Tuesday, January 19, 2016

ग्लोइंग स्किन के लिए आवश्यक पोषण

ग्लोइंग स्किन के लिए आवश्यक पोषण 

food and nutrition for glowing skin
त्वचा हमारी आंतरिक सेहत का आईना है। स्किन में ग्लो यानि चमक दो तरह की होती है। एक आंतरिक चमक और दूसरी बाहरी चमक। बाहरी चमक कॉस्मेटिक से आती है जो टिकाऊ नहीं होती है और आंतरिक चमक, जो हमेशा दमकती रहती है और दूर से ही दिखाई पड़ती है वो हमारी अच्छी सेहत से आती है।
शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन, पोषक तत्वों की कमी, विषैले तत्वों की मौजूदगी के अलावा तनाव और प्रदूषण स्किन की चमक को कम करते हैं। बेजान त्वचा या कम उम्र में स्किन पर एजिंग साइन दिखाई देना ऐसी समस्याएं हैं, जिसका इलाज हम कॉस्मेटिक्स का उपयोग करके करना चाहते हैं। यहां यह जानना जरुरी होगा कि स्किन को ग्लोइंग बनाने का काम सिर्फ कॉस्मेटिक्स से नहीं किया जा सकता है। इसके लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। इसलिए शरीर को स्वस्थ और स्किन को ग्लोइंग बनाने का सबसे आसान तरीका प्रकृति और योगासन में ही है।
ग्लोइंग स्किन के लिए आवश्यक पोषक तत्व  (Nutritional Elements for Glowing Skin)
आप जो खाते हैं उससे शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी पोषण मिलता है। जंक फूड और तैलीय खाना आपकी त्वचा की सेहत को बिगाड़ सकता है। इसलिए विटामिन ए, बी1 और बी2 से भरपूर डाइट यानि हरी सब्जियां, फ्रूटस, सलाद जरूर लें। यह रक्त को साफ करने और त्वचा को हाइड्रेट करने में भी मदद करता है। कच्चा भोजन यानि फल और सलाद का सेवन त्वचा को हाइपर-पिगमेंटेशन और मुहांसों से बचाता है।
सिलिकॉन (Silicon) - यह त्वचा को मुलायम व लचीला बनाता है और झुर्रियों को कम करता है। शरीर में सिलिकॉन की कमी को पूरा करने के लिए मूली, शिमला मिर्च और खीरा खाएं।
जिंक (Zinc) - यह मुंहासों को कम करता है और स्किन को ऑयली होने से बचाता है। लौकी, नारियल, सीताफल और सूरजमुखी के बीज इसके अच्छे स्रोत हैं।
औमेगा 3 फैटी एसिड (Omega 3 Fatty Acid) - यह त्वचा की कोशिका को मजबूती प्रदान करता है और स्किन के सेल में हुई टूट-फूट की मरम्मत भी करता है। औमेगा 3 फैटी एसिड मछली के तेल और समुद्री शैवाल में पाया जाता है। 
ग्लोइंग स्किन की देखभाल (Care for Glowing Skin)
ज्यादा स्क्रब करना भी त्वचा को पहुंचाता है नुकसान
महिलाओं की त्वचा काफी मुलायम होती है इसलिए इसे रगड़ने की भूल गलती से भी ना करें। रगड़ने से त्वचा पर लाल-लाल चकत्ते आ सकते हैं। त्वचा को हमेशा हल्के हाथों से पोंछें।
नियमित देखभाल
समय-समय पर अपने चेहरे को फेस वॉश से धोएं। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो टोनर का उपयोग करें। मेकअप हमेशा क्लींजर से साफ करें और त्वचा की मॉश्चयराइजिंग पर ध्यान दें

काली खांसी से बचाव के घरेलू उपाय

काली खांसी से बचाव के घरेलू उपाय

1. सुहागा, कलमीशोरा, फिटकरी, काला नमक और यवक्षार को पीसकर चूर्ण तैयार कर लें। इसे तवे पर भूनकर 2-2 ग्राम की मात्रा में शहद को मिलाकर बच्चों को चटाने से कालीखांसी दूर हो जाती है। इसके अलावा तवे पर भुना हुआ सुहागा व वंशलोचन को मिलाकर शहद के साथ रोगी बच्चे को चटाने से भी कालीखांसी दूर होती है।
2. पीपल, काकड़ासिंगी, अतीस और बहेड़ा सभी औषधियों को 20-20 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक कूट-पीसकर चूर्ण तैयार कर लें। इसमें 10 ग्राम नौसादर, 10 ग्राम भुना हुआ सुहागा मिलाकर पीस लें। इसके 3 ग्राम चूर्ण को दिन में 2-3 बार चाटने से काली खांसी दूर हो जाती है।
3. अड़ूसा के सूखे पत्तों को मिट्टी के बर्तन में रखकर, आग पर गर्म करके उसकी राख को तैयार कर लें। उस राख को 24 से 36 ग्राम तक की मात्रा में लेकर शहद के साथ रोगी को चटाने से कालीखांसी दूर हो जाती है।
4. मूली का 50 मिलीलीटर रस और गन्ने का रस मिलाकर दिन में 2 बार पिलाने से कुकर खांसी में लाभ मिलता है।
5. 3 मिलीलीटर नारियल का तेल हल्का गर्म करके बच्चे को पिलाने से खांसी का प्रकोप कम हो जाता है। नारियल की जटा की भस्म करके लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग शहद में मिलाकर या पानी से खाएं। इससे 2-3 बार में ही खांसी का वेग व खांसी खत्म हो जाती है।
6. अदरक के रस को शहद में मिलाकर 2-3 बार चाटने से काली खांसी का असर खत्म हो जाता है।
7. 3 बादाम रात को पानी में डालकर रख दें। सुबह उठकर बादाम के छिलके उतारकर लहसुन की एक कली और मिश्री के साथ मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को बच्चों को खिलाने से काली खांसी दूर हो जाती है।
8. बच्चों को कुकर खांसी होने पर लहसुन की माला पहनाते हैं जिससे इसकी गंध खांसने के साथ-साथ अन्दर चली जाती है और इसी का रस आधा चम्मच शहद के साथ भी पिलाएं। इससे काली खांसी दूर हो जाती है। दस बूंद या एक चम्मच लहसुन का रस (उम्र के अनुसार) शहद मिलाकर प्रतिदिन दो-तीन बार सेवन करने से खूब लाभ मिलता है।
9. तवे को आग पर रखकर लौंग को भून लें, फिर उस लौंग को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से काली खांसी ठीक हो जाती है। बच्चों को काली खांसी में एक चौथाई ग्राम से कम गोलोचन को सुबह-शाम शहद के साथ चटाने से लाभ मिलता है।
10. तुलसी के पत्तों के 3 ग्राम रस में शहद मिलाकर चाटने से कालीखांसी में बहुत अधिक लाभ मिलता है।
11. तुलसी के पत्ते और कालीमिर्च समान मात्रा में पीस लें। इसकी मूंग के बराबर की गोलियां बना लें। एक-एक गोली को चार बार देना चाहिए। इससे काली खांसी नष्ट हो जाती है।
12. काली खांसी होने पर बच्चों को बिस्तर पर सुलाने से पहले उसके सीने और कमर पर कपूर को तेल में मिलाकर मालिश करें, काली खांसी बन्द हो जाएगी।
13. हल्दी की 3-4 गांठों को तोड़कर तवे पर भूनें और पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 3-3 ग्राम सुबह-शाम पानी से लेने से कालीखांसी में आराम आता है।

