Thursday, May 21, 2015

औषधीय गुणों से भरपूर "त्रिफला"

औषधीय गुणों से भरपूर "त्रिफला"

त्रिफला तीन श्रेष्ठ औषधियों हरड, बहेडा व आंवला को मिलाकर बना मिश्रण है। यह प्रकृति का अनमोल उपहार है। त्रिफला सर्व रोगनाशक, रोग प्रतिरोधक और आरोग्य प्रदान करने वाली औषधि है। त्रिफला एंटी-बायोटिक और एंटी-सेप्टिक भी है। त्रिफला का प्रयोग शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बनाए रखता है। यह रोजमर्रा की आम बीमारियों के लिए बहुत प्रभावकारी औषधि है फिर चाहे वह सिर का रोग हो या चर्म रोग, रक्त दोष हो मूत्र रोग या फिर पाचन संस्थान संबंधी रोग। यह सभी रोगों का रामबाण है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये :
जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और इसके कारण वह बार-बार बीमार पड़ते है। उन लोगों को त्रिफला का सेवन करना चाहिए। त्रिफला के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है। प्रतिरोधक क्षमता से शरीर बाहरी तत्‍वों के खिलाफ आसानी से लड़ सकता है। त्रिफला, शरीर में एंटीबॉडी के उत्‍पादन को बढ़ावा देता है जो शरीर में एंटीजन के खिलाफ लड़ते है और बॉडी को बैक्‍टीरिया मुक्‍त रखते है।

पेट के रोगों के लिए अमृत :
त्रिफला की तीनों जड़ीबूटियां आंतरिक सफाई को बढ़ावा देती हैं। त्रिफला के चूर्ण को गौमूत्र के साथ लेने से अफारा, उदर शूल, प्लीहा वृद्धि आदि अनेकों तरह के पेट के रोग दूर हो जाते है।

कब्ज की समस्या में कारगर :
कब्‍ज की समस्‍या होने पर त्रिफला बेहद कारगर होता है। इसे खाने से कब्‍ज की काफी पुरानी समस्‍या भी दूर भाग जाती है। रात को सोते समय त्रिफला चूर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज की समस्‍या दूर हो जाती है। अथवा त्रिफला व ईसबगोल की भूसी को दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लेने से भी कब्ज दूर होती है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाये :
अगर आपको एनीमिया से पीड़‍ित है तो त्रिफला का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से त्रिफला का सेवन करने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती है जिससे शरीर में हीमोग्‍लोबिन बढ़ने लगता है।

एंटी -ऑक्सीडेंट है त्रिफला :
त्रिफला में मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण उम्र के असर को बेअसर करते है। त्रिफला के सेवन से उम्र बढ़ाने वाले कारक कम होते है जिसके कारण आप उम्र से ज्‍यादा जवां दिखते हैं।

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