Thursday, May 28, 2015

खुशबु और सुंदरता ही नहीं सेहत भी बनाये "फूल"

खुशबु और सुंदरता ही नहीं सेहत भी बनाये "फूल" 

फूलों की खूशबू और उनकी सुंदरता तो हम सभी का मन मोह लेती है, लेकिन क्या आप जानते है कि हम फूलों को भी खा सकते हैं। खाने में फूलों का उपयोग भले ही हम सीधे न कर पाएं, लेकिन सही पर फूलों का इस्तेमाल हम कई चीजें में करते हैं, फिर चाहे वह खाना हो या सलाद। 

हजारो सालों से हम फूलों कि सुंदरता को देखते और महक का आनंद लेते आए हैं। उनके इन्हीं रंगों में उनकी बहुत सारी खूबियां छिपी हुई हैं। अभी तक अधिकांश लोग यही जानते थे कि फूलों का उपयोग सिर्फ इत्र बनाने में होता है,तो आइए जाने कुछ ऐसे ही फूलों को जो हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं।

1. गुड़हल के फूल- इन फूलों का इस्तेमाल सलाद को गार्निश करने के लिए होता है, इसके अलावा चाय में भी गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल होता है। इनमें भरपूर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं जो लो-ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं।
2. एप्पल और ऑरेंज के फूल- ये दोनों फूल सबसे ज्यादा खाए जाते हैं, इन्हें खाने से कई रोग दूर होते हैं। इसके बारे में कुछ ही लोग जानते हैँ, लेकिन इनका उपयोग कम मात्रा में करना चाहिए।

3.बबूने का फूल(कैमोमाइल) - यह फूल आपको शान्त रखने में मदद करता है, इसीलिए इसका इस्तेमाल चाय में किया जाते है। इसमें एंटीइनफ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक और घाव भरने के गुण पाए जाते


रोचक जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें 

4. पैन्सी -  यह चमकीले रंग के बड़े फूल सिर्फ खूबसूरत नहीं होते, बल्कि इनके कई और फायदे भी हैं। यह फूल दिल, गुर्दा, ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद होते हैं, और इनमें पोटैशियम और अन्य खनिज बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।

5. गुलाब - गुलाब की लगभग सभी किस्में खाने योग्य होती हैं। इसकी पत्तियों का उपयोग सलाद, आइसक्रीम, मिठाई, गुलाब-जल, जैम-जेली, शर्बत और भोजन की गार्निशिंग करने में किया जाता है। यही नहीं दिल के रोग, कैंसर और डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए भी इनका इस्तेमाल होता है।

6. लैवेंडर फूल - इन खुशबूदार फूलों का इस्तेमाल आइस्क्रीम और दही में किया जाता है। इसका इस्तेमाल एंटीसेप्टिक और बालों की रूसी को रोकने में भी होता है।

7.गुलदाउदी - कैमोमाइल की तरह ही गुलदाउदी का चाय में इस्तेमाल होता है। गुलदाउदी में एंटी ऑक्सीडेंट और मिनरल्स के अलावा एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक गुण भी पाए जाते हैं।

No comments:

Post a Comment