मधुमेह या डायबिटीज (About Diabetes in Hindi)


मधुमेह या डायबिटीज (About Diabetes in Hindi)

मधुमेह या डायबिटीज हाल के सालों में होने वाला सबसे खतरनाक जीवनशैली रोग माना जाता है। हर साल कई हजार लोग इससे प्रभावित होते हैं। आइयें जानें मधुमेह के बारें में जिसे लोग आम बोलचाल की भाषा मे शुगर (Sugar ki Bimari) भी कहते हैं। 

मधुमेह या डायबिटीज (About Diabetes in Hindi)
किसी भी कार्य को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। शरीर को भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और रीर इसकी पूर्ति, शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ से करता है।
रक्त से ग्लूकोज़ इन्सुलिन नामक हार्मोन के द्वारा कोशिकाओं में पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है। शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन अग्न्याशय (pancreas) के द्वारा होता है।
भोजन शरीर में जाकर ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाता है और ग्लूकोज़ रक्त में मिल जाता है। मधुमेह रोगी शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ का पूरा उपयोग नही कर पाता है।
मधुमेह, चयापचय विकार (Metabolic Disorder) है। रक्त में ग्लूकोज़ की बढ़ी हुई मात्रा का अगर सही समय पर उपचार नही किया जाये तो यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगो के लिए काफी नुकसानदायक होती है।

मधुमेह के प्रकार (Types of Diabetes in Hindi)
मधुमेह को दो श्रेणियों में रखा गया है, शरीर का इन्सुलिन न बना पाना टाईप । मधुमेह (Type I Diabetes) और शरीर में उपस्थित इन्सुलिन का सही तरीके से काम नहीं करना टाईप ॥ मधुमेह (Type II Diabetes), जिसके कारण ग्लूकोज़ कोशिकाओं में नहीं जाता है और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाती है।
टाईप 1 मधुमेह (Type 1 Diabetes): यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune Disorder) है, इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय की इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं।
टाईप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes): टाईप 2 मधुमेह में शरीर में उत्पादित इन्सुलिन का सही उपयोग नहीं हो पता है। शरीर में इन्सुलिन की अतिरिक्त मात्रा के कारण अग्नाशय इन्सुलिन नही बनाता है।

सामान्य उपचार


मधुमेह या डायबिटीज से बचाव का सबसे बढ़िया उपाय है इसकी जानकारी रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। डायबिटीज से बचने के कुछ खान उपाय निम्न हैं: 
मधुमेह से बचाव (Treatment and Remedies for Diabetes in Hindi)
  • प्रतिदिन एक घंटा व्यायाम जरूर करें।
  • अपने घर में प्रतिदिन मधुमेह का टेस्ट करें। रक्त में शुगर की मात्रा का ध्यान रखें।
  • इन्सुलिन इंजेक्शन (Insulin Injetion) को तैयार करना और स्वयं लगाना आना चाहिए।
  • एक इन्सुलिन पम्प (Insulin Pump) साथ रखना।
  • कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) की गिनती को ध्यान में रखना।
  • रक्तचाप (Blood Pressure) कम होने पर मत्वपूर्ण जानकारी का ध्यान रखना

योग आसन (Yog Aaasan for Diabetes)
  • प्राणायाम
  • सेतुबंधासन
  • बालासन
  • वज्रासन
  • सर्वांगासन

घरेलू उपचार मधुमेह 1 (Home Treatment 1 Diabetes)

Home Treatment 1 diabetes
  • दिन में एक बार 2 चम्मच करेले के रास का सेवन करें।
  • दिन में दो बार 1 चम्मच मेथी के पाउडर का सेवन पानी के साथ अवश्य करें।  
  • दिन में एक बार 2 चम्मच कड़वी लौकी के रस को एक चम्मच आंवला के रास के साथ मिलकर कर सेवन करें।

