Thursday, May 28, 2015

"तुलसी" है बिमारियों को भगाने में उस्ताद

"तुलसी" है बिमारियों को भगाने में उस्ताद 

तुलसी दो प्रकार की होती है- प्रथम श्वेत तुलसी (राम तुलसी) तथा दूसरी काली तुलसी (श्याम तुलसी)। वैसे गुणों में की दृष्टि से श्वेत और काली तुलसी एक समान है। तुलसी के पौधों से वातावरण शुद्ध रहता है। तुलसी कीटाणु रूपी राक्षसों का संहार करने वाली है। तुलसी के पौधे लगाने और उसको सींचने से रोगों - संतापों का नाश हो जाता है। 

कैंसर : 40 पत्ते तुलसी के पीस कर एक कप छाछ में मिलकर सुबह,शाम दो बार नित्य पिलायें। दूध, दही अधिक सेवन करें। कैंसर दूर करने में यह लाभदायक है। 

बुखार, जुकाम, निमोनिया, इन्फ्लूएजा, मलेरिया आदि रोगों के होने पर तुलसी, अदरक, काली मिर्च, पतासे का काढ़ा पीना चाहिए तथा रोगी को तुलसी के 4 पत्ते व लौंग डालकर उबाल गया पानी बार - बार पिलावें। शीघ्र लाभ मिलता है। 

सूजन : तुलसी के पत्तों का लेप जहाँ सूजन हो वहां करने से सूजन में लाभ होता है। यदि दांत दर्द से जबड़े पर  सूजन हो तो वह भी ठीक हो जाती है। 

अपच : (1) एक मुट्ठी भर तुलसी के पत्ते, दस ग्राम सौंठ, बीस ग्राम गुड़ सब पीसकर गोलियां बना लें। एक - एक गोली नित्य तीन बार खाएं। (2) चौथाई चम्मच काला नमक और 50 तुलसी के पत्ते पीस कर खाएं और एक गिलास पानी पीयें। 

चेहरे पर काले दाग : तुलसी के पत्तों पर नींबू निचोड़कर बारीक पीसकर धब्बों नित्य लेप करें। 

ज्वर, खांसी : सौ तुलसी के पत्ते पीसकर दो चम्मच शहद में मिलाएं। इसमें एक चम्मच अदरक का रस मिलाएं। यह सुबह शाम दो बार पिलायें। ज्वर, खांसी में लाभ होता है।  



रोचक जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें 

No comments:

Post a Comment