Tuesday, December 8, 2015

एसिडिटी में जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

एसिडिटी में जरूर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे
एसिडिटी एक बहुत ही आम समस्‍या है जो हर दिन किसी ना किसी को होती ही है। जब एसीडिटी होती है तब सीने और छाती में जलन होने लगती है।

खाने का सही तरीके से पाचन नही होता है जिससे बाद में घबराहट, खट्टी डकारों के साथ गले में जलन सी महसूस होती है।

अगर आपको एसिडिटी, पेट दर्द और गैस जैसी समस्या है तो जरूर आजमांए ये घरेलू नुस्खे और पाएं एसिडिटी से राहत।

1 खाली पेट रोज सुबह नींबू पानी पियें। इससे आपके पेट में कभी भी एसिडिटी नहीं होगी। आप इसको पी कर अपना वजन भी घटा सकते हैं।
ग्रीन टी चाय पीने की जगह पर ग्रीन टी पियें क्‍योंकि इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो इंफेक्‍शन और एसिडिटी को जल्‍द ठीक करता है। आप चाहें तो ग्रीन टी में नींबू का रस भी मिक्‍स कर सकती हैं।
3 एसिडिटी का पेट दर्द दूर करने के लिये फ्रिज में रखा ठंडा दूध बडे़ काम आ सकता है। अगर रात में एसिडिटी बनें तो ठंडा दूध पियें।
एप्‍पल साइडर वेनिगर एक गिलास ठंडे पानी में 1 छोटा चम्‍मच एप्‍पल साइडर वेनिगर मिक्‍स करें और धीरे धीरे कर के पियें। इससे आपके पेट को राहत मिलेगी और इंफेक्‍शन भी दूर होगा।
छाछ या मठ्ठा छाछ में एक चुटकी नमक डाल कर पियें। आपको 5 मिनट में ही राहत मिल जाएगी। इसको बिना काली मिर्च डाले ही पियें।
चावल का पानी चावल को खुले भगौने में पका कर उसका पानी निकाल कर उसमें नींबू का रस मिक्‍स करें। इसे पियें और एसिडिटी से राहत पाएं।

ये हैं वो उपाय जो आपके बच्चों को दूर रखेंगे बिमारियों से

  • ये हैं वो उपाय जो आपके बच्चों को दूर रखेंगे बिमारियों से


  • सुबह स्कूल के लिए तैयार करने से करीब एक घंटे पहले उन्हें नींद से जगा देवें और 1-2 गिलास जल पिलावे और थोड़ी देर घर में या बाहर चक्कर  के लिए कहें, इससे शौच खुलकर आएगा तथा पेट साफ़ रहने से कब्ज नहीं होगी, और पेट सम्बन्धी बीमारी दूर रहेगी.
  • बच्चों में ऐसी आदत डालें की वो सुबह सुबह स्कूल जाने से पूर्व ही शौच स्नान आदि कर लेवें.
  • सुबह तथा रात को सोने के पहले बच्चों को टूथ ब्रश अवश्य करावें, डेंटल रोग की जानकारी प्राप्त करें.
  • सर्दियों में बिलकुल गर्म पानी से न नहलाकर, गुनगुने पानी का प्रयोग करें.
  • नाश्ते में हैवी डाइट न देकर लाइट नाश्ता जैसे पोहा, कॉर्न फ्लेक्स, सूजी, गाय का दुध, दुध दलिया आदि दे सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे हर रोज एक जैसा नाश्ता न देकर अलग -2 फ्रेश चीजें उपयोग में लेवें.
  • अत्यधिक तली भुनी मसालों वाले खाने का उपयोग अधिक न करें.
  • बाजार में मिलने वाले चिप्स, नमकीन, मैदा वाली वस्तुएं न खाने दें.
  • भोजन को खूब चबाचबा कर खाने के लिए कहें, और खाने के समय और एक ढेढ़ घंटे बाद तक पानी न पिलायें, लेकिन खाने के आधे घंटे पहले एक गिलास पानी अवश्य पिलायें. अन्य समय इच्छानुसार खूब पानी पीने के लिए देवें.
  • दोपहर के खाने में दाल, हरी सब्जी, सलाद, चावल, दही, रोटी आदि खिलाएं. फिर 3-4 घंटे बाद फल फ्रूट्स आदि भी खिलाएं. ध्यान रहे सलाद या फल फ्रूट्स भलीभांति पानी से धोकर साफ़ किये गए हों.
  • घर में बने किसी भी प्रकार के पानी भूमिगत की टंकी और छत की टैंक की सफाई हर 2-3 महीने में अवश्य करें और सुनिश्चित की पानी टंकी का ढक्कन आदि सही ढंग से लगा है, जिससे धुल मिटटी या और कोई गन्दगी उसमे जमा न हों.
  • पीने का पानी भलीभांति छानकर तथा उबालकर प्रयोग करें या बाज़ार में मिलने वाले purifier को लगवाएं.
  • कच्चा दुध कभी भी प्रयोग में न लेवें, दुध हमेशा छानकर तथा पूरी तरह से उबाल कर ही उपयोग में लेवें.
  • बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या या बीमारी में अपनी मर्जी से या केवल केमेस्ट से पुछकर दवाई लाकर न देवें, इसके स्थान पर अनुभवी डॉक्टर की सलाह लेवें और उचित ट्रीटमेंट करवाएं.
  • बच्चे के पैदा होते ही डॉक्टर्स के अनुसार सभी आवश्यक टीकें (Vaccine) अवश्य लगवा देवें.
  • बच्चे को सॉफ्ट गेम्स के बजाय ऐसे खेल खेलने के लिए प्रेरित करें जिससे पसीना बहे और शारीरिक व्यायाम हो.
  • बच्चों में बार बार हाथ धोने की आदत डालें, जिससे किसी भी प्रकार के हानिकारक बेक्टीरिया उसके शरीर में नहीं जा पावें.
  • सुबह में शौच आदि से निवृत होने के बाद कुछ समय योगासन, प्राणायाम आदि करवाएं या किसी योग्य व्यक्ति के पास बच्चों को लेजाकर सिखाएं.
आशा करता हूँ की उपरोक्त लेख “Measures that will keep your Children away from Disease – Child care Tips” से आपको तथा आपकी संतान को अवश्य ही लाभ होगा और यदि आप भी अपना जानकारी, अनुभव, या सुझाव हमारे साथ बंटाना चाहते है तो कमेंट्स में अवश्य लिखें या फिर हमारे Contact us फॉर्म को भरें. हम अपनी वेबसाइट dainiktime.com के जरिये जग कल्याण की कामना रखते हैं, आप भी इसमें भागीदार होवें और हमारा अभियान सफल बनावें.