Monday, January 18, 2016

ऐसे रखें बच्चे को घर में सुरक्षित

ऐसे रखें बच्चे को घर में सुरक्षित

बच्चे जब बढ़ने लगते हैं तो वो ज्यादा शरारती और नटखट हो जाते हैं। खास कर 12 महीने से लेकर 5 साल की उम्र तक आपको बच्चों की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। यह एक ऐसा दौर है जब बच्चे जिज्ञासावश किसी भी चीज को छूने, खाने, पास जाने या समझने की कोशिश करते हैं। उन्हें यह समझ नहीं होती है कि वो उसके लिए खतरनाक या जानलेवा भी हो सकती है।
घर में बच्चे कैसे सेफ रहेंगे और घर को कैसे चाइल्ड प्रूफ बना कर रखना है इसका ख्याल माता-पिता को हमेशा रखना होगा। एक आंकड़े के मुताबिक घर पर बच्चे ज्यादा दुर्घटना के शिकार होते हैं और जिसमें कई बच्चों की मौत तक हो जाती है। घर पर आपके बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए आपको एहतियातन कई कदम उठाने पड़ेंगे, बच्चों को क्या गलत है और क्या सही है कि जानकारी देनी होगी और सबसे बड़ी बात बच्चे पर हमेशा नजर बना के रखनी होगी।
बच्चे को पानी के पास अकेला नहीं छोड़ें (Never Leave Children Alone Near Water)
पानी में और पानी के आसपास खेलना बच्चों को काफी पसंद है। मगर पानी बच्चे के लिए खतरनाक भी हो सकता है। छोटे बच्चे एक इंच से कम पानी के अंदर भी डूब सकते हैं। बाथरुम में पानी का बाथटब हो या बाल्टी, बच्चे उसके अंदर जा सकते हैं। अगर आपने घर के बाहर बगीचे मे फव्वारा या पुल बनाया है तो वहां बच्चे को कभी भी अकेला नहीं छोड़ें।
केमिकल, डिटर्जेंट, साबुन, फिनाइल और दवा से दूर रखें (Keep Cleaning Materials and Other Chemicals Away from Children)
घर को बच्चे के हिसाब से चाइल्ड प्रूफ बना कर रखें। घर में रखे ऐसे कई सामान जिससे आप अनजान हैं वो हो सकता है कि बच्चों के लिए जहर हो। डिटर्जेंट पाउडर, सोप से लेकर पाउडर तक को बच्चों के पहुंच से दूर रखें। अगर बच्चे इसे खा या पी लेते हैं तो यह जानलेवा तक साबित हो सकता है। फिनाइल की बोतल समेत ऐसे सभी चीज यहां तक की दवाई की बोतल, गोली को भी बच्चे से दूर रखें।
बंदूक, पिस्टल या किसी भी तरह के फायरआर्म को अनलोड व लॉक रखें (Any Firearms should be Unloaded and Locked)
अगर घर में सेफ्टी के लिहाज से बंदूक, पिस्टल या कोई और फायर आर्म रखते हैं तो इसे अनलोड यानि गोली निकाल कर ऱखिए। घर में बच्चा खेल-खेल में इसे चला सकता है। हो सके तो इसे आलमारी में बंद कर ही रखें।
बच्चों के बेड पर कुछ न रखें (Keep Sleeping areas as bare as possible, especially for Babies)
दम घुटने से बच्चों की मौत ज्यादा होती है और 60 फीसदी ऐसी दुर्घटना बच्चों के सोने की जगह पर ही होती है। शरारती बच्चे खेल-खेल में तकिया से, सॉफ्ट ट्वाइज से अपना मुंह ढ़क लेते हैं। अगर ज्यादा देर तक नाक या मुंह ढ़का रहा तो इससे जान तक जा सकती है।
बिजली के उपकरण और बिजली के तार-बोर्ड से बच्चे को दूर रखें (Keep away child from electrical outlets and protect from Electrical Wires)
बिजली के करंट से बच्चे की जान जा सकती है। घर में यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं बिजली का तार नंगा तो नहीं लटका है या फिर बोर्ड, सॉकेट खुला तो नहीं है। बिजली के किसी भी उपकरण को भी बच्चे के आसपास न रखें।
छोटे सामान और खाने के सामान को भी बच्चों के पहुंच से दूर रखें (Keep Small Items and Food Out of Reach)
कभी-कभी कोई खाने वाली छोटी चीज भी बच्चे के गले में फंस जाती है और गला चॉक हो जाता है।  इससे बच्चे की मौत हो सकती है। खास कर गाजर, मूली, मकई, सब्जी बच्चा निगल सकता है। साथ ही ध्यान रहे सिक्का, सुई, छोटे गेंद समेत ऐसी कोई भी चीज जो बच्चा आसानी से निगल सकता है, उसे उसके पहुंच से दूर रखें।
बच्चे को गिरने से बचाएं (Protect the kids from fall)
बच्चे और बूढ़े दोनों को गिरने का खतरा रहता है। ध्यान रहे बच्चा अकेले सीढ़ी पर न चढ़ें। घर में फर्श को हमेशा सूखा रखें। कहीं पानी न गिरा हो। अगर कारपेट बिछा है तो उसमें छेद नहीं हो। बालकनी में भी छोटे बच्चे को न जाने दें। सिर नीचे कर सकता है या ग्रिल में पैर फंसा सकता है।
ख़िड़की-दरवाजे को भी बच्चों के हिसाब से बनाएं (Design of Windows and Doors should be safe for child)
घर के खिड़की-दरवाजे बच्चों के सेफ्टी के मुताबिक ही डिजाइन की जानी चाहिए। खिड़की-दरवाजे के परदों में किसी भी तरह की डोरियों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। अगर है भी तो उसे हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर बांध कर रखें। किसी-किसी घर में दरवाजे में ऑटोमेटिक लॉक रहता है वो बच्चों के सेफ्टी के लिहाज से ठीक नहीं है। घर की खिड़कियां कभी भी स्लाइडिंग न हो, बच्चे आसानी से स्लाइड कर बाहर गिर सकते हैं।
घर में स्मोक अलार्म लगाएं (Install a Smoke Alarm and Carbon Monoxide Detector)
अचानक घर में आग लग जाए और जब तक आप समझ सके उससे पहले कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अगर घर में स्मोक अलार्म लगा रहेगा तो आप समय रहते हादसे को टाल सकते हैं और अपने प्यारे लाडले-लाडली को बचा सकते हैं।
बच्चों को घर के पालतू जानवरों से सुरक्षित रखें (Keep Children Safe from Family Pet)
परिवार में बिल्ली और कुत्ते से सभी को प्यार होता है। मगर एक आंकड़ें पर गौर करें तो आपको यह बात समझ में आएगी कि पालतू जानवर भी बच्चे के लिए खतरनाक हो सकते हैं। अमेरिका में हर साल 1.55 लाख बच्चों को पालतू कुत्ते काटते हैं। हरेक जानवर चाहे वो जंगल में है या घर में उसमें काटने और चाटने का स्वाभाविक गुण होता है। बच्चों को इससे दूर ही रखना चाहिए।
हमेशा इमरजेंसी के लिए तैयार रहें (Be Prepared for an Emergency)
आपका घर कितना भी बच्चों के सुरक्षा के लिहाज से चाइल्ड प्रूफ हो, अनहोनी और हादसे कभी भी हो सकते हैं। इसलिए हमें इमरजेंसी के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

