Thursday, May 21, 2015

मुहांसो का रामबाण इलाज करें "नीम "


मुहांसो का रामबाण इलाज करें "नीम "

दाद : नीम की एक गीली लकड़ी लें। इस लकड़ी को जलाएं। जलाने पर इसमें से आस -पास से पानी निकलेगा। इस पानी को दर्द पर लगाएं। दाद ठीक हो जायेगा। 

कब्ज : कब्ज दूर करने तथा रक्त विकार के लिए पकी हुई दस निबोली नित्य चूसें। 

निद्रा : नीम के नीचे सोने से स्वास्थय ठीक रहता है। 

फोड़े ,फुंसी :  मार्च ,अप्रैल में 15 दिन भूखे पेट नीम की कपोलें सेंधा नमक के साथ पीस कर खाएं। रक्त साफ़ होकर फोड़े ,फुंसी नहीं होंगे। 

खसरा : खसरा के रोगी के बिस्तर पर नित्य नीम की पत्तियां रखें। यह रोगी की अंदरुनी गर्मी को शांत कर आराम देती है। 

सफ़ेद दाग ; नीम की पत्ती ,निबोली और फूल (सभी सूखे हुए ) समान मात्रा मिलकर पीस के दिन में एक चम्मच फंकी लें। साथ में मावली बापची ( पीसी हुई ) आधा चम्मच ठन्डे पानी से लें। इससे सफेद दाग में काफी लाभ मिलता है। 

आँखों की सूजन : आँखों की सूजन आने के अनेक कारण होते है। यदि सूजन, गर्मी, आँखे दुखने, गंदे स्पर्श के कारण आई हो तो नीम की 15 हरी पत्तियां एक गिलास पानी में उबाल कर आधा चम्मच फिटकरी मिलाकर पानी छान लें। इस गर्म पानी से आँखों का तीन बार सेक करें। इससे आंखो की सूजन, खुजली ठीक हो जाएगी। 

मुहांसे : यदि चेहरे पर मुहांसे के निशान, धब्बे हों तो निबोली की मिंगी पीस कर नित्य चेहरे पर लेप करें। कुछ सप्ताहों में चेहरा सुंदर साफ़ हो जायेगा। 

नकसीर : यदि गर्मी के कारण नकसीर आती हो तो दो चम्मच नीम की पत्तियों का रस आधा कप पानी में मिलाकर नित्य दो बार पीने से नकसीर बंद हो जाती है। 

गले में दर्द ; गला दुःखता हो ,जलन होती है, कफ जमा हुआ लगता है तो दो चम्मच नीम की पत्तियों का रस, एक गिलास गर्म पानी, आधा चम्मच शहद मिला कर नित्य दो बार गरारे करें।


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