन कम होना
अचानक से तेज़ी से वजन घटना डायबिटीज़ का संकेत है। इसे इग्नोर न करे।

झुनझुनाहट-जलन
अक्सर हाथ-पैर सुन्न पड़ जाए, इनमें झुनझुनी या चीटियों के काटने का अहसास हो या तेज़ जलन महसूस हो या तेज़ जलन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

फोड़े-फुंसी
ब्लड में शुगर लेवल बढ़ जाने पर अक्सर फोड़े-फुंसी परेशान करने लगते है। इसलिए इन्हें अवॉइड करने की गलती न करें।


यूरिन आना
शारीर में ज्यादा मात्रा में इकट्ठी हो गई यूरिन के जरिए बाहर निकलती है, इसलिए बार-बार यूरिन आता है।

घाव न भरना
ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने पर शारीर के घाव आसानी से ठीक नहीं होते, इसलिए छोटी-मोटी खरोंच या चोट ठीक होने में ज्यादा समय लेती है।

प्यास
डायबिटीज़ पेशेंट्स के शारीर का पानी और शुगर यूरिन के जरिए बाहर निकल जाती है, इसलिए बार-बार प्यास लगती है।

बीमार रहना
डायबिटीज़ के कारण कमजोर हो चूका शारीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता, तो कोई न कोई हेल्थ प्रॉब्लम बनी रहती है।

थकान
आपको अक्सर थकान महसूस होती है। सोकर उठने के बाद भी नींद आती रहती है, तो हो सकता है कि आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ रहा है।

कम सुनाई देना
डायबिटीज़ के कारण अंदर की सेल्स डैमेज हो जाती है, जिसका बुरा असर सुनने की क्षमता पर पड़ता है।

अनहेल्दी स्किन
स्किन खासतौर पर गर्दन के पिछले हिस्से, कोहनियों या घुटनों में पड़ने वाले डार्क पैचेस ब्लड में बढ़ रहे शुगर लेवल का सिम्पटम हो सकता है।





















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Tuesday, April 12, 2016

काम के साथ बने अच्छी मां





ऑफिस के साथ-साथ बच्चों की जिम्मेदारी कैसे निभाएं

काम के साथ बने अच्छी मां



कामकाजी महिलाओं को हमेशा ऑफिस और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने में मुश्किल होती है। अगर वो बच्चों का ध्यान रखती है तो ऑफिस के काम छूटने लगते हैं और अगर ऑफिस के काम को तवज्जों दें तो बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाती हैं। लेकिन घबराइए नहीं इन मुश्किलों के बीच भी आप खुद को स्थिर कर बच्चों और ऑफिस की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकती हैं। आइए जानें कैसे।




pinterest

2
प्राथमिकता तय करें



सबसे पहले तो ये जरूरी है कि आप इस बात पर स्पष्ट रहें कि आखिर आप अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर क्या रखती हैं? यदि आपकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर बच्चा है तो फिर इस बात पर विचार करें कि बच्चे की देखभाल के बारे में आप किन-किन चीजों पर ध्यान देंगी और किस सीमा तक उसके साथ समझौता कर सकती हैं!

3
संतुलन बनाएं



यदि आप अपने काम से भी प्यार करती हैं और बच्चे से संबंधित अपनी नई जिम्मेदारी के साथ किसी भी तरह अपने काम का बैलेंस बनाना चाहती हैं तो इस बात पर इत्मीनान से गौर करें कि क्या वाकई आपका सपोर्ट सिस्टम इतना अच्छा है कि आप उस पर भरोसा कर सकती हैं?

4
सोच -समझ कर ऑफिस का चुनाव करें



इसके साथ ही शुरुआती सालों में आप ये कोशिश भी कर सकती हैं कि किसी ऐसी कंपनी में काम करें, जहां एक मां के तौर पर आपकी जिम्मेदारी के प्रति भी संवेदनशीलता बरती जाती हो। काम के घंटे अपेक्षाकृत कम और दफ्तर का समय थोड़ा लचीला हो। यदि इस तरह की सुविधा और स्वतंत्रता आपको मिलती है तो आप बहुत इत्मीनान से दोनों के बीच संतुलन बना सकती हैं, लेकिन यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो आपको खुद पर भरोसा रखना होगा।


5
प्लानिंग करें



कामकाजी महिलाओं को प्लानिंग के साथ काम करना आना चाहिए। अपने हर काम की योजना बनाएं जिससे आपका समय बर्बाद न हो और न ही आप पर दबाव बने।

6
मदद लेने में नहीं है बुराई



अगर आप मिलजुल कर काम करेंगी तो निश्चित ही काम जल्दी खत्म होगा और आप भी रिलैक्स रहेंगी। घर के कामों में पति की या अन्य किसी की मदद लेने से ना हिचकें। सारा काम अकेले ही करने की कोशिश में आप जल्द ही थक जाएंगी और बच्चे को समय नहीं दे पाएंगी।

7
ऑफिस में लगातार काम ना करें



ऑफिस में भी लगातार काम न करें। कुछ देर अपने सहकर्मियों के साथ चॉय-कॉफी पिएं और बातें करें। इससे आपका तनाव कम होगा।


8
वीकएंड में खुद खाली रखें



बच्चों को वीकएंड का बड़ी बेसब्री से इंतजार होता है क्योंकि इस समय वे आपके साथ हो सकते हैं। वीकएं पर खाली रहने के लिए हफ्ते में हर दिन छोटे-छोटे काम निपटा लें, जिससे आप छुट्टी के दिन बच्चा के साथ पूरा समय व्यतीत कर सकें।

9
तकनीक की मदद लें



आजकल बाजार में कई ऐसी चीजें उपलब्ध हैं जो खास कर कामकाजी मां को ख्याल में रखकर बनायी गई है। ये चीजें आपके काम को कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं। इनके प्रयोग से आपका समय भी बर्बाद नहीं होता।

10
बच्चों से दिनचर्या के बारे में बात करें



अभिभावकों की व्यस्तता व उपेक्षा के चलते बच्चों में पढ़ाई के प्रति अरुचि पैदा होती है। उनका शैक्षिक रिकार्ड खराब होने लगता है। ऐसे में बच्चे पर मानसिक दबाव बनाने से बेहतर है कि उसे अधिक से अधिक समय देने के साथ बातचीत का दायरा बढ़ाएं। उसके स्कूल, दोस्तों और दिनचर्या पर चर्चा करें।