जानें शहद के आश्‍चर्यजनक 15 लाभ

जानें शहद के आश्‍चर्यजनक 15 लाभ


शहद धरती पर पाया जाने वाला सबसे पुरानी मीठी चीज है। कई रेसिपी में इसका इस्‍तेमाल होता है। शहद आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। हमें अंदाजा है कि यह आपकी रसोई में जरूर होगा और अगर नहीं है, तो इस लेख को पढ़ने के बाद तो जरूर हो जाएगा। नियमित रूप से शहद का सेवन करने से शरीर को स्फूर्ति, शक्ति और ऊर्जा मिलती है। शहद से शरीर स्वस्थ, सुंदर और सुडौल बनता हैं। शहद मोटापा घटाता भी है और शहद मोटापा बढ़ाता भी है। मीठे शहद के गुणों से रोगी व्यक्ति स्वस्थ हो सकता है। आइए जानें शहद के लाभ के बारे में।

  • शहद में विटामिन ए, बी, सी, आयरन, कैल्शियम, सोडीयम फास्फोरस, आयोडीन पाए जाते हैं। रोजाना शहद का सेवन शरीर में शक्ति, स्फर्ति, और ताजगी पैदाकर रोगों से लड़ने की शक्ति भी बढ़ाता है।
  • कफ एवं अस्थमा को शहद के इस्तेमाल से दूर किया जा सकता है। अदरक के रस में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में शहद कारगर है।
  • रक्त को साफ करने यानी रक्त शुद्धि के लिए भी शहद का सेवन करना चाहिए।
  • दिल को मजबूत करने, हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने और हृदय संबंधी रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन शहद खाना अच्छा रहता है।
  • रोजाना शहद का सेवन करने से सेहत बनती है और शरीर मोटा होता है। दिमागी कमजोरियां दूर होती है।
    • शहद का सेवन झाइयां और मुंहासे को दूर कर चेहरे पर कांति लाता है। आप गुलाब जल, नींबू और शहद मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं।
    • गर्मियों में रोजाना पानी के साथ शहद के सेवन से पेट हल्का रहता है।
    • पके आम के रस में शहद मिलाकर लेने से पीलिया में लाभ मिलता है।
    • चेहरे की खुश्‍की दूर करने के लिए शहद, मलाई और बेसन का उबटन लगाना चाहिए। इससे चेहरे पर चमक भी आएगी।
    • रोजाना शहद के सेवन से किडनी और आंत ठीक रहते आती है।
    • शहद क्षतिग्रस्त त्वचा का उपचार करने में मददगार होता है। यह एक्जिमा, त्वचा की सूजन और अन्य त्वचा विकारों का भी प्रभावशाली तरीके से उपचार करता है।
    • टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर प्रतिदिन लेने से कब्ज की शिकायत दूर होने लगती है।
    • शहद के एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण कुछ बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकते हैं और इसलिए यह घावों, कटे और जले हुए स्थानों पर तथा खरोंच पर लगाया जाता है।
    • शहद घाव को साफ करने, गंध और मवाद को दूर करने, दर्द को कम करने और तेजी से उपचार के लिए उपयोग होता है।

    चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए टिप्स क्लींजिंग

     चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए टिप्स क्लींजिंग 

    चेहरे की चमक के लिए क्लींजिंग को दिनचर्या बना लें। दिन में दो बार क्लींजिंग करें। याद रहे क्लींजिंग के लिए कठोर केमिकल का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा की नमी खत्म हो जाएगी। वैसे पानी एक बेहतर क्लींजिंग एजेंट है। रोजाना नहाते समय में मुंह में पानी भरें और निकालें, इससे चेहरे की त्वचा में कसावट बनी रहेगी।
    चेहरे के बालों का ख्याल रखें 
    चेहरे के क्लीन लुक के लिए आई ब्रो समेत होंठ के उपर उग आए बालों को लगातार ट्रिम और वैक्स कराते रहें। अगर खुद से संभव नहीं है तो प्रोफेशनल से कराएं। चेहरे पर उग आए बाल चेहरे को अनाकर्षक बनाते हैं। 
    मॉइश्चराइजर
    अगर आपके चेहरे की त्वचा शुष्क है तो आपको रोजाना मॉइश्चराइजर की जरुरत है। ड्राई स्किन वाले हमेशा सौम्य यानि वाटर बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें इससे आपके चेहरे की त्वचा में नमी हमेशा कायम रहेगी और ग्लो भी आएगा। 
    खूब सारा पानी पिएं 
    शरीर के साथ-साथ पानी चेहरे की त्वचा को भी हाइड्रेट रखती है। पानी पीने से शरीर और त्वचा से हानिकारक टॉक्सिन और तेल पसीने से बाहर निकल जाता है और आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है। दिन भर में कम से कम दस ग्लास पानी पिएं। 
    चेहरे को सूर्य की किरणों से बचाएं
    चेहरे की त्वचा के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें हैं। इससे चेहरे पर मुंहासे, पिंपल्स, झुर्रियां, आंखों के नीचे काला घेरा और एजिंग लाइंस बन आते हैं। धूप में कम निकलें, अगर निकलना जरुरी है तो सनस्क्रीन (SPF 30) लोशन या क्रीम लगाकर जाएं। 
    चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए हर्बल टिप्स (Herbal Tips for Glowing Face)
    • चेहरे पर हर रोज चंदन पाउडर, गुलाब जल व हल्दी को मिलाकर इनका लेप लगाएं। यह लेप चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है।
    • एलोवेरा के पत्तों की ऊपरी परत निकालकर उसके गूदे को चेहरे पर मलने से धीरे-धीरे दाग-धब्बे कम होने लगते हैं।
    • त्वचा पर शहद लगाने से त्वचा के दाग-धब्बे कम पड़ने के साथ-साथ त्वचा का रूखापन भी दूर होता है।
    • मौसमी फलों जैसे केला, संतरा, पपीता, आम आदि का गूदा अपने चेहरे पर लगा सकते हैं।
    • टमाटर का रस निकालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करें। नियमित रुप से यह नुस्खा अपनाने पर चेहरा चमकने लगेगा।
    -