Sunday, December 6, 2015

आँखो के लिए वरदान गाजर

             आँखो के लिए वरदान गाजर 

गाजर शक्ति का भण्डार है । इसमे फॉस्फोरस होने के कारण यह आँखो के लिए अति लाभप्रद है अतः प्रतिदिन सलाद के रूप में गाजर का सेवन अवश्य करना चाहिए ।  

गठिया का उपचार

                      गठिया का उपचार 

सोंठ का चूर्ण 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन गुनगुने जल अथवा गर्म दूध से सेवन करना हितकारी है । 

सर्दियों में ऊर्जादायक गुड़

सर्दियों में ऊर्जादायक गुड़ 

गुड़ में काफी मात्र में लोह तत्व ,विटामिन्स ,ऐन्टीऐलर्जिक तत्व तथा खनिज लवण पाये जाते है । गुड़ की तासीर गर्म होती है इसलिये इसके सेवन से जुखाम ,दमा तथा कफ की परेशानी ठीक होती है,अतः प्रतिदिन गुड़ का सेवन अवश्य करे । 

बच्चों का श्वास रोग

बच्चों का श्वास रोग 

बच्चों का श्वास रोग में आधा चम्मच शहद में तुलसी के पत्तों का पाँच बूँद रस मिलाकर पिलाने से बहुत लाभ मिलता है । 

दूध के साथ दही नही खाना चाहिये

        दूध के साथ दही नही खाना चाहिये 

दूध और दही दोनों की प्रकृति अलग -अलग होती है । दही खट्टा होता है क्योकि इसमे खमीर होता है पेट में दूध और दही दोनों साथ मिलने से दही कर खमीर कर कारण दूध खराब हो जाता है जिसके फलस्वरूप गैस ,अपच और एसिडिटी की समस्या होती है और उल्टियाँ भी हो जाती है । यदि दोनों को खाना ही है तो कम से कम डेढ़ दो घंटे का अंतर रखकर सेवन करे क्योकि एक वस्तु के पाचन में इतना समय तो लग ही जाता है । 

कोलेस्ट्रोल कम करे लहसुन




                     कोलेस्ट्रोल कम करे लहसुन


रात्री को एक पोथी लहसुन के छोटे- छोटे टुकड़े करके एक कप पानी में भीगो दे । प्रातः काल खाली पेट इस मिश्रण को लेने से कोलेस्ट्रॉल ,ह्रदय रोग व जोड़ो के दर्द में लाभ होता है । यह प्रयोग निरापद है इसे नियमित किया जा सकता है । 

केला खाए ,चमकदार त्वचा पाये

               केला खाए ,चमकदार त्वचा पाये 

केले में विटामिन A,C,पोटैशियम ,कैल्शियम तथा फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है । केले के उपयोग से त्वचा स्वस्थ तथा चमकदार बनती है । केले को खाना तथा मसलकर त्वचा पर लगाना दोनों ही लाभप्रद है । 

आँखो की लाली


                             
                           आँखो की लाली

मुलहठी को पानी में बारीक़ पीस ले । इसमे थोड़ी सी रुई भिगोकर आँखो के ऊपर रखकर रात को पट्टी बाँध ले तथा सुबह उठकर आँख धो ले । ऐसा करने से आँखो की लाली ठीक हो जाती है । 

