Monday, June 1, 2015

सरसों का तेल करे दमा और जोड़ों के दर्द में असर


"सरसों का तेल" करे दमा और जोड़ों के दर्द में असर 

दमा : नमक और सरसों का तेल गरम कर के सीने पर मलें और फिर सेक करें। इससे दमा में लाभ होता है। 

छाले : स्नान करने के बाद नाभि पर नित्य सरसों का तेल लगाएं। 

बेहोशी : कभी - कभी स्त्री को गर्भपात से, पुरुष को चोट लगने से, अधिक रक्त निकलने से बेहोशी आ जाती है। 
नेत्र फ़टे रह जाते हैं , होश नहीं रहता। कंठ में कफ की गुड़गुड़ाहट होती है। ऐसी स्थिति में पहले सिर, फिर बदन पर सरसों के तेल की मालिश करें, घी पिलायें, इससे होश आ जाता है। 

जोड़ों का दर्द : सरसों के तेल की मालिश करके सेक करने से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है। 

बिवाइयां : सरसों के गरम तेल से सेक करने से बिवाइयां ठीक हो जाती हैं। 

सौंदर्यवर्धक : रात को चार चम्मच सरसों पानी में भिगों दें। पानी इतना ही डालें कि सरसों सोख ले। फिर इसमें इतनी ही चिरौंजी डालकर दूध में पीसें। इसको बदन पर मलें। सौंदर्य बढ़ेगा।

सिर दर्द : सरसों का तेल नाक में लगाकर या कुछ बूँदें सूंघने से सिर दर्द बंद हो जाता है। 

मच्छर : सौ ग्राम सरसों के तेल में दस ग्राम कपूर डालकर हिलाएं। इसकी शरीर पर मालिश करें। मच्छर नहीं खाएंगे। 

No comments:

Post a Comment