    13 हेल्थ टिप्स जो हैं जरूरी हर महिला के लिए

    13 हेल्थ टिप्स जो हैं जरूरी हर महिला के लिए

    परिवार के सदस्यों का बखूबी ध्यान रखने में माहिर महिलाएं अपनी अनदेखी करने में आगे होती हैं। खाने पीने से लेकर स्वास्थ्य तक में, हर जगह लापरवाही बरतती हैं लेकिन जरा सोचिये यदि आप ही ठीक नहीं रहेंगी तो परिवार के बाकी सदस्यों का ख्याल कौन रखेगा।
    रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त रहते हुए भी कुछ उपाय ऐसे हैं जहा आप दूसरों का ख्याल रखते हुए भी खुद का ख्याल रख सकती हैं। आइये आपको बताते हैं किस तरह की हेल्थ टिप्स अपनाकर आप भी स्वस्थ रह सकती हैं।
    1- सकारात्मक सोचे, डिप्रेशन से दूर रहे (Be Positive and Avoid Depression)
    आप क्या सही कर रही हैं क्या गलत, किसको क्या पसंद आया क्या नहीं, आप में कुछ कमी तो नहीं या कोई आपके बारे में क्या कहेगा, आप अच्छी पत्नी और माँ हैं या नहीं...यह कुछ ऐसी उथल-पुथल है जो हर महिला के मन में चलती रहती है। यही सोच अवसाद यानि डिप्रेशन बन जाती है, इसलिए इससे उबरिये और सकारात्मक सोचिये। सकारात्मक सोच के बगैर किसी चिकित्सक का इलाज पर सफल नहीं हो सकता।
    2- कैल्शियम की मात्रा बढ़ाएं (Increase the Calcium Intake)
    उन्नीस से पचास वर्ष की उम्र में महिलाओं को 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता रोज होती है। इसलिए अपने खाने में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में लें। जिससे हड्डियों से संबंधी समस्या ना हो। जरूरत पर कैल्शियम की दवा भी महिला रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ली जा सकती है।
    3- भरपूर नींद लें (Enough Sleep)
    दिन भर की थकान को दूर करने और मानसिक तनाव से दूर रहने के लिए भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है। रात को समय से सोयें। कम से कम छह से सात घंटे की नींद जरूरी है।
    4- व्यायाम को बनाएं जरूरी (Physical Exercise)
    व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अपनी सुविधा के अनुसार योग, प्राणायाम, सुबह की सैर या कार्डियो कुछ भी करें। लेकिन व्यायाम जरूर करें।
    5- मसाज लें (Massage)
    हफ्ते में एक बार बॉडी मसाज लें। चाहें पार्लर जाएं या घर पर किसी की मदद से लें। इससे शारीरक मासपेशियां रिलैक्स होंगी और आप ज्यादा हेल्थी महसूस करेंगी। यह आपकी स्किन के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
    6- रोज एक फल खाएं (Consume one Fruit Daily)
    रोज कोई भी एक फल जरूर खाएं। फ्रूट सेहत के लिए बेहद लाभकारी होते हैं और अंदर से मजबूत रखते हैं। फल इसलिए भी जरूरी है क्योंकि महिलाएं अक्सर आपने खानपान के प्रति लापवाही करती हैं। बासी खाना महिलाओं की एक बड़ी कमी है।
    7- धूप भी है जरूरी (Importance of Sunlight)
    कैल्शियम की तरह विटामिन डी भी बेहद जरूरी है। विटामिन डी के कारण ही हड्डियां कैल्शियम को अवशोषित कर पाती हैं। इसलिए रोज कम से कम 10 मिनट की धूप जरूर लें। इससे आपकी हड्डियां मजबूत होंगी।
    8- ब्लड शुगर टेस्ट (Blood Sugar Test)
    समय समय पर ब्लड शुगर टेस्ट जरूर कराएं जिसके हिसाब से आप अपने खान पान में परिवर्तन कर सकती हैं।
    9- कॉलेस्ट्रोल टेस्ट (Cholesterol Test)
    कॉलेस्ट्रोल टेस्ट भी बेहद जरूरी है। क्योंकि महलाओं में हृदय संबंधी रोग और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए इस डाउट से बचने के लिए यह टेस्ट जरूरी है। शारीरिक परीश्रम कम करने वाली महिलाओं के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है।
    10- हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए (For Healthy Bones)
    अधिक से अधिक चलना, डांस करना, साइकिल चलना कुछ प्रक्रिया हैं जिन्हें आपको करना चाहिए।
    11- दोस्तों से मिलें (Meet Friends)
    घर के अंदर बंद ना रहें। अकेले रहना भी बिमारियों को न्योता देना है। हफ्ते में एक बार दोस्तों के साथ आउटिंग करें। दिल खोलकर हँसे, बात करें और खुली हवा में सांस लें।
    12- साल में एक बार फुल बॉडी टेस्ट (Complete Body Check at least once in a Year)
    साल में एक बार फुल बोड टेस्ट कराएं। इसमें डेंटिस्ट से लेकर जेनेटिक टेस्ट तक, सबकुछ शामिल करें।
    13- हीमोग्लोबिन हो परफेक्ट (Enough Hemoglobin Count)
    ध्यान रहे की आपका हीमोग्लोबिन दुरुस्त हो। इसके कारण भी कई बार कमजोरी होना, चक्कर आना, किसी काम में मन ना लगना आदि हो सकता है। हरी पत्तेदार सब्जी और लोहतत्व से युक्त भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें।