11
घर जल्दी लौंटें



अगर आपके ऑफिस की जिम्मेदारी जल्दी खत्म हो जाए तो घर जल्दी आकर बच्चों के साथ समय बीताएं। हर रोज अपने घर आने का समय निर्धारित कर लें जिससे आप उस समय तक अपने सभी काम निबटा सकेंगी और बच्चों के साथ समय भी बिता पाएंगी।




















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


गर्मियों में त्वचा की सफाई


गर्मियों में त्वचा की सफाई






गर्मियों में,हमारी त्वचा में मौजूद ग्रंथि जरुरत से ज्यादा तेल को स्रावित करते हैं। जिसके कारण गर्मियों में हमारी त्वचा बहुत चिपचिपी हो जाती है। सुबह, घर से निकलने से पहले और रात को सोने से पहले अपने चहरे और गरदन को अच्छी तरह साफ कर लें। अपनी त्वचा के हिसाब से किसी पी.एच बैलेन्स किलींजर का इस्तेमाल करें और फिर कोई टोनर लगाएं। हमारे शरीर में मौजूद तेल के ग्रंथि, हमारी त्वचा की रक्षा करते हैं, और साथ ही हमारी त्वचा को हाइड्रेटेड भी रखते हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय या सामान्य है, तो किसी हल्के जेल बेस्ड क्लींजर का उपयोग करें। इसके इस्तेमाल के बाद आप बहुत ताजा महसूस करेंगे।




















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Monday, April 11, 2016

चेहरे के अनचाहे बालों छुटकारा

चेहरे के अनचाहे बालों से कैसे पायें छुटकारा



चेहरे के अनचाहे बाल खूबसूरती में दाग की तरह होते हैं, इनके कारण आपको परेशानी हो सकती है। चेहरे के इन बालों को हटाने के लिए आप कई कोशिशें करते हैं लेकिन फिर से ये बाल आपके चेहरे पर उग जाते हैं। अनचाहे बाल किसी शारीरिक कमी के कारण नहीं बल्कि हार्मोंस असंतुलन के कारण आते हैं। अगर आपके चेहरे पर भी अनचाहे बाल हैं तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ आसान तरीकों को आजमाकर आप इनसे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये चेहरे के इन अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के तरीकों के बारे में। 


वैक्सिंग के जरिये

यह चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने का बहुत ही आसान तरीका है, इसका प्रयोग आसानी से किया जा सकता है। वैक्सिंग के द्वारा चेहरे के किसी भी हिस्‍से में मौजूद बालों को हटाया जा सकता है। इससे अनचाहे बाल पूरी तरह साफ हो जाते हैं और आपके चेहरे की त्वचा मुलायम हो जाती है। चेहरे के बाल हटाने के लिए कटोरी वैक्सिंग की जाती है। वैक्सिंग के बाद बाल लंबे समय तक दोबारा नहीं आते, क्योंकि यह चेहरे की त्वचा के अंदर जड़ों से बालों को निकालता है।


ब्‍लीचिंग के द्वारा

अगर आपके चेहरे और कनपटियों के आसपास हल्के-हल्के रोएं दिखाई देते हैं तो उन्हें छिपाने के लिए ब्लीचिंग कर सकती हैं। लेकिन ब्लीचिंग करने से पहरे अपनी त्‍वचा के प्रकार को ध्‍यान में रखें, यह भी देख लीजिए कि क्‍या यह आपकी त्‍वचा को सूट भी कर रहा है या नहीं। इसके लिए तैयार की हुई ब्लीच को अपनी हथेली पर लगाकर देखिये, इसके बाद ही इसका प्रयोग करें। ब्लीचिंग करने से पहले एक बात और ध्यान रखें यह रोएं हटाने का स्थायी उपचार नहीं है बल्कि यह तरीका आपको समय-समय पर दोहराना पड़ेगा।


थ्रीडिंग और ट्वीजिंग से

चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने के लिए थ्रीडिंग और ट्वीजिंग का प्रयोग कीजिए। चेहरे के अनचाहे बाल ज्‍यादातर अनचाहे बाल ठोड़ी, होंठों के उपर और कपोल पर ही होते हैं। थ्रीडिंग के जरिए चेहरे के अनचाहे बालों से छुटकारा मिल सकता है। ये भी यह वैक्सिंग की तरह अनचाहे बालों को बढ़ने से रोकती है। आईब्रो को सही आकार देने के लिए भी थ्रीडिंग की जाती है। इन बालों को कैंची से नहीं काटना चाहिए क्योंकि यह स्थायी उपचार नहीं हैं। ठोड़ी पर आए अनचाहे बालों को आप प्लकिंग करके भी निकाल सकते हैं, इसके लिए आइब्रो-ट्वीजर चिमटी का प्रयोग बेहतर माना जाता है। 

हेयर रिमूविंग क्रीम

चेहरे के बालों को हटाने के लिए हेयर रिमूवर क्रीम का प्रयोग कीजिए। इससे अनचाहे बालों को हटाने में कोई दर्द नहीं होता और न ही ज्यादा समय लगता है। लेकिन इसका प्रयोग करने का सबसे ज्‍यादा नुकसान यह है कि इससे अनचाहे बाल दोबारा जल्दी उग आते हैं। साथ ही इस बात का ध्‍यान रखें कि हेयर रिमूवर क्रीम का इस्तेमाल कभी भी अपने चेहरे पर न करें।


इलेक्ट्रोलिसिस

होंठों के ऊपर आने वाले बालों के लिए प्लकिंग न करते हुए इलेक्ट्रोलिसिस का प्रयोग अच्‍छा माना जाता है। हालांकि इस तकनीक से आप शरीर के अन्‍य हिस्‍सोंके बाल भी हटा सकते हैं। इलेक्ट्रोलिसिस के दौरान बिजली के हल्के करंट का प्रयोग किया जाता हैं। लेकिन इस तकनीक के प्रयोग के लिए आपको कुछ हफ्तों तक इसका प्रयोग करना आवश्यक है तभी आप स्थायी रूप से अनचाहे बालों से मुक्ति मिल सकती है।