Tuesday, December 1, 2015

पेट दर्द

पेट दर्द 

एक चम्मच मेथी दाना चूर्ण में चुटकी भर पीसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांक ले । इस प्रयोग से पेट दर्द में आराम मिलता है । 

सर्दियों में अवश्य करे धूप का सेवन

सर्दियों में अवश्य करे धूप का सेवन

सभी को नित्यप्रति यथा सम्भव सर्दियों में धूप का सेवन करना चाहिए । इन दिनों में सूर्य की किरणों का प्रकाश तेज नही होता है ,यह हमारे शरीर के लिए लाभप्रद है क्योकि हमे सूर्य से ही विटामिन डी प्रचुर मात्रा में मिलता है ,सूर्य की किरणों में भयकर रोगो के किटाणुओ को समाप्त करने की है । धुप सेकते समय ध्यान रखे की सूर्य की किरणे हमारी आँखों पर न पड़े । 

रूखी त्वचा व झाइयों से पाये मुक्ति

रूखी त्वचा व झाइयों से पाये मुक्ति 

थोड़े से कच्चे दूध में चिरोंजी आधे घंटे तक भिगो कर रखे तथा इसका पेस्ट बना ले । इस पेस्ट को चहरे तथा गर्दन पर लगा कर 20 से 25 मिनट बाद धो ले । इस प्रयोग को नियमित करने से कुछ ही दिनों में चहरे का रूखापन दूर होने के साथ ही झाइयां भी समाप्त हो जाती है । 

हरा धनिया

हरा धनिया 

यदि अधिक प्याज व लहसुन के कारण मुँह से उनकी गंध आ रही हो तो ,भोजन के पश्चात थोड़ा सा हरा धनिया चबा ले ,मुँह से आ रही दुर्गन्ध ,सुंगध में बदल जाएगी । 

अंगुलियों की सूजन

अंगुलियों की सूजन 

सर्दियों में हाथ -पैरो की अंगुलियों में सूजन होना आम समस्या है । ऐसा होने पर एक छोटी डली फिटकरी को एक गिलाश पानी में उबालकर उस पानी से हाथ -पैर धोए  लाभ मिलेगा । 

तिल के बेमिसाल लाभ

तिल के बेमिसाल लाभ 

सर्दियों में तिल का सेवन अवस्य करना चाहिये । इसके सेवन से शरीर को बहुत ऊर्जा मिलती है । तिल में कई प्रकार के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन ,बी -कॉम्प्लेक्स ,केल्सियम तथा कार्बोहाइट्रेट पाये जाते है अतः तिल का प्रयोग किसी भी रूप में अवश्य करे । 

कालीमिर्च दूर करे खाँसी

कालीमिर्च दूर करे खाँसी 

खाँसी होने पर एक चौथाई चम्मच कालीमिर्च का चूर्ण और आधा चम्मच शहद का मिलाकर दिन में 3 -4 बार चाटे । खाँसी दूर हो जायेगी । 

Monday, November 30, 2015

जानें पीरियड्स के दर्द दूर करने में कितनी मददगार है अदरक


जानें पीरियड्स के दर्द दूर करने में कितनी मददगार है अदरक


मासिक-धर्म के दौरान महिलाओं को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें से कमर के नीचे वाले भाग में दर्द होना एक आम समस्या है। इस समस्या से निपटने के लिए कई महिलाएं दवाईयों का इस्तेमाल करती हैं तो कई घरेलू नुस्खे अपनाती हैं। घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना तो सही है लेकिन दवाईयों का इस्तेमाल करना सही नहीं है। इससे कई बार साइड इफेक्ट्स भी हो जाते हैं जिससे और अधिक समस्या उत्पन्न हो जाती है। 

दवाईयों का प्रभाव

पीरियड्स के दौरान दवाईयों का इस्तेमाल विपरीत परिणाम देते हैं। कई बार दवाईयां महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रजनन अंगों पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इस समस्या से निपट ने के लिए प्रकृतिक उपायों का जितना ज्यादा आप इस्तेमाल करें उतना ज्यादा अच्छा है। लेकिन इन प्राकृतिक उपायों के इस्तेमाल के बारे में भी सारी जानकारी होनी चाहिए। इनका सबसे ज्यादा फायदा है कि आप प्रकृतिक दवाईयां घऱ में ही बना सकते हैं। जैसे अदरक का इस्तेमाल पीरियड्स के दर्द का बेहतर इलाज है।

अदरक का उपयोग

अदरक  का उपयोग करके दर्द दूर करें 29 ग्राम अदरक को एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान लें। इस छने हुए पानी को दिन में दो बार पीयें, आप पीरियड्स शुरू होने के 15 दिन पहले इसे प्रारंभ कर सकते हैं। इसे दो महीने तक अपनाएं, आपको निश्चित रूप से आराम मिलेगा। पीरियड्स के दौरान चाय में सामान्य से कुछ अधिक मात्रा में अदरक का इस्तेमाल करें तथा इसे रोगी को दें। यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से आराम दिलाने में सहायक होगा।

