Thursday, May 21, 2015

इसके स्वाद में ही छिपे है सेहत के कई राज़ : फालसे


इसके स्वाद में ही छिपे है सेहत के कई राज़ : फालसे 

फालसा
फालसा एक मध्यम आकार का पेड़ होता है जिस पर छोटी बेर के आकार के फल लगते हैं। फालसा मध्य भारत के वनों में बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। फालसा का वानस्पतिक नाम ग्रेविया एशियाटिका है।
इसके फल स्वाद में खट्टे-मीठे होते है। गर्मियों में इसका शर्बत ठंडक देता करता है। साथ ही, लू और गर्मी से भी बचाता है।

दिल की बीमारी को रखें दूर
दिल से संबंधित किसी भी बीमारी में लगभग 20 ग्राम फालसा के पके फल, 5 कालीमिर्च, चुटकी भर सेंधा नमक, थोड़ा-सा नींबू रस लेकर अच्छी तरह से मिक्स कर लिया जाए और इसे एक कप पानी में मिलाकर कुछ दिनों तक रोजाना पीने से दिल की कमजोरी, तेज धड़कन आदि प्रकार के रोग दूर होते हैं।

पुरुषों के लिए फायदेमंद
डांग- गुजरात के आदिवासी के अनुसार, फालसा, काली मिर्च, सेंधा नमक और नींबू के रस का मिश्रण पुरुषों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो उनकी अंदरूनी कमजोरी को दूर करता है। इसके अलावा खून की कमी होने पर फालसा के पके फल खाना चाहिए इससे खून बढ़ता है।

त्वचा की जलन में राहत
त्वचा में, शरीर में किसी प्रकार की जलन की समस्या हो रही हो तो फालसे के फल या शर्बत को सुबह-शाम पीना बहुत ही कारगर होता है।

घाव सूखाता है
चेहरे के कील-मुहांसों और उनसे होने वाले फुंसियों को दूर करने के लिए फालसा के पत्तों को पीसकर लगाना फायदेमंद होता है। इससे फुंसिया ठीक हो जाती हैं।
फालसा के पके फलों के सेवन से शरीर से दूषित मल को बाहर निकाल आता है।

अन्य लाभ : फालसा खाने से दिल की बीमारी दूर रहती है, पुरुषों के लिए फायदेमंद, त्वचा की जलन से राहत मिलती है, घाव जल्दी ठीक होता है।
करौंदा खाने से बुखार में आराम , पेट दर्द से राहत, सूखी खांसी दूर करता है, मसूड़ों से खून निकलने की समस्या दूर होती है।


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