लेजर तकनीक

लेजर से चेहरे के अनचाहे बालों को स्‍थायी रूप से हटाया जा सकता है क्‍योंकि लेजर से बालों को हमेशा के लिए जड़ से खत्‍म किया जाता है। लेजर की किरणों को बालों की जड़ पर केंद्रित किया जाता है, जिससे बाल हमेंशा के लिए नष्ट हो जाते हैं। इसमें लगभग सात से आठ सिटिंग्स लगती हैं।

इसके अलावा चेहरे के बालों को हटाने के लिए आप घरेलू नुस्‍खों का प्रयोग कर सकते हैं। लेकिन कोई भी तरीका आजमाने से पहले अपने चेहरे की संवेदनशीलता को जरूर मापें। अगर किसी प्रकार की समस्‍या हो तो त्‍वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।







सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


चेहरे के अनचाहे बालों छुटकारा

चेहरे के अनचाहे बालों से कैसे पायें छुटकारा



चेहरे के अनचाहे बाल खूबसूरती में दाग की तरह होते हैं, इनके कारण आपको परेशानी हो सकती है। चेहरे के इन बालों को हटाने के लिए आप कई कोशिशें करते हैं लेकिन फिर से ये बाल आपके चेहरे पर उग जाते हैं। अनचाहे बाल किसी शारीरिक कमी के कारण नहीं बल्कि हार्मोंस असंतुलन के कारण आते हैं। अगर आपके चेहरे पर भी अनचाहे बाल हैं तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ आसान तरीकों को आजमाकर आप इनसे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये चेहरे के इन अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के तरीकों के बारे में। 


वैक्सिंग के जरिये

यह चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने का बहुत ही आसान तरीका है, इसका प्रयोग आसानी से किया जा सकता है। वैक्सिंग के द्वारा चेहरे के किसी भी हिस्‍से में मौजूद बालों को हटाया जा सकता है। इससे अनचाहे बाल पूरी तरह साफ हो जाते हैं और आपके चेहरे की त्वचा मुलायम हो जाती है। चेहरे के बाल हटाने के लिए कटोरी वैक्सिंग की जाती है। वैक्सिंग के बाद बाल लंबे समय तक दोबारा नहीं आते, क्योंकि यह चेहरे की त्वचा के अंदर जड़ों से बालों को निकालता है।


ब्‍लीचिंग के द्वारा

अगर आपके चेहरे और कनपटियों के आसपास हल्के-हल्के रोएं दिखाई देते हैं तो उन्हें छिपाने के लिए ब्लीचिंग कर सकती हैं। लेकिन ब्लीचिंग करने से पहरे अपनी त्‍वचा के प्रकार को ध्‍यान में रखें, यह भी देख लीजिए कि क्‍या यह आपकी त्‍वचा को सूट भी कर रहा है या नहीं। इसके लिए तैयार की हुई ब्लीच को अपनी हथेली पर लगाकर देखिये, इसके बाद ही इसका प्रयोग करें। ब्लीचिंग करने से पहले एक बात और ध्यान रखें यह रोएं हटाने का स्थायी उपचार नहीं है बल्कि यह तरीका आपको समय-समय पर दोहराना पड़ेगा।


थ्रीडिंग और ट्वीजिंग से

चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने के लिए थ्रीडिंग और ट्वीजिंग का प्रयोग कीजिए। चेहरे के अनचाहे बाल ज्‍यादातर अनचाहे बाल ठोड़ी, होंठों के उपर और कपोल पर ही होते हैं। थ्रीडिंग के जरिए चेहरे के अनचाहे बालों से छुटकारा मिल सकता है। ये भी यह वैक्सिंग की तरह अनचाहे बालों को बढ़ने से रोकती है। आईब्रो को सही आकार देने के लिए भी थ्रीडिंग की जाती है। इन बालों को कैंची से नहीं काटना चाहिए क्योंकि यह स्थायी उपचार नहीं हैं। ठोड़ी पर आए अनचाहे बालों को आप प्लकिंग करके भी निकाल सकते हैं, इसके लिए आइब्रो-ट्वीजर चिमटी का प्रयोग बेहतर माना जाता है। 

हेयर रिमूविंग क्रीम

चेहरे के बालों को हटाने के लिए हेयर रिमूवर क्रीम का प्रयोग कीजिए। इससे अनचाहे बालों को हटाने में कोई दर्द नहीं होता और न ही ज्यादा समय लगता है। लेकिन इसका प्रयोग करने का सबसे ज्‍यादा नुकसान यह है कि इससे अनचाहे बाल दोबारा जल्दी उग आते हैं। साथ ही इस बात का ध्‍यान रखें कि हेयर रिमूवर क्रीम का इस्तेमाल कभी भी अपने चेहरे पर न करें।


इलेक्ट्रोलिसिस

होंठों के ऊपर आने वाले बालों के लिए प्लकिंग न करते हुए इलेक्ट्रोलिसिस का प्रयोग अच्‍छा माना जाता है। हालांकि इस तकनीक से आप शरीर के अन्‍य हिस्‍सोंके बाल भी हटा सकते हैं। इलेक्ट्रोलिसिस के दौरान बिजली के हल्के करंट का प्रयोग किया जाता हैं। लेकिन इस तकनीक के प्रयोग के लिए आपको कुछ हफ्तों तक इसका प्रयोग करना आवश्यक है तभी आप स्थायी रूप से अनचाहे बालों से मुक्ति मिल सकती है।


लेजर तकनीक

लेजर से चेहरे के अनचाहे बालों को स्‍थायी रूप से हटाया जा सकता है क्‍योंकि लेजर से बालों को हमेशा के लिए जड़ से खत्‍म किया जाता है। लेजर की किरणों को बालों की जड़ पर केंद्रित किया जाता है, जिससे बाल हमेंशा के लिए नष्ट हो जाते हैं। इसमें लगभग सात से आठ सिटिंग्स लगती हैं।

इसके अलावा चेहरे के बालों को हटाने के लिए आप घरेलू नुस्‍खों का प्रयोग कर सकते हैं। लेकिन कोई भी तरीका आजमाने से पहले अपने चेहरे की संवेदनशीलता को जरूर मापें। अगर किसी प्रकार की समस्‍या हो तो त्‍वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।







सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


अनार के छिलकों से बना फेसपैक



उम्र के असर को बेअसर करें अनार के छिलकों से बना फेसपैक



एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन से भरपूर मात्रा की मौजूदगी के कारण अनार को एक लोकप्रिय सुपर फूड माना जाता है। इस फल के रस का सेवन करने से कई रोगों और त्‍वचा संबंधी कई समस्‍याओं से छुटकारा मिलता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं इस फल के छिलके भी हमारे शरीर और त्‍वचा के लिए फायदेमंद होते है। अनार के छिलकों से आप अपनी उम्र के असर को भी बेअसर कर सकते हैं।

क्‍या आप अपने चेहरे पर आने वाली झुर्रियों से परेशान हैं तो घबराए नहीं क्‍योंकि अनार के छिलकों से बना फेस पैक आपकी इस समस्‍या में कारगर होता है। अनार की तरह अनार के छिलके में भी अनार में अधिक मात्रा में विटामिन ए, ई और सी होता है। ये विटामिन बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी आने से रोकते हैं। ये त्वचा की महीन रेखाओं और झुर्रियों को जल्‍द नहीं आने देता।



क्‍यों असरकार है अनार का छिलका

अनार के छिलके में एंटी-माइक्रोबिल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो त्‍वचा संक्रमण में असरदार रूप से काम करता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा के लिए एस्ट्रिजेंट जैसा काम करता है। ये त्वचा के रोमछिद्र और त्वचा को टाइट करके बढ़ते उम्र के लक्षणों को कम करता है। इसके अलावा अनार के छिलके त्वचा में मौजूद कोलाजन को क्षति पहुंचने से बचाते हैं, जिससे त्वचा पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं।


अनार के छिलके का पैक
अनार के छिलके को सूखाकर उसका पाउडर बना लें।
अब इस पाउडर में 2 बड़े चम्‍मच मलाई या क्रीम और एक बडा़ चम्‍मच बेसन मिलायें।
सब चीजों को अच्‍छी तरह मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगा लें।
15-20 मिनट इसे ऐसे ही लगा रहने दें, फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें।
या आप चाहे तो अनार के छिलके के पाउडर में गुलाबजल डालकर भी पेस्ट बना सकते हैं।
अगर जरूरत महसूस हो तो मॉश्चराइजर लगा लें।

इस फेस पैक को हफ्ते में दो बार लगायें, कुछ ही दिनों में आपको अपने चेहरे पर फर्क महसूस होने लगेगा।



















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Friday, April 8, 2016

त्वचा की कई तरह की समस्याओं के लिए ये उपाए हैं कारगर



त्वचा की कई तरह की समस्याओं के लिए ये उपाए हैं कारगर











मेलानोमा पीडि़त व्यक्तियों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स का इस्तेमाल इलाज का एक प्रभावी तरीका साबित हो सकता है। मेलानोमा त्वचा के कैंसर का प्रमुख कारण होता है। एक नए शोध ने इसकी जानकारी दी है। हम आपको कुछ घरेलू उपाए बता रहे हैं जिनकी सहायता से त्वचा की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।



ऐसे होगा समाधान
सामान्य भोजन में चुकंदर, पालक, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी और सूखे मेवों को शामिल कर शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट्स की मात्रा को आसानी से बढ़ाया जा सकता है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि त्वचा के कैंसर के सबसे खतरनाक रूप में पुराने ट्यूमर की कोशिकाओं छोटे ट्यूमर की कोशिकाओं से अलग व्यवहार करती हैं।



त्वचा के लिए एंटीऑक्सीडेंट हैं जरूरी
शोध के अनुसार, सूक्ष्म वातावरण का यह परिवर्तन पुरानी ट्यूमर कोशिकाओं को अधिक प्रसारित होने का मौका प्रदान करता है, जो लक्षित चिकित्सा में इन्हें प्रतिरोधी बनाता है। शोध के अनुसार, एन-एसीटिलसिस्टीन (एनएसी) एंटीऑक्सीडेंट त्वचा में पाए जाने वाले डरमल फाइब्रोब्लास्ट्स कोशिकाओं में मेलानोमा कोशिकाओं को नष्ट करता है।



इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने 25 से 35 तथा 55 से 65 आयु वर्ग के स्वस्थ लोगों की डरमल फाइब्रोब्लास्ट्स पर अध्ययन किया था। यह शोध 'नेचरÓ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।


















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


अगर आप भरपूर नींद नहीं लेते तो बीमारियों का हो जाएंगे शिकार




अगर आप भरपूर नींद नहीं लेते तो बीमारियों का हो जाएंगे शिकार 

लंबे समय तक नींद की कमी और सोने का अनियमित समय शरीर के जैविक चक्र को प्रभावित करता है, जिसके फलस्वरूप सामान्य व्यक्ति को पार्किंसंस रोग का अधिक खतरा होता है।
पार्किंसंस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक विकार है, जो शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित करता है, इसमें पीडि़त व्यक्ति के अंग कांपने लगते हैं। इस शोध के अनुसार, सिरकैडियन रिद्म की गड़बड़ी मोटर (तंत्रिका तंत्र का एक भाग जो गतिविधियों के क्रियातंत्र से संबंधित होता है) और सीखने की क्षमता को प्रभावित करती है। सिरकैडियन रिद्म को आम भाषा में बायोलॉजिकल या बॉडी क्लॉक भी कहा जाता है।
अमेरिका की लुईस काट्ज ऑफ मेडिसिन (एलकेएसओएम) संस्थान से संबद्ध डोमेनिको प्रैक्टिको के अनुसार कि कई अध्ययन बताते हैं कि नींद की कमी भी पार्किंसंस रोग का एक दूसरा प्रमुख कारण है, लेकिन बॉडी क्लॉक की बाधाएं पार्किंसंस रोग की शुरुआत की पहले ही जानकारी दे देती हैं, जिसके बाद इसे एक प्रमुख जोखिम माना जा सकता है।
बॉडी क्लॉक में गड़बड़ी की वजह से सोचने-समझने, तर्क-वितर्क और निर्णय क्षमता भी प्रभावित होती है। अलग पालियों में काम करने वाले पेशेवरों को इसकी अधिक शिकायत रहती है। यह शोध 'मॉलीकुलर साइकियाट्री' पत्रिका के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुआ है।





सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Wednesday, April 6, 2016

सोने की कौनसी पोजीशन है सेहत के लिए फायदेमंद














सोने की कौनसी पोजीशन है सेहत के लिए फायदेमंद










ये बात सब जानते हैं कि सेहत के लिए सोना बहुत जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं उतना ही जरूरी है सही तरीके से सोना। आज इस लेख में हम आपको सोने की विभिन्न पोजीशन के फायदे औए नुकसान बता रहे है।
पीठ के बल सोना अच्छा होता है


सोने के लिए सबसे अच्छा तरीका होता है पीठ के बल सोना। इस अवस्था में आपका सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी अपनी प्राकृतिक अवस्था में रहती है। अच्छी और सेहतमंद नींद के लिए इस अवस्था में सोना लाभदायक होता है।

सेहत का स्टारफिश तरीका


सोने के लिए स्टारफिश तरीका भी अच्छा है। इस अवस्था में बेड पर पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को फैला लें। अब दोनों हाथों ऊपर की तरफ अपने फोल्ड करके सिर के पास रखें। इससे आपके चेहरे की झुर्रियां दूर होती है और जब आप जागते हैं तो चेहरा एकदम खिला हुआ होता है।
करवट लेकर सोना


एक तरफ करवट लेकर सोना भी लाभदायक होता है खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है और जिन्हें नींद में खर्राटे आते हैं। इस अवस्था में सोने से गर्दन और पीठ दर्द में भी आराम मिलता है।
किस तरफ करवट लें?


करवट लेकर सोना अच्छा होता है लेकिन ये ध्यान रखें कि बाई तरफ करवट लें। दाई ओर करवट लेने से दिल पर दबाव पड़ता है जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। गर्भवती महिलाएं बाई ओर ही करवट लें।
पेट के बल लेटना


पेट के बल लेटकर कभी नहीं सोना चाहिए। इस अवस्था में सोने से रीढ़ की सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी अपनी प्राकृतिक अवस्था में नहीं रहती है। इस प्रकार सोने से शरीर में सुन्न हो सकता है या फिर सिहरन उठती है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। इससे जोड़ों का दर्द भी हो सकता है।

ऐसी अवस्था में सोना सबसे खतरनाक


करवट लेकर घुटनों को चिन से सटाकर या सीने की तरफ मोड़कर सोना सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इससे गर्दन और पीठ का दर्द तो होता ही है साथ ही ब्रेस्ट पर भी बुरा असर पड़ता है।

















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


गजब के फायदेकॉफी में बटर (मक्खन) मिला कर पीने से होते हैं











कॉफी में बटर (मक्खन) मिला कर पीने से होते हैं ये गजब के फायदे






कॉफी में ताजा बटर (मक्खन) मिलाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यह कहा जाता है कि यदि कॉफी या चाय में बटर मिलाया जाये तो यह शरीर को कई तरह लाभ पहुंचाता है। यदि आप सुबह नाश्ता नहीं करते हैं तो आप चाय या कॉफी में बटर मिला सकते हैं। यह ना केवल आपकी कॉफी को नमकीन स्वाद देगा बल्कि यह क्रीमी और टेस्टी ड्रिंक आपका दिन बना देगा। हम आपको बताते हैं कि कॉफी में बटर मिलाना किस तरह लाभकारी है।


बटर कॉफी बनाने का तरीका

एक कप पानी गरम करें। एक टेबलस्पून कॉफी पाउडर डालें और इसे उबालें। इसके बाद इसमें शाकाहारी गाय या भैंस का मक्खन मिलाएँ। इसे ब्लैंडर में डालें और 1 मिनट तक मिलाएँ।
कॉफी में बटर मिला कर पीने के फायदे-
एनर्जी को बढ़ाता है


जब आप कॉफी में बटर मिलाते हैं तो इससे कैटोन्स पैदा होता है जिससे एनर्जी मिलती है। ये कैटोन्स शरीर में तब पैदा होते हैं जब बॉडी कार्बोहाइड्रेट की बजाय फैट से एनर्जी पैदा करती है। यह एनर्जी ज्यादा लाभकारी है।
वजन कम होता है


यदि आप एक स्वास्थ्यवर्धक तरीके से वजन कम करना चाहते हैं तो यह एक शानदार तरीका है। ताजा मक्खन स्वास्थ्यवर्धक है और फैट बर्न करने में मददगार है
दिल की बीमारियों में मददगार


चूंकि बटर अपने आप में एक वजन कम करने की औषधि है और एनर्जी देती है इस प्रकार यह हार्ट के लिए भी सही है। बटर को जब कॉफी में मिलाया जाता है तो इसमें ‘विटामिन के’ पैदा होता है जो कि दिल की बीमारियों से रक्षा करता है।
कब्ज में लाभदायक


यदि कब्ज है तो भी आप इससे लाभ पा सकते हैं। कॉफी में बटर मिलाना कब्ज में भी फायदेमंद है क्यों कि इसमें मौजूद केमिकल कब्ज को दूर करते हैं।
दिमाग के लिए लाभकारी


इसका एक और स्वास्थ्य लाभ है कि इससे दिमाग सही कार्य करता है। यह आपके दिमाग को हैल्दी फैट प्रदान करता है जिससे शरीर में कोशिका झिल्ली और हार्मोन पैदा होते हैं जो कि शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं।
खाने की इच्छा कम करता है


यह खाद्य पदार्थ इतना भारी होता है कि आपको इसको पीने के कई घंटों तक भूख नहीं लगेगी।

















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Tips for Summers



गर्मियों में स्वास्‍थ्‍य संबंधी कई परेशानियां होती है। गर्मियों के आते ही एलर्जी, घमौरियां, सनबर्न जैसी कई बीमारियां पनपने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि गर्मी के मौसम में सुबह का नाश्ता ऐसा किया जाए जो पौष्टिक हो। साथ ही गर्मियों में हेल्थ टिप्स अपनाना भी जरूरी है जिससे न सिर्फ एलर्जी से बचा जा सकता है बल्कि हेल्दी भी रहा जा सकता है। आइए जानें गर्मियों के हेल्थ टिप्स के बारे में।

  • गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आप अधिक से अधिक लगभग 13-14 गिलास पानी पिएं।
  • सुबह नाश्ता ऐसा हो जो लाइट व हेल्दी हो।
  • गर्मियों में व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
  • पूरे दिन में सादे पानी के साथ-साथ नींबू पानी भी पिएं।
  • दोपहर का खाना टाइम पर खायें और हल्का करें, जिससे आपको गर्मी भी कम लगे और खाना पचने में भी आसानी हो।
  • तैलीय खाद्य पदार्थों को कम से कम खाएं और ताजे फलों व ताजे जूस को खूब पीएं।
  • सुबह-सुबह स्नान करने और टहलने से भी आपमें चुस्ती-फुर्ती रहती है।
  • गर्मी में धूप में कम से कम बाहर निकलें। यदि धूप में निकलना हो तो अपनी आंखों और स्किन को धूप से बचाएं जिससे आप एलर्जी और सनबर्न जैसी परेशानियों से बच सकें।
  • बाहर से आते ही एकदम से ठंडा-ठंडा पानी न पीएं।
  • दही, छाछ या मीठे शर्बत का सेवन समय-समय पर करते रहें या फिर पानी में ग्लूनकोज डालकर भी ले सकते हैं।
  • गर्मी के मौसम में तरबूज, संतरे, मौसंबी, केला, हरी ककड़ी आदि खाना अच्छा रहता है।
  • रात के खाने के बाद तुरंत न सोएं बल्कि कुछ देर अवश्य टहलें।
  • संभव हो तो सुबह और शाम दोनों समय स्नान करें।
  • गर्मियों में प्याज का सेवन अधिक करें और अपने साथ बाहर भी लेकर जाएं, इससे आप लू से बच सकेंगे।
इस तरह से आप हेल्थ टिप्स अपनाकर न सिर्फ गर्मी के मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं बल्कि अपनी त्व‍चा में निखार ला खूबसूरती और निखार भी ला सकते हैं और गर्मियों में भी अपने सौंदर्य को बरकरार रख सकते हैं।




















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Tips For Women Care At Home





आधुनिक महिलाओं के लिए जरूरी टिप्स (Tips For Women Care At Home)

आधुनिक महिलाएं ज्यादा सचेत, ज्यादा जागरूक और ज्यादा साहसी है लेकिन फिर भी जब बात अपना ख्याल रखने की आती है तो, वही लापरवाही। कही आप भी इन्हीं में से एक तो नहीं जो वजन बढ़ने की चिंता में तो डूबी रहती हैं लेकिन वजन कम करने के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं करती।
किसी के पास बहाना है कि उसे अपने लिए वक्त नहीं मिलता तो किसी के पास वाकई वक्त है भी नहीं। ऐसे में रेगुलर बेसिस पर महिला चिकित्सक को विजिट करना भी मुश्किल है। लेकिन कुछ ख़ास तरीकों को अपनाया जाए तो आप घर पर ही अपना ख़ास ख़याल रख सकती हैं।
आइये आपको रूटीन में शामिल करने के लिए कुछ टिप्स बताते हैं जिन्हें अपना कर आप हेल्थी रह सकती हैं।
1- लिफ्ट छोड़कर अपनाएं सीढ़ी (Prefer Stairs rather than Lift)
आप भले जल्दी में हैं फिर भी अपने रूटीन में लिफ्ट छोड़कर सीढ़ी से उतारना चढ़ना करें। इससे आपका ह्रदय स्वस्थ रहेगा साथ ही आपके पैरों की बढ़िया एक्सरसाइज होगी।
2- ब्रेकफास्ट (Breakfast)
ब्रेक फ़ास्ट को अपने रूटीन का जरूरी हिस्सा बनाएं। ब्रेकफास्ट आपका मेटाबोलिज्म बढ़ाता है और आपको पूरे दिन एनर्जी देता है। ब्रेकफास्ट ना करने वाली औरतें ब्रेकफास्ट करने वाली औरतों से ज्यादा मोटी होती हैं इसलिए हेल्थी ब्रेकफास्ट जरूर करें।
3- हॉबी के लिए निकाले वक्त (Spare time for Hobby)
हर किसी की कोई न कोई हॉबी जरूर होती है। किताबें पढ़ना, पेंटिंग बनाना, लिखना, क्राफ्ट बनाना कुछ भी। आप भी खाली समय में अपनी हॉबी को जरूर करें। इससे आपका मन खुश रहेगा जिसका सकारात्मक प्रभाव् आपके पूरे शरीर और दिमाग पर पड़ेगा।
4- वजन को मॉनिटर करें (Monitor Weight Regularly)
समय समय पर अपने वजन को मॉनिटर करें। अपनी हाइट के अनुसार वेट को बनाये रखें। यदि वजन बढ़ रहा है तो खाना छोड़ने की जगह हेल्थी वे यानी की व्यायाम, फ्रूट डाइट आदि के जरिये वजन को कण्ट्रोल करें।
5- पोस्चर का ध्यान रखें (Right Posture)
आप किस तरह बैठी हैं, किस तरह खड़ी हो रही हैं, इसका ध्यान रखें। कई महिलाएं बैठते  और खड़े होते समय कंधे झुका लेती हैं या कमर निकाल लेती हैं जिसका असर हड्डियों पर पड़ता है। राईट पोस्चर में बैठने उठने से आपकी कमर और गर्दन रिलैक्स रहती है और हड्डियों पर कम दबाव पड़ता है।
6- दूध और फल है जरूरी (Milk and Fruit)
रूटीन बना लें कि रात को सोते समय एक गिलास दूध पीना ही है और सुबह ब्रेकफास्ट में एक फ्रूट खाना ही है। दूध से आपकी हड्डियों को पर्याप्त कैल्शियम मिलता है जो उम्र बढ़ने के साथ बेहद जरूरी है।
7- हाइजीन का रखें ध्यान (Hygiene)
पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें। अंडर गारमेंट्स हमेशा साफ हों बेहतर है कॉटन के हो। पीरियड्स के समय समय समय पर पेड बदलती रहें तथा साफ सफाई का ध्यान रखें। प्यूबिक हेयर की सफाई भी जरूरी है जिससे आप इन्फेक्शन से बची रहें।
8- ब्रैस्ट टेस्ट करती रहें (Check Breasts Regularly)
क्योंकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ गया है इसलिए समय समय पर मॉनिटरिंग जरूरी है। इसके लिए आप खुद समय समय पर ब्रेस्ट टेस्ट करती रहें। इसके लिए दोनों हाथों को ऊपर उठाकर साइज़ में फर्क तो नहीं है इसकी जांच करें। हाथ से छूकर देखें कि कही गाँठ तो नही है और कही से स्किन कट या कोई रिसाव तो नही हो रहा।
9- सैर पर जाएं (Walking)
एक्सरसाइज नहीं कर पाती तो सुबह आधे घंटे ही सही टहलने की आदत डालें। सुबह की खुली और ताज़ी हवा में टहलने से रक्त संचार ठीक होता है साथ ब्रेन को भी ऑक्सीजन मिलती है जिससे दिमाग और शरीर दोनों ही एक्टिव होते हैं।
10- रूटीन बनाएं
हर चीज़ के लिए रूटीन बनाये और समय तय करें। इससे आप पर किसी भी काम का प्रेशर नही रहेगा और आप तनाव में नही आएँगी। काम समय से निपटेगा और आप खुश रहेंगी।
11- हँसना ना भूलें (Laughing)
चाहें जो भी हो खिलखिलाना ना भूलें। हँसना लाख बीमारी की एक दवा है। हँसने से फील गुड हार्मोन्स का रिसाव होता है जिससे मस्तिस्क और बॉडी दोनों हेल्थी रहते हैं।
12- महिला चिकित्सक से मिलें (Visit Gynecologist Regularly)
छह माह में एक बार आप बीमार ना भी हो तब भी  अपनी गायनी से जरूर मिलें। छह माह में एक बार अपनी जांच जरूर करायें और जानकारी बढ़ायें। हेल्थी न्यूज़ को लेकर अपडेट रहें।



