अदरक-सोंठ शूप

मासिक-धर्म के दौरान दर्द की समस्या को दूर करने के लिए अदरक-सोंठ शूप तुरंत कारगर है। अदरक के टुकड़े, सोंठ और गुड़ को गर्म कर शूप बनाएं। जब ये हल्का ठंडा हो जाए तो पिएं। दर्द दूर हो जाएगा।

कब्ज के लिए फायदेमंद है त्रिफला

             कब्ज के लिए फायदेमंद है त्रिफला

त्रिफला औषधि से कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए नियमित रूप 

से रात को सोने के पूर्व त्रिफला चूर्ण पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होकर

पेट साफ हो जाता है। दरअसल, त्रिफला आंवला, हरड़ और बहेड़ा नामक

 तीन फलों के मिश्रण से बना चूर्ण होता है। ये तीनों ही फल आयुर्वेदिक

 औषधियां बनाने में काम में लाए जाते हैं।

त्रिफला को आमतौर पर हरड, बहेडा व आंवला के मिश्रण के रूप में पेट


 साफ करने अथवा कब्ज के रोग को दूर करने के लिए जाना जाता है।

 लेकिन त्रिफला का प्रयोग शरीर में मौजूद अन्य बीमारियों को दूर करने

के लिए भी किया जाता है।


तुलसी की रोगनाशक शक्ति

                          तुलसी की रोगनाशक शक्ति 

तुलसी में गजब की रोगनाशक शक्ति है। विशेषकर सर्दी, खांसी व बुखार में यह अचूक दवा का काम करती है। इसीलिए भारतीय आयुर्वेद के सबसे प्रमुख ग्रंथ चरक संहिता में कहा गया है। 

- तुलसी हिचकी, खांसी,जहर का प्रभाव व पसली का दर्द मिटाने वाली है। इससे पित्त की वृद्धि और दूषित वायु खत्म होती है। यह दूर्गंध भी दूर करती है। 

- तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली दिल के लिए लाभकारी, त्वचा रोगों में फायदेमंद, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र से संबंधित बीमारियों को मिटाने वाली है। यह कफ और वात से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करती है। 

- तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली कफ, खांसी, हिचकी, उल्टी, कृमि, दुर्गंध, हर तरह के दर्द, कोढ़ और आंखों की बीमारी में लाभकारी है। तुलसी को भगवान के प्रसाद में रखकर ग्रहण करने की भी परंपरा है, ताकि यह अपने प्राकृतिक स्वरूप में ही शरीर के अंदर पहुंचे और शरीर में किसी तरह की आंतरिक समस्या पैदा हो रही हो तो उसे खत्म कर दे। शरीर में किसी भी तरह के दूषित तत्व के एकत्र हो जाने पर तुलसी सबसे बेहतरीन दवा के रूप में काम करती है। सबसे बड़ा फायदा ये कि इसे खाने से कोई रिएक्शन नहीं होता है। 

तुलसी की मुख्य जातियां- तुलसी की मुख्यत: दो प्रजातियां अधिकांश घरों में लगाई जाती हैं। इन्हें रामा और श्यामा कहा जाता है। 

- रामा के पत्तों का रंग हल्का होता है। इसलिए इसे गौरी कहा जाता है। 

- श्यामा तुलसी के पत्तों का रंग काला होता है। इसमें कफनाशक गुण होते हैं। यही कारण है कि इसे दवा के रूप में अधिक उपयोग में लाया जाता है। 

- तुलसी की एक जाति वन तुलसी भी होती है। इसमें जबरदस्त जहरनाशक प्रभाव पाया जाता है, लेकिन इसे घरों में बहुत कम लगाया जाता है। आंखों के रोग, कोढ़ और प्रसव में परेशानी जैसी समस्याओं में यह रामबाण दवा है। 

- एक अन्य जाति मरूवक है, जो कम ही पाई जाती है। राजमार्तण्ड ग्रंथ के अनुसार किसी भी तरह का घाव हो जाने पर इसका रस बेहतरीन दवा की तरह काम करता है। 

मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी - मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी, जैसे मलेरिया में तुलसी एक कारगर औषधि है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीने से मलेरिया जल्दी ठीक हो जाता है। जुकाम के कारण आने वाले बुखार में भी तुलसी के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए। इससे बुखार में आराम मिलता है। शरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़ा गुड़ डालकर सेवन करें, आराम मिलेगा। 

- साधारण खांसी में तुलसी के पत्तों और अडूसा के पत्तों को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से बहुत जल्दी लाभ होता है। 

- तुलसी व अदरक का रस बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से खांसी में बहुत जल्दी आराम मिलता है। 

- तुलसी के रस में मुलहटी व थोड़ा-सा शहद मिलाकर लेने से खांसी की परेशानी दूर हो जाती है। 

- चार-पांच लौंग भूनकर तुलसी के पत्तों के रस में मिलाकर लेने से खांसी में तुरंत लाभ होता है। 

- शिवलिंगी के बीजों को तुलसी और गुड़ के साथ पीसकर नि:संतान महिला को खिलाया जाए तो जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है। 

सौंदर्य के लिए केला बहुत ही फायदेमंद


सौंदर्य के लिए केला बहुत ही फायदेमंद 

1] चेहरे की झुर्रियों के लिए केला बहुत ही फायदेमंद होता है.

