Thursday, May 21, 2015

सेहत और सुंदरता दोनों निखारे " गुलाब "


सेहत और सुंदरता दोनों निखारे " गुलाब "


 गुलाब शीतलता प्रदान करता है। इसमें विटामिन "C" काफी पाया जाता है। इसका शर्बत ह्रदय व मस्तिष्क को बल व शीतलता प्रदान करता है।  गुलाब कांतिवर्धक और रक्तशोधक गुण रखता है।

मुँह में छाले हों तो गुलाब जल से कुल्ला करें। जलन या बहुत गर्मी या हल्का ज्वर हों तो गुलाब की 10 ग्राम पंखुड़ी, 3 इलायची, 5 काली मिर्च तथा 10 ग्राम मिश्री को एक साथ पीसकर एक कप पानी में मिलाकर चार- चार घंटे से पिलायें। 
दाद : गुलाब जल 50 ग्राम में एक नीम्बू का रस मिला कर नित्य तीन बार लगाएं। 
कब्ज : 2-2 चम्मच गुलकंद प्रातः तथा सोते समय गुनगुने दूध या पानी से लेने से कब्ज का समूल नाश हो जाता है। कब्ज पुरानी हो तो चार चम्मच गुलकंद ,5 मुनक्का , दो चम्मच पीसी हुई मोटी सौंफ, दो गिलास पानी में उबालें। उबलते -उबलते एक गिलास पानी रहने पर छान लें। छानने से निकली हुई लुगदी चबा -चबा कर खाए तथा पानी पी जाएँ। लगातार नित्य को 15 दिन पीने से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है। 
होंठ : गुलाब के एक फूल को पीस कर उसमें थोड़ी -सी मलाई मिला लें। फिर 10 मिनट तक होठों पर लगाएं रखे। उसके बाद धो दें। कुछ दिनों के प्रयोग से ही आपके होठों की रंगत सुन्दर हो जाएँगी।

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