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Care Tips For Oily Skin




तैलीय त्वचा के लिए आसान टिप्स (Care Tips For Oily Skin)

आमतौर पर त्वचा चार तरह की होती है- नॉर्मल, ड्राय, ऑइली और सेंसेटिव। ऑइली स्किन (Oily Skin) का मतलब है आपकी स्किन में लिपिड लेवल यानि वसा की मात्रा ज्यादा होना। आपकी स्किन किस टाइप की है, यह तीन फैक्टर पर निर्भर होता है- पानी, लिपिड लेवल और संवेदनशीलता। ऑइली स्किन अकसर हार्मोनल बदलाव की वजह से होती है, इसका सम्बन्ध लाइफस्टाइल से भी है। ऑइली स्किन चमकदार, मोटी और बेजान होती है। इस तरह की स्किन वाले पुरुष और महिलाओं की आंख के नीचे काले धब्बे आने का खतरा रहता है। ऑइली स्किन में पोर्स (Pores) यानि त्वचा में पाए जाने वाले छिद्र बड़े-बड़े होते हैं और सैबेकियस ग्लैंड (Sebaceous Glands), ज्यादा सक्रिय होते हैं। नतीजा ऐसी स्किन ऑइली हो जाती है।

क्यों होती है ऑइली स्किन की समस्या (Reasons for Oily Skin)

माहवारी के दौरान हार्मोनल बदलाव (Hormonal changes during menstruation)
हर महीने मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के शरीर में हुए हार्मोनल बदलाव से तैलीय ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इस दौरान निकले एंड्रोजेन हार्मोन (Androgen Hormone) की वजह से त्वचा में ज्यादा मात्रा में तेल निकलने लगता है, जिससे त्वचा के छिद्र भी बंद हो जाते हैं।

तनाव से भी बढ़ती है ऑइली स्किन की समस्या (Stress also increases the problem of oily skin)
टेंशन ज्यादा लेने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है। एक शोध के अनुसार तनाव के दौरान शरीर से कॉर्टिसोल हार्मोन (Cortisol Hormone) का रिसाव होता है जिस वजह से त्वचा तैलीय हो जाती है।

गर्भनिरोधक गोलियों से भी होती है स्किन ऑइली (Contraceptive pills also make skin oily)
आपके लाइफस्टाइल का भी स्किन की सेहत से सीधा सम्बन्ध है। अगर आप बर्थ कंट्रोल के लिए गर्भनिरोधक (Contraceptive) या फिर यौन शक्ति बढ़ाने के लिए दवाइयां लेते हैं तो यह आपके शरीर में हार्मोनल लेवल को बढ़ाता है, जो त्वचा के ऑइली होने का कारण बनता है।

आनुवांशिकता भी है वजह (Heredity also makes skin oily)
शोध में पाया गया है कि ऑइली स्किन का सम्बन्ध जीन (genes) से भी है। अगर आपके माता-पिता की स्किन ऑइली है तो संभव है आपकी स्किन भी ऑइली होगी क्योंकि ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों की स्किन में सैबेकियस ग्लैंड (Sebaceous Glands) सक्रिय रहती है, उनके बच्चों की त्वचा में भी ये ग्रंथि ज्यादा सक्रिय रहती है।

और भी हैं कई कारण
डाइट
प्रसव
कॉस्मेटिक्स
गर्मी और उमस

ऑइली स्किन की देखभाल के लिये केयर टिप्स (Tips to care Oily skin)

क्लींजिंग (Cleansing)- चेहरे के पोर्स से तेल और गंदगी को साफ करने के लिये क्लींजर (Cleanser) का प्रयोग करें। उसके बाद अपने चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

दिन में दो तीन बार चेहरा धोएं। हफ्ते में दो बार फेस स्क्रब करें। इससे चेहरे की स्किन को सांस लेने में मदद मिलेगी और चेहरे पर ब्लैकहेड्स (Blackheads) भी नहीं होंगे।

टोनिंग (Toning)- आपका दूसरा स्टेप होना चाहिए, चेहरे की टोनिंग करना। चेहरे पर टोनर लगाइये जिससे स्किन के पोर्स बंद हो जाएं, नहीं तो खुले पोर्स में गंदगी फिर से जम सकती है। टोनर के रूप में गुलाब जल भी लगाया जा सकता है।

मॉइश्चराइजर (Moisturizer)- ऑइली स्किन तैलीय होती है मगर इसका यह मतलब नहीं कि आप उस पर मॉइश्चराइजर ना लगाएं। आपको वॉटर बेस वाला मॉश्चराइजर लगाना चाहिए।

फेस मास्क (Face Mask)- फेस मास्क लगाने से चेहरे की डेड स्किन निकल जाती है और चेहरा खिल जाता है। बाजार से फेस मास्क खरीदने से बेहतर है कि आप घरेलू चीजों जैसे नींबू, ओट्स, अंडा, दूध, पपीता आदि से फेस मास्क तैयार करें।