इसके लिए 1 पका हुआ केला लीजिये और इसे अच्छी तरह मसल लीजिये.
अब इसमें 1 चम्मच शहद और 10 बूंद जैतून के तेल की डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए.
केले के इस फेस पैक को चेहरे व गर्दन पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दीजिए और फिर सादे पानी से धो लीजिए.
ऐसा सप्ताह में 2 बार करने से चेहरे की झुर्रियां खत्म हो जाती हैं और चेहरा चमकने लगता है.

2] बालों के कंडीशनर के लिए भी केले का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके लिए 1 पके हुए केले को काट लीजिए.
इसमें 1 छोटा चम्मच शहद, 1 बड़ा चम्मच दही और 1 चम्मच दूध डालकर इस मिश्रण को मिक्सी में पीस लीजिये.
पहले हल्के गर्म पानी से बालों को धो लीजिए फिर इस कंडीशनर को बालों में अच्छी तरह लगा कर Shower Cap पहन लीजिये.
1 घंटे इसे लगा रहने दीजिए और फिर पानी से धो लीजिये.
सप्ताह में 1 बार इस कंडीशनर को लगाने से बालों में चमक आ जाती है.


3] केला एक बहुत अच्छे Cleanser का भी काम करता है.

इसके लिए एक पका हुआ केला काट लीजिए.
इसमें 4 छोटे चम्मच नीबू का रस और बीज निकला हुआ 1/2 खीरा काटकर इसे मिक्सी में पीस कर पेस्ट बना लीजिए.
इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 1/2 घंटे के लिए छोड़ दीजिए और फिर हल्के गर्म पानी से धो लीजिए.
एक दिन छोड़कर एक दिन ऐसा करने से चेहरा साफ और सुंदर दिखने लगता है साथ ही साथ कील – मुहाँसों से भी छुटकारा मिलता है.

4] शुष्क त्वचा के लिए केला एक बहुत बढ़िया औषधि है.

इसके लिए 1 केले को मसल लीजिये.
इसमें 2 चम्मच दूध की मलाई डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए.
इस पेस्ट को चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाकर सूखने दीजिए और फिर पानी से धो लीजिए.
रोज़ाना ऐसा करने से शुष्क त्वचा ठीक हो जाती है और सुन्दरता भी बढ़ने लगती है.


5] टूटते बालों के लिए केले का प्रयोग किया जाये तो बाल मजबूत होकर टूटना बंद हो जाते हैं.

यदि बाल जल्दी-जल्दी टूटते हों तो केले के इस प्रयोग से आप अपने बालों को फिर से मजबूती दे सकते हैं.
1 पके हुए केले का गूदा लीजिए, इसमें 1/2 कटोरी नीबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए.
इसे बालों की जड़ों में लगाकर 1/2 घंटे के लिए छोड़ दीजिए और फिर हल्के गर्म पानी से बाल धो 

Sunday, November 29, 2015

घरेलू उपाय जो करे खूबसूरती को कैद

           घरेलू उपाय जो करे खूबसूरती को कैद

1. झुर्रियों के लिए- अगर आपको चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाना है तो अंरडी यानी की कैस्‍टर ऑयल को अपने चेहरे पर लगाएं, इससे त्‍वचा बिल्‍कुल मुलायम हो जाएगी और झुर्रियां भी कम हो जाएगीं।
 2. साफ त्‍वचा- त्‍वचा पर अगर दाग-धब्‍बे हैं तो चेहरे को क्रीम वाले दूध से रुई को डुबो कर चेहरे और पोर्स को साफ करें। इससे चेहरा साफ तो होगा ही साथ में पोर्स भी खुलेगें। 
3. नेचुरल मॉस्‍चोराइजर- अगर आपकी त्‍वचा साधारण है तो खुद से ही नेचुरल मास्‍चोराइजर बनाइये। इसको बनाने के लिए एक कटोरे में 4 चम्‍मच दही और कुछ बूंदे नींबू और संतरे की मिला कर अपने चेहरे पर मास्‍क के रुप में प्रयोग करें। इसको लगाने के बाद 15 मिनट के अंदर इस मास्‍क को रुई के दा्रा साफ कर लें।
 4. स्‍‍किन कंडीशनर- इसको बनाने के लिए दो चम्‍मच क्रीम लें और उसमें शहद मिला लें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर पांच मिनट तक के लिए लगाएं और फिर गीले कपड़े या रुई से पोंछ लें।
 5. टोनर- अगर आप कच्‍चा आलू ले कर अपने चेहरे पर लगाएगीं तो यह आपकी त्‍वचा को टोन करेगा और पिंगमेंटेशन की समस्‍या को भी दूर करेगा।
 6. चेहरे पर बाल- इसको हटाने के लिए आपको एक पेस्‍ट बनाना पड़ेगा जिसमें तिल का तेल, हल्‍दी पाउडर और आंटे का सही मिश्रण मिला हो।

सर्दियों में स्वस्थ रहने के घरेलू उपाय

सर्दियों में स्वस्थ रहने के घरेलू उपाय

पौष्टिक  पदार्थ लें-
इस समय पाचकाग्नि तीव्र होती है, भूखे रहना नुकसानदायक होता है, इस दौरान घी, मक्खन, उड़द की दाल, गाजर का हलवा, गोंद के लड्डू, तिल के लड्डू,च्यवनप्राश ,बादाम पाक , मूंगफली, गुड पपड़ी  जैसे बल एवं शक्ति वर्धक पदार्थों का सेवन सीमित  मात्रा  में करना बेहतर रहता है ।
मेवा (ड्राई फ्रूट्स) खायें-
बादाम,काजू , पिस्ता, किशमिश, अखरोट, मूंगफली ये सब पोषक तत्वों से भरपूर हैं । विटामिन, खनिज लवण एवं एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों का भंडार हैं, इनका सर्दी के मौसम में सेवन करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है साथ ही  दूध, दही, छाछ का नियमित सेवन शरीर के लिए अत्यंत लाभदायक होता है, शीत ऋतु में मक्का ,बाजरे की रोटी  घी, मक्खन, गुड के साथ सेवन करना स्वादिष्ट  एवं गुणकारी होता है ।
मौसमी फल एवं हरी सब्जियां खाँयें –
अनार,आंवला , सेब, संतरा, अमरुद जैसे फल एवं गाजर, मूली,पालक,शकरकंद,गोभी ,टमाटर, मटर जैसी सब्जियों  में विटामिन, खनिज लवण एवं फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिससे ये फल एवं सब्जियां सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं ।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें –
शीत ऋतु के दौरान  भारी पदार्थों का  सेवन ज्यादा  किया जाता है तथा रातें लम्बी होने के कारण  शरीर को आराम भी ज्यादा मिलता है, इस वजह से शरीर का वजन बढ़ने की पूरी सम्भावना रहती है, इसलिए व्यायाम, योगा आदि का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए,सुबह उठ कर  पार्क आदि में घूमने जायें , तेज क़दमों से चलें  या दौड़ लगायें , इन उपायों से शरीर से पसीने  के रूप में हानिकारक तत्व बाहर  निकल जाते है,शरीर का रक्त संचार बढ़ता है, तन मन स्वस्थ रहता है तथा जरुरत से ज्यादा  वजन भी नही बढ़ पाता  एवं शरीर की अंदरुनी  शक्ति का विकास होता है ।
मालिश करें-
सुबह भ्रमण  से आने के बाद हो  सके तो  कुछ देर  सूर्य की धूप  में बैठ कर सरसों ,बादाम आदि के  तेल से मालिश करें सूरज की किरणों से  विटामिन डी मिलता है जो की हड्डियों  की मजबूती एवं ताकत  के लिए बहुत  जरुरी होता है l मालिश से स्वास्थ्य  सुधरता  है, त्वचा की कान्ति  निखरती  है शीत ऋतु   में वातावरण में रुक्षता होती  है जिससे त्वचा एवं होंट  आदि फटने लगते है, त्वचा  रूखी हो जाती है, मालिश करने से त्वचा  में चिकनापन आता है,मांसपेशियां  मजबूत होती हैं, शरीर में खून का दौरा सुचारू रूप से चलता है, शरीर सुन्दर एवं सुगठित हो जाता है| इसलिए नित्य मालिश अवश्य करें l
पानी पीने  में आलस्य ना  करें-
सर्दी में अधिकतर लोग पानी पीने  में आलस्य करते हैं या यूँ कहें की  प्यास ही कम लगती है,जिससे शरीर में पानी  की कमी हो जाती है, त्वचा फटने लगती है, कमजोरी आ सकती है, इसलिए दिन भर में 7- 8 गिलास पानी  अवश्य पीयें . सर्दी में चाहें तो पानी गुनगुना करके पी सकते हैं, मोटापा कम  करने के लिए सुबह सुबह भूखे  पेट एक गिलास गुनगुने जल में एक नींबू  का रस  एवं एक चम्मच शहद  डाल कर पीयें     |
विवाहित पुरुष कर सकते हैं बाजीकरण द्रव्यों का सेवन-
आयुर्वेद में विवाहित स्त्री पुरुषों हेतु अनेक बलवर्धक एवं यौन  शक्ति  वर्धक दर्व्यों  के बारे में बताया गया है| जो की नेचुरल तो हैं ही साथ ही यौन  जीवन को खुशहाल बनाने के लिए बहुत उपयोगी हैं, विशेष रूप से उम्र के प्रभाव  एवं अनेक बीमारियों के कारण होने वाली कमजोरी  में बहुत फायदेमंद हैं,आयुर्वेद की  जड़ी बूटियां  जैसे असगंध,मूसली , गोखरू, मुलहटी, शिलाजीत, विदारीकन्द,बला ,अकरकरा  आदि से बने हुए औषध  योग जैसे च्यवनप्राश,मूसली पाक ,बादाम पाक ,कौंच पाक आदि  वैवाहिक  जीवन से सम्बंधित समस्याओं में बहुत उपयोगी हैं|
शीत ऋतु में बीमारियों  से करें बचाव-
सर्दी में ठंडी चीजें जैसे आइस क्रीम, ठन्डे पेय एवं बासी भोजन का सेवन ना करें, ज्यादा ठण्ड होने पर अच्छी तरह गरम कपड़े पहन ओढ़ कर ही बाहर  निकलें, विशेष रूप से बच्चे, बूढ़े लोग एवं औरतें   खास ध्यान रखें, तापमान के घटने से इस समय रक्त गाढ़ा हो जाता है, इसलिए डायबिटीज,उच्च  रक्त चाप एवं हृदय रोगियों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए|
सर्दी, जुकाम, खांसी होने पर निम्न घरेलु उपाय कर सकते हैं –
  • एक गिलास गरम दूध में आधी चम्मच सोंठ पाउडर एवं चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर पीने से  गले के दर्द, खांसी, जुकाम सर्दी में तुरंत आराम आ जाता  है|
  • सर्दी, जुकाम एवं नाक बंद होने पर नमक के पानी से गरारे करना तथा गरम पानी में विक्स जैसी दवा  या कर्पूर  धारा डाल कर भाप लेना बहुत फायदेमंद है|
  • बार बार जुकाम होना, छींकें आना, नाक बंद होना यदि लगातार होता रहे तो साइनोसाइटिस ,दमा ,टॉन्सी लायटिस  की सम्भावना बढ़ जाती  है  एवं इन्फेक्शन कान के परदे तक पहुँच जाता है, जिससे जब  तक अंग्रेजी दवाइयाँ खाते हैं आराम रहता है, दवाइयाँ बंद करते ही प्रॉब्लम दुबारा शुरू हो जाती है या डॉक्टर  ऑपरेशन के लिए बोल देते हैं,कई बार  ऑपरेशन के बाद भी प्रॉब्लम दुबारा शुरू हो जाती है, ऐसी अवस्था  में आयुर्वेद की दवायें लक्ष्मी विलास रस, बसंत मालती रस, सितोपलादि चूर्ण , कंटकारी अवलेह, गोजिव्ह्यादि  , गोदन्ती, षड्बिन्दु  आदि दवायें बहुत फायदेमंद होती हैं, इनका सेवन आयुर्वेद डॉक्टर की सलाह से ही करें|

