Saturday, May 2, 2015

आँखों के लिए महत्वपूर्ण "कटहल"

आँखों के लिए  महत्वपूर्ण "कटहल"

बाहर से सख्त और अंदर से मुलायम होता है कटहल। साउथ-ईस्ट एशिया में इसकी पैदावार सबसे ज्यादा है, खासतौर पर थाईलैंड और वियतनाम में। कटहल अलग-अलग देशों और द्वीपों में अलग-अलग आकार और टेस्ट के मिलते हैं। कटहल के गूदे में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल जैम, जेली, चटनी, कैंडी, केक और कई प्रकार की मिठाईयों को बनाने में किया जाता है। कच्चे कटहल का उपयोग कई प्रकार की टेस्टी करी और डिशेज़ बनाने में भी किया जाता है। कच्चा कटहल देखने में काफी हद तक मटन जैसा दिखता है और इसका टेस्ट वेजिटेरियन्स और नॉन वेजिटेरियन्स दोनों को ही बहुत पसंद आता है। और-तो-और, इसके बीजों का इस्तेमाल बहुत सारे देशों में स्नैक्स के तौर पर भी किया जाता है। कटहल में बॉडी के लिए जरूरी एनर्जी और फैट ना के बराबर होता है। बहुत सारे देशों में इसे शुगर शिरप में डालकर भी इस्तेमाल किया जाता है।
1- आंखों की रोशनी बढ़ाता है
कटहल में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की सेहत के लिए बहुत ही जरूरी होता है। साथ ही आंखों से संबंधित कई प्रकार की बीमारियों, इन्फेक्शन्स से भी बचाता है। मोतियाबिंद, आंखों में पानी आना, आंखों का सूखापन ऐसी ही कुछ गंभीर बीमारियों के प्रकार हैं। एंटी-ऑक्सीडेंट्स की मात्रा आंखों को सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से भी बचाती है।
2- इम्यून सिस्टम सही रखता है
एंटी-ऑक्सीडेंट्स वाले फल और सब्जियां फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। ये स्किन के लिए बहुत ही असरदार होते हैं। इससे असमय होने वाले बुढ़ापे को रोकने के साथ ही झुर्रियों की समस्या को भी खत्म किया जा सकता है। कटहल स्किन इन्फेक्शन, कैंसर और ट्यूमर की प्रॉब्लम्स को भी जड़ से खत्म करता है।
विटामिन सी के खजाने से भरपूर कटहल में जरूरी मेथनॉल और इथेनॉल होता है। कटहल खाने से इम्यूनिटी पावर बढ़ती है। इससे सीजनल बुखार, सर्दी-खांसी, फ्लू आदि से बीमार होने की संभावनाएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।

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