Tuesday, May 26, 2015

"फराशबीन" करे पसीना और कमजोरी दूर

 
"फराशबीन" करे पसीना और कमजोरी दूर 

फराशबीन में फोलिक एसिड, विटामिन-सी, मैग्नीशियम, पोटैशियम और जस्ते जैसे खनिज तत्वों की प्रचुरता होती है। प्रोटीन की मात्रा कम होने की वजह से बुजुर्गों के लिए भी ये अच्छी होती है। फराशबीन की फलियों में अन्य सब्जियों की तुलना में ज्यादा कैलोरी पाई जाती है। फराशबीन का वानस्पतिक नाम फेसिओलस वल्गारिस है। आज जानते हैं आज फराशबीन के औषधीय गुणों के बारे में।
थकानकमजोरीपसीने की समस्या से रखे दूर
अक्सर होने वाली थकान, ज्यादा पसीना आना और कमजोरी दूर करने के लिए दो टमाटर के साथ फराशबीन (50 ग्राम) के बारीक टुकड़ों को दो गिलास पानी के साथ उबालकर सूप तैयार कर दिन में दो बार पीने से काफी ताकत मिलती है।

गठिया रोग में फायदेमंद 
कुछ हर्बल जानकार इसकी फ़लियों के रस के सेवन की सलाह गठिया रोग दूर करने के लिए देते हैं। फलियों के बीजों का चूर्ण तैयार कर तेल में मिलाकर जोड़ों के दर्द वाले हिस्सों पर लगाया जाए तो दर्द में बहुत तेजी से राहत मिलती है।
बुखार और कमजोरी दूर करता है
मध्य भारत के कई इलाकों में लोग इसकी फ़लियों का रस पीते हैं। इस रस को बुखार से ग्रस्त रोगियों को देने पर काफी फायदा होता है और कमजोरी भी दूर होती है। आदिवासियों के अनुसार, इसमें पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है।
सर्दीखांसी में लाभदायक
लहसून के साथ फराशबीन की फलियों को पीस कर इसका रस पीने से सर्दी और खांसी में जल्दी आराम मिलता है। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार, मानसून के समय इसका सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
घाव जल्दी सूखते हैं
ताजी फलियों को कुचलकर घावों पर लगाया जाए तो घाव जल्दी सूखते हैं। करीब 2 से 3 फलियों को कुचलकर पके हुए या ताजे घावों पर लगाना चाहिए और जरूरत हो तो पुल्टिस या सूती कपड़े से घाव को लपेटा भी जा सकता है।
अन्य फायदे: गठिया रोग दूर करता है, फराशबीन के रस से बुखार हो दूर, सर्दी और खांसी जैसी समस्या दूर, लेप लगाने से घाव जल्दी सूखते हैं, डायबिटीज कंट्रोल करें, शरीर को शक्ति मिलती है।

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