स्वस्थ शरीर है सबसे बड़ा खजाना !

स्वस्थ शरीर है सबसे बड़ा खजाना !

भोजन हो संतुलित- घी,तैल से बनी चीजें जैसे पूड़ी,पराँठे,छोले भठूरे,समोसे कचौड़ी,जंक फ़ूड,चाय,कॉफी ,कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन सेहत के लिए घातक है इनका अधिक मात्रा में नियमित सेवन ब्लड प्रेशर ,कोलेस्ट्रोल,मधुमेह,मोटापा एवं हार्ट डिजीज का कारण बनता है तथा पेट में गैस,अल्सर,ऐसीडिटी,बार बार दस्त लगना,लीवर ख़राब होना जैसी तकलीफें होने लगती हैं इनकी बजाय खाने में हरी सब्जियां,मौसमी फल,दूध,दही,छाछ,अंकुरित अनाज और सलाद को शामिल करना चाहिए जो की विटामिन,खनिज लवण,फाइबर,एव जीवनीय तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं l
चीनी एवं नमक का अधिक मात्रा में सेवन ना करें,ये डायबिटीज,ब्लड प्रेशर,ह्रदय रोगों का कारण हैं l
बादाम,किशमिश,अंजीर,अखरोट आदि मेवा सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं इनका सेवन अवश्य करें
पानी एवं अन्य लिक्विड जैसे फलों का ताजा जूस,दूध,दही,छाछ,नींबू पानी,नारियल पानी का खूब सेवन करें,इनसे शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाती,शरीर की त्वचा एवं चेहरे पर चमक आती है,तथा शरीर की गंदगी पसीने और पेशाब के दवारा बाहर निकल जाती है l
व्यायाम का करें नियमित अभ्यास– सूर्योदय से पहले उठकर पार्क जाएं,हरी घास पर नंगे पैर घूमें,दौड़ लगाएं,वाक करें,योगा,प्राणायाम करें,इन उपायों से शरीर से पसीना निकलता है,माँस पेशियों को ताकत मिलती है,शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है,अनेक शारीरिक एवं मानसिक रोगों से बचाव होता है,पूरे दिन भर बदन में चुस्ती फुर्ती रहती है,भूख अच्छी लगती है इसलिए नियमित रूप से व्यायाम अवश्य करें l
गहरी नींद भी है जरुरी -शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 7 घंटे की गहरी नींद एक वयस्क के लिए जरुरी है,लगातार नींद पूरी ना होना तथा बार बार नींद खुलना,अनेक बीमारियों का कारण बनता हैl
अच्छी नींद के लिए ये उपाय करें- सोने का कमरा साफ सुथरा,शांत एवं एकांत में होना चाहिए,रात को अधिकतम 10-11 बजे तक सो जाना और सुबह 5-6 बजे तक उठ जाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है,सोने से पहले शवासन करने से अच्छी नींद आती है,खाना सोने से 2-3 घंटे पहले कर लेना चाहिए एवं शाम को खाना खाने के बाद 20-25 मिनट अवश्य घूमें l
टेंशन को कहें बाय बाय – रोज मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्यों के लिए चिंतन करना सही है चिंता करना नहीं,चिता तो फिर भी मरने के बाद शरीर को जलाती है किन्तु लगातार अनावश्यक चिंता जीते जी शरीर को जला देती है इसलिए तनाव होने पर भाई,बंधू एवं विश्वास पात्र मित्रों से सलाह मश्वरा करें यदि समस्या फिर भी ना सुलझे तो विशेषज्ञ से राय लें l
नशे से रहें बच के- यूवा पीढ़ी के लिए कोई सबसे खतरनाक बीमारी है तो वो है नशे के जाल में फँसना,शराब,धूम्रपान,तम्बाकू ये सब सेहत के दुश्मन हैं,किसी भी स्थिति में नशे की लत से बचें,यदि नशे से बचे हुए हैं तो बहुत अच्छा किन्तु,यदि कोई नशा करते हैं तो जितनी जल्दी नशे से दुरी बना लें उतना ही अच्छा है,ये ऐसी बीमारी है जो कैंसर और एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है और एकसाथ कई परिवारों को बर्बाद करती है तथा शारीरिक,मानसिक,आर्थिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा के नाश का कारण बनती है,इसलिए नशे से बचना ही बेहतर उपाय है l

गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए

गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए

१. भोजन हमेशा समय पर करें.
२. प्रतिदिन सुबह देसी शहद में निम्बू रस मिलाकर चाट लें.
३. हींग, लहसुन, चद गुप्पा ये तीनो बूटियाँ पीसकर गोली बनाकर छाँव में सुखा लें, व् प्रतिदिन एक गोली खाएं.
४. भोजन के समय सादे पानी के बजाये अजवायन का उबला पानी प्रयोग करें.
५. लहसुन, जीरा १० ग्राम घी में भुनकर भोजन से पहले खाएं.
६. सौंठ पावडर शहद ये गर्म पानी से खाएं.
७. लौंग का उबला पानी रोजाना पियें.

बालों की रूसी दूर करने के लिए

 बालों की रूसी दूर करने के लिए

१. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.
२. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.
३. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.
४ रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.
५. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

सर दर्द से राहत के लिए

               सर दर्द से राहत के लिए 

१. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.
२ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.
३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.
४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.
५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.

Saturday, November 28, 2015

पेट फूलना

                                  पेट फूलना 

पेट में गैस बनने पर या पेट फूलने पर थोड़ीसी हींग को गर्म पानी में घोलकर लेप बना ले तथा नाभि पर रख दे । ऐसा करने से पेट फूलने में शीघ्र ही राहत मिलती है । 

कब्ज निवारण हेतु गुलकंद

                      कब्ज निवारण हेतु गुलकंद 

रात्री में सोने से पहले दो चम्मच गुलकंद खाकर ऊपर से एक गिलाश गर्म दूध पी ले । ऐसा करने से कब्ज की समस्या दूर होती है । यह प्रयोग लगातार एक सप्ताह तक करे । 

भोजन करने के नियम

                     
                       भोजन करने के नियम 

हाथ ,पैर ,मुँह धोकर भोजन करने से आयु बढ़ती है । भोजन करते समय मौन रहना चाहिए भोजन को अच्छी तरह चबाना चाहिए ,इससे भोजन में लार मिलने से पाचन अच्छा होता है । भोजन के तुरंत बाद पानी या चाय का सेवन नहीं करना चाहिये । 

Friday, November 27, 2015

फूल गोभी के गुण

                           फूल गोभी के गुण 

फूल गोभी में फाइबर ,विटामिन्स ,एंटीऑक्सीडेंट्स तथा मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाये जाते है । गोभी विटामिन C तथा फोलिड एसिड का अच्छा स्रोत है । इसके सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है गोभी वायुकारक होती है अतः वात रोगीयो को इसका अधिक सेवन नही करना चाहिये । 

दही

                               
                                 
                               दही 


दही का प्रयोग एक बेहतरीन फेस मास्क के रूप में किया जा सकता है 

क्योंकि इसमें चार जरूरी तत्व होते हैं।
 
- जिंक (पिंपल्स को ठीक करने के लिए), कैल्शियम (मृत कोशिकाओं को


हटाने और त्वचा के जलीकरण के लिए), विटामिन बी (स्वस्थ और

कांतिमय त्वचा के लिए) और लैक्टिक एसिड (इसकी एंटी एजिंग गुण के

 लिए)।