    Wednesday, January 6, 2016

    सौंफ --



    सौंफ --
    सौंफ त्रिदोषनाशक है. इस की तासीर ठंडी है , पर यह जठराग्नि को मंद नहीं करती.
    - आंखों की रोशनी सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लीजिए। इससे आंखों की रोशनी बढती है।
    - सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नहीं होती। सौंफ को मिश्री या चीनी के साथ पीसकर चूर्ण बना लीजिए, रात को सोते वक्त लगभग 5 ग्राम चूर्ण को हल्केस गुनगने पानी के साथ सेवन कीजिए। पेट की समस्या नहीं होगी व गैस व कब्ज दूर होगा।
    - डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है।
    - खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है। सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लीजिए। खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लीजिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है।
    - अगर आप चाहते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर न बढ़े तो खाने के लगभग 30 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ खा लें।
    - आधी कच्ची सौंफ का चूर्ण और आधी भुनी सौंफ के चूर्ण में हींग और काला नमक मिलाकर 2 से 6 ग्राम मात्रा में दिन में तीन-चार बार प्रयोग कराएं इससे गैस और अपच दूर हो जाती है।
    - भूनी हुई सौंफ और मिश्री समान मात्रा में पीसकर हर दो घंटे बाद ठंडे पानी के साथ फँकी लेने से मरोड़दार दस्त, आँव और पेचिश में लाभ होता है। यह कब्ज को दूर करती है। के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
    - बादाम, सौंफ और मिश्री तीनों बराबर भागों में लेकर पीसकर भर दें और रोज दोनों टाइम भोजन के बाद 1 टी स्पून लें। इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है।
    - दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से कफ की समस्या समाप्त होती है। अस्थमा और खांसी में सौंफ सहायक है। कफ और खांसी के इलाज के लिए सौंफ खाना फायदेमंद है।
    - गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होता है।
    - सौंफ को अंजीर के साथ खाएँ और खाँसी व ब्रोन्काइटिस को दूर भगाएँ।
    - गर्मियों में सौंफ को गला कर सेवन करने से ठंडक मिलती है। सौंफ के पावडर को शकर के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है।
    - यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है।एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें। इससे शिशु के कॉलिक का उपचार होने में मदद मिलती है। शिशु को एक या दो चम्मच से ज्यादा यह घोल नहीं देना चाहिए।
    - जो लोग कब्ज से परेशान हैं, उनको आधा ग्राम गुलकन्द और सौंफ मिलाकर दूध के साथ रात में सोते समय लेना चाहिए। कब्ज दूर हो जाएगा।
    - इसे खाने से लीवर ठीक रहता है। इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है।
    - रोजाना सुबह-शाम खाली सौंफ खाने से खून साफ होता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे त्वचा में चमक आती है।
    - रोजाना दाल और सब्जी के तडके में सौंफ भी डाले.
    - यदि बारबार मुंह में छाले हों तो एक गिलास पानी में चालीस ग्राम सौंफ पानी आधा रहने तक उबालें। इसमें जरा सी भुनी फिटकरी मिलाकर दिन में दो तीन बार गरारे करें।

    गंजापन का घरेलू उपचार

    गंजापन का घरेलू उपचार


    बालों के झड़ने को रोकने के लिए तो हम-आप लाखों जतन करते हैं, मगर गंजापन को अंतिम नियति मान कर कोई उपाय करना ही छोड़ देते हैं। हम मानते हैं कि इसका एक ही उपाय है – हेयर ट्रासप्लांट या फिर सर्जरी।
    आपको इतनी जल्दी निराश होने की जरुरत नहीं है। हेयर ट्रासप्लांट या फिर सर्जरी में लाखों रुपये खर्च करने से बेहतर है कि अगर आप कुछ घरेलू और कुदरती नुस्खों (Herbal and Home Remedies for Baldness) को आजमाएंगे तो संभव है रेगिस्तान में भी दरख्त उग आएं।
    आइए जानते हैं उन कुदरती उपायों के बारे में जिससे गंजापन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
    1. अरंडी का तेल (Castor Oil)
    अरंडी का तेल गंजापन को दूर करने का सबसे कारगर दवा है। यह एक आद्रर्क यानि मॉस्चराइजिंग एजेंट की तरह काम करता है। यह बाल और त्वचा की कई और समस्याओं में काम करता है। गंजेपन को भगाने के लिए आपको बस और कुछ नहीं अपने हथेली पर थोड़ा अरंडी का तेल लें और इसे सिर में लगा कर अच्छी तरह से मसाज करें। यह आपके बालों की जड़ों को पोषण देगा और बहुत जल्द आपके सिर पर बाल उगने लगेंगे।
    2. अरहर की दाल (Toor Daal)
    गंजेपन की इलाज के लिए अरहर की दाल भी बेस्ट है। अरहर की दाल को पीस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर के प्रभावित क्षेत्र में लगाएं, जल्द ही असर दिखने लगेगा।
    3. ऐलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel)
    ऐलो वेरा एक हर्बल पौधा है और यह बाल और त्वचा के लिए काफी ही प्रभावकारी दवा है। ऐलो वेरा जेल बालों के ग्रोथ में काफी काम करता है। गंजापन के इलाज के लिए कुछ नहीं बस ऐलोवेरा जेल को सिर में लगाएं और अच्छी तरह से सिर की मसाज करें। जल्द ही असर दिखने लगेगा। यह बालों की जड़ में बंद हुए छिद्र को खोल देता है।
    4. नारियल तेल (Coconut Oil)
    नारियल तेल बालों की जड़ों को पोषण देता है। रात में सोते समय बालों की मालिश नारियल तेल से दस मिनट तक करें। यह hair follicles को बढ़ने में मदद करेगा। सुबह उठ कर बालों को धो लें। आप नारियल तेल में नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
    5. काली मिर्च (Black Pepper)
    काली मिर्च गंजापन के इलाज में काफी फायदेमंद है। काली मिर्च और नींबू के बीज को मिला कर कूट लें और फिर उसका गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों पर फैला कर लगा लें। काफी असर होगा।
    6. मेंथी के बीज (Methee)
    मेंथी के बीज भी गंजेपन को दूर करने में काफी कारगर होते हैं। मेंथी के बीज को कूट कर पेस्ट बना लें और सिर में जहां बाल नहीं है वहां लगा लें। एक घंटा तक पेस्ट लगा हुआ छोड़ दें। बाद में सिर को पानी से धो लें। काफी असर होगा।
    7. नींबू (Lemon)
    नींबू बहुत सारे बालों की परेशानी में काम आता है। मसलन, बालों के झड़ने-गिरने में, रुसी को खत्म करने में, ड्राई हेयर में। गंजेपन से लड़ने के लिए नींबू के रस को कई तरह के तेलों में मिला कर लगाएं और सिर की मालिश करें तो काफी असर दिखेगा।
    8. चुकंदर के पत्ते (Beetroot Leaves)
    चुकंदर के पत्ते गंजेपन को दूर करने की अचूक दवा है। चुकंदर के पत्ते को पानी में उबाल लें। जब वह काफी मुलायम हो जाए तो उसमें मेंहदी के पत्ते मिला दें और फिर इसे ग्राइंडर मशीन में पीस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को सिर पर लगा कर कुछ देर के लिए छोड़ दें। बाद में गुनगुने पानी से सिर धो लें। काफी असर दिखेगा।
    9. प्याज (Onion)
    प्याज में मौजूद सल्फर सिर में रक्त के प्रवाह को तेज करता है। जिससे गंजपन की बीमारी ठीक हो सकती है। कुछ नही बस प्याज को काट कर उसका जूस निकाल लें और उसमें कुछ शहद मिला लें। और फिर इसे बालों की जड़ों पर लगा लें। यह बालों की जड़ में रक्त संचार को तो बढ़ाएगा ही साथ ही फंगस और बैक्टीरिया को भी मारेगा।
    10. दही (Curd)
    बालों के लिए दही कंडीशनर का काम करता है। यह बालों के गंजेपन को दूर करने में काफी काम करता है। बालों को झड़ने-गिरने से भी रोकता है। बालों में दही का मास्क लगाएं काफी बेहतर नतीजे आएंगे।
    - See more at: http://health.raftaar.in/disease/baldness_herbal-and-home-remedies-for-baldness#sthash.lfkzJTfn.dpuf