सेहतमंद आहार खाएं (Eat Healthy Food)- ऑइली फूड और बहुत ज्यादा फैट वाला आहार ना खाएं। आपको खूब फल और सब्जियां खानी चाहिए और लिक्विड डाइट में ग्रीन टी, जूस और पानी लेना चाहिए।

और भी हैं कई स्मार्ट टिप्स (General Care Tips)
• कैलामाइन पैक में विटामिन सी टोनर मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे हफ्ते में तीन बार चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा धो लें।
• मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर और नीम पाउडर को बराबर मात्रा में गुलाबजल के साथ मिलाकर हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं। बीस मिनट बाद चेहरा धो लें।
• 10 से 12 गिलास पानी पिएं। मिर्च-मसाले व फास्ट फूड आदि का सेवन कम से कम करें। सुबह खाली पेट एक आंवला खाएं।
• चाहे जितनी गर्मी हो लेकिन अपने होठों पर लिप बाम लगाना बिल्कुल भी ना भूलें।
• पाउडर न ही लगाएं तो बेहतर है, पाउडर लगाने से आपको ज्यादा पसीना आता है
• अगर चेहरा ऑइली है तो अपने चेहरे से गंदगी को हटाने के लिये स्क्रब करना ना भूलें
• लाइट आई शैडो का इस्तेमाल करें। कोई ऐसा शेड सलेक्ट करें जो आपकी स्किन टोन से मैच खाता हो।
• वॉटरप्रूफ मस्कारा लगाएं। वॉटरप्रूफ मस्कारा पूरे दिन आंखों पर टिका रहता है।



















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


Friday, April 1, 2016

हेयर प्रॉब्लम्स का परफेक्ट सॉल्यूशन है मेथी दाना



हेयर प्रॉब्लम्स का परफेक्ट सॉल्यूशन है मेथी दाना


मेथी देखने में तो हैं छोटे, मगर गुण है अनेक। ये अपने महक और स्वाद के द्वारा पूरे व्यंजन के स्वाद को बदल देने की क्षमता रखते हैं। वैसे तो मेथी का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है, लेकिन भारतीय रसोईघरों में मेथी का इस्तेमाल साधारणतः करी, सब्ज़ियों से बने व्यंजन, दाल आदि के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन सबके अलावा मेथी के बहुत सारे औषधीय गुण भी हैं, जिसके बारे में शायद बहुत कम ही लोग जानते हैं। मेथी में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नियासिन, पोटेशियम, आयरन, और एल्कलॉयड (क्षाराभ- वनस्पतियों का मूल तत्व) होते हैं। इसमें डाओस्जेनिन नामक यौगिक (कम्पाउन्ड) होता है जो एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन जैसा काम करता है। इस यौगिक के कारण ही मेथी बहुगुणी बन जाता है, जिसके कारण वह स्वास्थ्य से लेकर सौन्दर्य सभी क्षेत्रों में अपना जादू चला पाता है।
मेथी के बीजो में एक पूर्ववर्ती हार्मोन होता है, जो बाल की कूप के विकास और पुनर्निर्माण में लाभ करता है। यह प्राकृतिक टॉनिक को नम और चमकदार बनाकर उनमें उछाल और चमक वापस लाने में मदद करता है। अतिप्राचीन काल से बालों की समस्याओं के इलाज के लिए मेथी के बीजों का उपयोग किया जाता रहा है, इसलिए आप बिना सोचे उन का उपयोग कर सकते हैं।
बालों की समस्या से राहत
बालों की समस्या से लड़ने के लिए अपने आहार में मेथी को शामिल करें या बालों पर मेथी का पेस्ट भी लगा सकते हैं, इससे आपके बाल काले और घने बन जायेंगे। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या पतले हो गए हैं तो नारियल के तेल में मेथी के दानों को उबालकर रात भर भिगोकर रखें। अगले दिन सुबह इस तेल को बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना कम हो जाएगा।
मेथी दाना में काफी मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है, जो गंजेपन को खत्म करने में मदद करता है। इसके अलावा, जहां इसमें मौजूद पोटैशियम समय से पहले बालों को सफेद होने से बचाता है वहीं, lecithin बालों के जड़ों को मजबूत बनने में मदद करता है, लेकिन ये तो इसके बस कुछ फायदे हैं।
हम आपको बताते हैं बालों से जुड़े मेथी दाने के फायदे और इसे इस्तेमाल करने के तरीकों के बारे में
बढ़ाएं बाल, जड़ें करें मजबूत
-मेथी दाने को पानी में 24 घंटे के लिए भिगो कर रख दें. अब इसे निचोड़ कर पानी से निकाल लें और इस मेथी दाने के पानी से बालों को धोएं। इस पानी को लगभग 3 घंटे तक अपने बालों में रहने दें और फिर गुनगुने पानी से बालों को धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए ऐसा हर रोज़ करें। इसके लिए आपको मेथी दाने से बने हेयर मास्क की मदद लेनी होगी। मेथी दाने को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और इसमें नारियल का दूध मिलाएं। इस पेस्ट को अपने बाल और स्कैल्प पर लगाएं। आधे घंटे बाद शैम्पू से बालों को धो लें।
-दो चम्मच मेथी दाने लें और इन्हें अच्छी तरह पीस लें। इसमें में अब एक चम्मच नारियल तेल या ऑलिव ऑयल मिलाएं। इस पेस्ट को उस जगह पर लगाएं जहां से आपके बाल सबसे ज़्यादा झरते हैं या खराब हो चुके हैं। 10 मिनट बाद बालों को धो लें।
कंडिश्निंग मेथी करें डेंड्रफ दूर
-कुछ मेथी दाने लें और थोड़ी देर इन्हें पानी में भिगो कर रख दें. बाद में इस भीगे मेथी दाने को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट में एक चम्मच नींबू का रस अच्छी तरह मिला लें और अब इस पेस्ट को अपने स्कैल्प पर लगाएं। हफ्ते में ऐसा तीन बार करें और पाएं डैंड्रफ से हमेशा के लिए छुटकारा।
-8 से 10 ग्राम भीगे मेथी दाने लें और इन्हें पीसकर कर बारीक पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपने पूरे बाल और स्कैल्प पर लगाएं। सूख जाने के बाद बालों को अच्छी तरह धो लें। बस और क्या? पाएं सॉफ्ट और सिल्की बाल।















सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें ।