Tuesday, December 8, 2015

एसिडिटी में जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

एसिडिटी में जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे
एसिडिटी एक बहुत ही आम समस्‍या है जो हर दिन किसी ना किसी को होती ही है। जब एसीडिटी होती है तब सीने और छाती में जलन होने लगती है।

खाने का सही तरीके से पाचन नही होता है जिससे बाद में घबराहट, खट्टी डकारों के साथ गले में जलन सी महसूस होती है।

अगर आपको एसिडिटी, पेट दर्द और गैस जैसी समस्या है तो जरूर आजमांए ये घरेलू नुस्खे और पाएं एसिडिटी से राहत।

1 खाली पेट रोज सुबह नींबू पानी पियें। इससे आपके पेट में कभी भी एसिडिटी नहीं होगी। आप इसको पी कर अपना वजन भी घटा सकते हैं।
ग्रीन टी चाय पीने की जगह पर ग्रीन टी पियें क्‍योंकि इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो इंफेक्‍शन और एसिडिटी को जल्‍द ठीक करता है। आप चाहें तो ग्रीन टी में नींबू का रस भी मिक्‍स कर सकती हैं।
3 एसिडिटी का पेट दर्द दूर करने के लिये फ्रिज में रखा ठंडा दूध बडे़ काम आ सकता है। अगर रात में एसिडिटी बनें तो ठंडा दूध पियें।
एप्‍पल साइडर वेनिगर एक गिलास ठंडे पानी में 1 छोटा चम्‍मच एप्‍पल साइडर वेनिगर मिक्‍स करें और धीरे धीरे कर के पियें। इससे आपके पेट को राहत मिलेगी और इंफेक्‍शन भी दूर होगा।
छाछ या मठ्ठा छाछ में एक चुटकी नमक डाल कर पियें। आपको 5 मिनट में ही राहत मिल जाएगी। इसको बिना काली मिर्च डाले ही पियें।
चावल का पानी चावल को खुले भगौने में पका कर उसका पानी निकाल कर उसमें नींबू का रस मिक्‍स करें। इसे पियें और एसिडिटी से राहत पाएं।

ये हैं वो उपाय जो आपके बच्चों को दूर रखेंगे बिमारियों से

  • ये हैं वो उपाय जो आपके बच्चों को दूर रखेंगे बिमारियों से


  • सुबह स्कूल के लिए तैयार करने से करीब एक घंटे पहले उन्हें नींद से जगा देवें और 1-2 गिलास जल पिलावे और थोड़ी देर घर में या बाहर चक्कर  के लिए कहें, इससे शौच खुलकर आएगा तथा पेट साफ़ रहने से कब्ज नहीं होगी, और पेट सम्बन्धी बीमारी दूर रहेगी.
  • बच्चों में ऐसी आदत डालें की वो सुबह सुबह स्कूल जाने से पूर्व ही शौच स्नान आदि कर लेवें.
  • सुबह तथा रात को सोने के पहले बच्चों को टूथ ब्रश अवश्य करावें, डेंटल रोग की जानकारी प्राप्त करें.
  • सर्दियों में बिलकुल गर्म पानी से न नहलाकर, गुनगुने पानी का प्रयोग करें.
  • नाश्ते में हैवी डाइट न देकर लाइट नाश्ता जैसे पोहा, कॉर्न फ्लेक्स, सूजी, गाय का दुध, दुध दलिया आदि दे सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे हर रोज एक जैसा नाश्ता न देकर अलग -2 फ्रेश चीजें उपयोग में लेवें.
  • अत्यधिक तली भुनी मसालों वाले खाने का उपयोग अधिक न करें.
  • बाजार में मिलने वाले चिप्स, नमकीन, मैदा वाली वस्तुएं न खाने दें.
  • भोजन को खूब चबाचबा कर खाने के लिए कहें, और खाने के समय और एक ढेढ़ घंटे बाद तक पानी न पिलायें, लेकिन खाने के आधे घंटे पहले एक गिलास पानी अवश्य पिलायें. अन्य समय इच्छानुसार खूब पानी पीने के लिए देवें.
  • दोपहर के खाने में दाल, हरी सब्जी, सलाद, चावल, दही, रोटी आदि खिलाएं. फिर 3-4 घंटे बाद फल फ्रूट्स आदि भी खिलाएं. ध्यान रहे सलाद या फल फ्रूट्स भलीभांति पानी से धोकर साफ़ किये गए हों.
  • घर में बने किसी भी प्रकार के पानी भूमिगत की टंकी और छत की टैंक की सफाई हर 2-3 महीने में अवश्य करें और सुनिश्चित की पानी टंकी का ढक्कन आदि सही ढंग से लगा है, जिससे धुल मिटटी या और कोई गन्दगी उसमे जमा न हों.
  • पीने का पानी भलीभांति छानकर तथा उबालकर प्रयोग करें या बाज़ार में मिलने वाले purifier को लगवाएं.
  • कच्चा दुध कभी भी प्रयोग में न लेवें, दुध हमेशा छानकर तथा पूरी तरह से उबाल कर ही उपयोग में लेवें.
  • बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या या बीमारी में अपनी मर्जी से या केवल केमेस्ट से पुछकर दवाई लाकर न देवें, इसके स्थान पर अनुभवी डॉक्टर की सलाह लेवें और उचित ट्रीटमेंट करवाएं.
  • बच्चे के पैदा होते ही डॉक्टर्स के अनुसार सभी आवश्यक टीकें (Vaccine) अवश्य लगवा देवें.
  • बच्चे को सॉफ्ट गेम्स के बजाय ऐसे खेल खेलने के लिए प्रेरित करें जिससे पसीना बहे और शारीरिक व्यायाम हो.
  • बच्चों में बार बार हाथ धोने की आदत डालें, जिससे किसी भी प्रकार के हानिकारक बेक्टीरिया उसके शरीर में नहीं जा पावें.
  • सुबह में शौच आदि से निवृत होने के बाद कुछ समय योगासन, प्राणायाम आदि करवाएं या किसी योग्य व्यक्ति के पास बच्चों को लेजाकर सिखाएं.
आशा करता हूँ की उपरोक्त लेख “Measures that will keep your Children away from Disease – Child care Tips” से आपको तथा आपकी संतान को अवश्य ही लाभ होगा और यदि आप भी अपना जानकारी, अनुभव, या सुझाव हमारे साथ बंटाना चाहते है तो कमेंट्स में अवश्य लिखें या फिर हमारे Contact us फॉर्म को भरें. हम अपनी वेबसाइट dainiktime.com के जरिये जग कल्याण की कामना रखते हैं, आप भी इसमें भागीदार होवें और हमारा अभियान सफल बनावें.

Sunday, December 6, 2015

आँखो के लिए वरदान गाजर

             आँखो के लिए वरदान गाजर 

गाजर शक्ति का भण्डार है । इसमे फॉस्फोरस होने के कारण यह आँखो के लिए अति लाभप्रद है अतः प्रतिदिन सलाद के रूप में गाजर का सेवन अवश्य करना चाहिए ।  

गठिया का उपचार

                      गठिया का उपचार 

सोंठ का चूर्ण 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन गुनगुने जल अथवा गर्म दूध से सेवन करना हितकारी है । 

सर्दियों में ऊर्जादायक गुड़

सर्दियों में ऊर्जादायक गुड़ 

गुड़ में काफी मात्र में लोह तत्व ,विटामिन्स ,ऐन्टीऐलर्जिक तत्व तथा खनिज लवण पाये जाते है । गुड़ की तासीर गर्म होती है इसलिये इसके सेवन से जुखाम ,दमा तथा कफ की परेशानी ठीक होती है,अतः प्रतिदिन गुड़ का सेवन अवश्य करे । 

बच्चों का श्वास रोग

बच्चों का श्वास रोग 

बच्चों का श्वास रोग में आधा चम्मच शहद में तुलसी के पत्तों का पाँच बूँद रस मिलाकर पिलाने से बहुत लाभ मिलता है । 

दूध के साथ दही नही खाना चाहिये

        दूध के साथ दही नही खाना चाहिये 

दूध और दही दोनों की प्रकृति अलग -अलग होती है । दही खट्टा होता है क्योकि इसमे खमीर होता है पेट में दूध और दही दोनों साथ मिलने से दही कर खमीर कर कारण दूध खराब हो जाता है जिसके फलस्वरूप गैस ,अपच और एसिडिटी की समस्या होती है और उल्टियाँ भी हो जाती है । यदि दोनों को खाना ही है तो कम से कम डेढ़ दो घंटे का अंतर रखकर सेवन करे क्योकि एक वस्तु के पाचन में इतना समय तो लग ही जाता है । 

कोलेस्ट्रोल कम करे लहसुन




                     कोलेस्ट्रोल कम करे लहसुन


रात्री को एक पोथी लहसुन के छोटे- छोटे टुकड़े करके एक कप पानी में भीगो दे । प्रातः काल खाली पेट इस मिश्रण को लेने से कोलेस्ट्रॉल ,ह्रदय रोग व जोड़ो के दर्द में लाभ होता है । यह प्रयोग निरापद है इसे नियमित किया जा सकता है । 

केला खाए ,चमकदार त्वचा पाये

               केला खाए ,चमकदार त्वचा पाये 

केले में विटामिन A,C,पोटैशियम ,कैल्शियम तथा फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है । केले के उपयोग से त्वचा स्वस्थ तथा चमकदार बनती है । केले को खाना तथा मसलकर त्वचा पर लगाना दोनों ही लाभप्रद है । 

आँखो की लाली


                             
                           आँखो की लाली

मुलहठी को पानी में बारीक़ पीस ले । इसमे थोड़ी सी रुई भिगोकर आँखो के ऊपर रखकर रात को पट्टी बाँध ले तथा सुबह उठकर आँख धो ले । ऐसा करने से आँखो की लाली ठीक हो जाती है । 

Tuesday, December 1, 2015

पेट दर्द

पेट दर्द 

एक चम्मच मेथी दाना चूर्ण में चुटकी भर पीसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांक ले । इस प्रयोग से पेट दर्द में आराम मिलता है । 

सर्दियों में अवश्य करे धूप का सेवन

सर्दियों में अवश्य करे धूप का सेवन

सभी को नित्यप्रति यथा सम्भव सर्दियों में धूप का सेवन करना चाहिए । इन दिनों में सूर्य की किरणों का प्रकाश तेज नही होता है ,यह हमारे शरीर के लिए लाभप्रद है क्योकि हमे सूर्य से ही विटामिन डी प्रचुर मात्रा में मिलता है ,सूर्य की किरणों में भयकर रोगो के किटाणुओ को समाप्त करने की है । धुप सेकते समय ध्यान रखे की सूर्य की किरणे हमारी आँखों पर न पड़े । 

रूखी त्वचा व झाइयों से पाये मुक्ति

रूखी त्वचा व झाइयों से पाये मुक्ति 

थोड़े से कच्चे दूध में चिरोंजी आधे घंटे तक भिगो कर रखे तथा इसका पेस्ट बना ले । इस पेस्ट को चहरे तथा गर्दन पर लगा कर 20 से 25 मिनट बाद धो ले । इस प्रयोग को नियमित करने से कुछ ही दिनों में चहरे का रूखापन दूर होने के साथ ही झाइयां भी समाप्त हो जाती है । 

हरा धनिया

हरा धनिया 

यदि अधिक प्याज व लहसुन के कारण मुँह से उनकी गंध आ रही हो तो ,भोजन के पश्चात थोड़ा सा हरा धनिया चबा ले ,मुँह से आ रही दुर्गन्ध ,सुंगध में बदल जाएगी । 

अंगुलियों की सूजन

अंगुलियों की सूजन 

सर्दियों में हाथ -पैरो की अंगुलियों में सूजन होना आम समस्या है । ऐसा होने पर एक छोटी डली फिटकरी को एक गिलाश पानी में उबालकर उस पानी से हाथ -पैर धोए  लाभ मिलेगा । 

तिल के बेमिसाल लाभ

तिल के बेमिसाल लाभ 

सर्दियों में तिल का सेवन अवस्य करना चाहिये । इसके सेवन से शरीर को बहुत ऊर्जा मिलती है । तिल में कई प्रकार के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन ,बी -कॉम्प्लेक्स ,केल्सियम तथा कार्बोहाइट्रेट पाये जाते है अतः तिल का प्रयोग किसी भी रूप में अवश्य करे । 

कालीमिर्च दूर करे खाँसी

कालीमिर्च दूर करे खाँसी 

खाँसी होने पर एक चौथाई चम्मच कालीमिर्च का चूर्ण और आधा चम्मच शहद का मिलाकर दिन में 3 -4 बार चाटे । खाँसी दूर हो जायेगी ।