    अपच से राहत के घरेलू उपाय

    अपच से राहत के घरेलू उपाय


    इनडाइजेशन या अपच की समस्या को चिकित्सीय भाषा में डायसेप्सिया (Dyspepsia) कहा जाता है। अपच की समस्या पेट में भोजन को पचाने वाले रसों के स्त्रवित न होने से होती है। यह समस्या खासकर बहुत तेज मसाले वाला खाना या बहुत तैलीय खाना खाने से होती है। यदि आप भूख से ज्यादा खा लेते हैं तब भी आपको अपच की समस्या हो सकती है। 
    अपच के दौरान व्यक्ति को बहुत ज्यादा गैस, उल्टी, पेट में दर्द, सीने या पेट में जलन आदि समस्याएं हो सकती हैं। अपच से राहत के लिए कुछ घरेलू उपाय लाभकारी साबित होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही प्रभावी घरेलू नुस्खों के बारे में-
    1. सेब का सिरका (Apple cider vinegar)
    सेब के सिरके में यूं तो एसिडिक गुण होते हैं लेकिन यह एसिड से राहत देने में भी प्रभावी है। अपच से राहत के लिए एक चम्मच कच्चे और अनफिल्टर्ड सेब के सिरके को एक कप पानी में मिलाएं। इसके बाद इसमें एक चम्मच कच्चा शहद मिलाएं। इस पेय को दिन में दो से तीन बार पीएं। अपच से राहत मिलेगी।
    2. सौंफ (Saunf)
    अपच से बचाव के लिए सौंफ भी बेहद गुणकारी है। बहुत मसालेदार और वसा वाले खाने से होने वाली अपच को बेहद जल्दी ठीक कर देती है। अपच से बचाव के लिए सौंफ के दानों को तवे पर हल्का सा गर्म करें और उसका पाउडर बना लें। पानी के साथ इस पाउडर को दिन में दो बार लें। सौंफ के दानों से तैयार चाय या सौंफ को यूं ही मुंह में डालकर चबाने से भी अपच से राहत मिलती है। साथ ही यह माउथ फ्रेशनर की तरह काम भी करती है।
    3. अदरक (Ginger)
    अदरक में मौजूद पाचन रस और एंजाइम खाने को पचाने में बेहद लाभकारी हैं। अपच से राहत के लिए अदरक के छोटे छाटे टुकड़ों पर नमक डालकर उन्हें यूं ही चबाया जा सकता है। इसके अलावा दो चम्मच अदरक के रस में नींबू का रस, थोड़ा सा काला और थोड़ा सा सफेद नमक मिलाकर बिना पानी के पीने से बेहद राहत मिलती है। 
    इसके अलावा अदरक के रस और शहद को गुनगुने पानी के साथ भी लिया जा सकता है। अदरक की चाय भी बेहद लाभकारी होती है। इतना ही नहीं खाना बनाने में अदरक का प्रयोग मसाले के तौर पर करने से भी अदरक बेहद लाभ देता है।
    4. बेकिंग सोडा (Baking Soda)
    अपच से बचने के लिए बेकिंग सोडा सबसे आसान घरेलू उपाय है। आधे गिलास पानी में थोडा़ सा बेकिंग सोडा मिलाकर इस पानी को पीएं। इससे तुरंत राहत मिलती है।
    5. अजवायन (Ajwain)
    अजवायन पेट को दुरूस्त रखने और खाने को पचाने के साथ ही पेट दर्द से भी राहत देती है। सौंठ और अजवायन को मिलाकर पाउडर बनाएं। एक चम्मच पाउडर में काली मिर्च मिलाएं और गर्म पानी के साथ पीएं। इस पेय को दिन में एक या दो बार पी सकते हैं। अजवायन के दानों को मुंह में रखकर चबाने से भी आराम मिलता है।
    6. हर्बल चाय (Herbal Tea)
    पुदीना या कैमोमाइल की हर्बल या ग्रीन टी भी पाचन शक्ति को दुरूस्त रखती है। खाना खाने के बाद एक कप हर्बल टी पीने से खाना जल्दी पचता है और पेट में वसा भी जमा नहीं होती। ऐसे में आपका वजन भी ठीक रहता है। लेकिन खाने के बाद सामान्य चाय या कॉफी से बचना चाहिए। 
    7. नमकीन छाछ (Salted Buttermilk)
    खाने के साथ नमकीन छाछ का इस्तेमाल भी आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाता है। रात के समय दही की जगह छाछ में काला नमक और भुना हुआ जीरा डालकर पीएं। पेट में जलन से भी राहत मिलेगी। इतना ही नहीं सुबह नाश्ते में और दोपहर के खाने में भी छाछ का इस्तेमाल सर्वोत्तम है। गर्मियों के दिनों में यह पेट के साथ ही पूरे शरीर के लिए भी फायदेमंद है।

