Friday, May 22, 2015

दम और बवासीर की शिकायत दूर करें "गेंदा के फूल "

दम और बवासीर की शिकायत दूर करें "गेंदा के फूल "

 खूबसूरत सा दिखने वाला गेंदा का फूल सेहत के कई सारे गुणों से भी भरपूर होता है। बहुत ही कम लोग इस बात को जानते होंगे कि बाग-बगीचों, घर-आंगन और रास्तों के किनारे उगने वाले इस फूल का उपयोग बहुत सारे रोगों के उपचार में भी किया जाता है। भारत के अधिकांश राज्यों में इसके सुंदर फूलों के लिए खेती की जाती है। गेंदे के फूल का वानस्पतिक नाम टेजेटेस इरेक्टा है। चलिए आज जानते हैं गेंदा से जुड़े हर्बल नुस्खों के बारे में।
दमा और खांसी की शिकायत दूर होती है
डांग- गुजरात के आदिवासी सूखे हुए गेंदे के फूल को मिश्री के साथ खाने की सलाह उन रोगियों को देते हैं, जिन्हें दमा और खांसी की शिकायत है।

बवासीर में आराम
बवासीर के रोगी को अगर गेंदे की पत्तियों का रस, काली मिर्च और नमक का घोल पिलाया जाए, तो आराम मिल जाता है।

तालू चिकने होते हैं
गेंदा के पत्तों को मोम में गर्म करके ठंडा होने पर पैरों की बिवाई पर लगाने से आराम मिल जाता है। इससे तालू चिकने हो जाते हैं।
सिर के फोड़े-फुंसियों में आराम
जिन्हें सिर में फोड़े-फुंसियां और घाव हो जाएं, उन्हे मैदे के साथ गेंदे की पत्तियों और फूलों के रस को मिलाकर हफ्ते में दो बार सिर पर लगाना चाहिए। इससे आराम मिल जाता है।

अन्य लाभ : तालू चिकने होते हैं, सूजन मिटती है, कान दर्द चला जाता है, सिर के फोड़े-फुंसियों में आराम, पुरुषों को शक्ति मिलती है, पुरुषों का स्पर्मेटोरिया ठीक होता है।



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