    घरेलू फेस पैक से पाएं ग्लोइंग फेस

    घरेलू फेस पैक से पाएं ग्लोइंग फेस

    सुंदरता कोई बाजार में बिकने वाली उपभोक्ता सामग्री नहीं है। चेहरा हर वक्त जवां और हसीन दिखे, इसके लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का एक बड़ा बाजार खड़ा हो गया है। मगर ये कॉस्मेटिक्स आपके चेहरे पर पल भर के लिए चमक ला सकती है, हमेशा के लिए नहीं। चेहरे पर आंतरिक खूबसूरती तो अंदर से आती है और इसके लिए आपको अपनी त्वचा को तंदुरुस्त रखना पड़ेगा।
    त्वचा की तंदुरुस्ती कॉस्मेटिक्स से नहीं कुदरती उपायों से आती है। कॉस्मेटिक्स के ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा बीमार हो जाती है। चेहरे पर झाइयां, कील- मुहांसे, आंखों के नीचे काले दाग हो जाते हैं। प्रकृति ने हमें ऐसे नायाब फल-फूल, जड़ी-बूटियां और हर्ब्स दिए हैं जिसके इस्तेमाल से चेहरे पर सुंदरता आती है, त्वचा सेहतमंद रहती है। आइए जानते हैं उन होम मेड फेस पैक के बारे में जिसे चेहरे पर लगाने से त्वचा में कुदरती निखार आता है।
    शहद और दूध का पैक
    शहद न सिर्फ प्राकृतिक मॉइश्चराइजर है, बल्कि कील और मुहांसे के इलाज के लिए एक कारगर कुदरती उपचार भी है। वहीं दूध त्वचा के लिए क्लींजिंग एजेंट का काम करता है जिससे स्किन की टोनिंग भी होती है। दूध में शहद मिला कर बनाए गए फेस पैक को लगाने से त्वचा में कुदरती चमक आती है।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: थोड़ा सा शहद लें और उसे एक कटोरी दूध में मिला लें। इसे चेहरे पर लगाएं। लेप लगाने के बाद चेहरे की दो मिनट तक मसाज करें। चेहरे पर लेप को 15 मिनट तक छोड़ दें। पंद्रह मिनट के बाद चेहरे को पानी से धो लें।
    आलू और नींबू का पैक
    आलू के गूदे में नींबू का जूस मिला कर लगाने से स्किन की हाइपर पिगमेंटेशन और काले धब्बों की समस्या से राहत मिलती है। इस फेस पैक को लगाने से स्किन टोन बेहतर होता है और आंख के नीचे के काले घेरे भी खत्म होते हैं।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: एक आलू लें और उसका छिलका निकाल लें। आलू के गूदे का जूस निकाल लें। इस जूस में थोड़ा नींबू का रस मिला लें। अब इस पैक को चेहरे पर लगा लें। 20 मिनट के बाद चेहरे को धो लें।
    केला और बादाम तेल का फेस पैक
    केला में विटामिन सी पाए जाते हैं और यह स्किन कंप्लेक्शन बेहतर बनाने में काफी असरदार होता है। वहीं बादाम विटामिन ई, ए और डी का प्रमुख स्रोत है। बादाम प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। बादाम के तेल में केला मिला कर लगाने से स्किन हेल्दी रहती है।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: एक केले को अच्छी तरह मथ कर उसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में थोड़ा बादाम का तेल मिला लें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। 20 मिनट के बाद चेहरे को पानी से धो लें।
    संतरे के छिलके और चंदन का पैक
    चेहरे पर मौजूद ब्लैकहेड्स को हटाने के लिए संतरे के छिलके के पाउडर और चंदन का फेस पैक काफी मदद करता है। इसे लगाने से चेहरे की झाइयां, काले धब्बे और सन टैन भी खत्म होते हैं।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: संतरे के छिलके के पाउडर और चंदन पाउडर को एक कटोरी में मिला लें। इसमें थोड़ा पानी मिला कर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। अब इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 5 मिनट तक चेहरे की मसाज करें। 20 मिनट के बाद जब पेस्ट सूख जाए तो चेहरा और गर्दन धो लें।
    हल्दी और बेसन का पैक
    त्वचा के पोषण के लिए हल्दी और बेसन का फेस पैक काफी कारगर होता है। हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह त्वचा की सारी अशुद्धि और गंदगी को साफ करके बाहर निकालता है और त्वचा की मृत कोशिका को खत्म कर त्वचा में निखार और चमक लाती है।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: 3 चम्मच बेसन और थोड़ी सी हल्दी में एक चम्मच दूध मिलाएं। इस पैक को चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट के बाद जब लेप सूख जाए तो चेहरे को पानी से धो लें।
    पपीते और शहद का पैक
    पपीता त्वचा को जवां बनाए रखता है। पके पपीते में विटामिन ए, सी और ई से भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पपीता त्वचा को इंफेक्शन से बचाता है और त्वचा को नर्म, मुलायम बनाता है। पपीते के जूस में शहद मिला कर लगाने से त्वचा पर आए एजिंग के निशान खत्म होते हैं।
    फेस पैक बनाने और लगाने की विधि: पके पपीते को अच्छी तरीके से मथ कर उसका पेस्ट बना लें। इसमें थोड़ा शहद मिलाकर इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। 20 मिनट के बाद पेस्ट के सूख जाते ही चेहरे को पानी से धो लें।
    ये घरेलू फेस पैक भी हैं असरदार
    खीरे का फेस पैक
    कीवी का फेस पैक
    टमाटर का फेस पैक
    अखरोट का फेस पैक
    - See more at: http://health.raftaar.in/beauty-tips/face_face-pack-for-glowing-face#sthash.8gyO0hGv.dpuf