Tuesday, August 30, 2016

कब्‍ज के लिए लाभकारी घरेलू नुस्‍खे


कब्‍ज की समस्‍या कभी भी हो सकती है, लेकिन अगर यह कई दिन तक रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसमें दवाओं के प्रयोग से अच्‍छा है कि आप घरेलू नुस्‍खों की शरण में जायें। कब्‍ज के लिए त्रिफला पाउडर या चूरन बहुत प्रभावी हैं। इसे गर्म पानी के साथ एक चम्मच लें, रात को सोते समय या सुबह खाली पेट पाउडर को शहद के साथ मिलाकर लें सकते हैं। इसके अलावा किशमिश में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, एक मुठ्ठी किशमिश को रातभर भिगो कर रख दें। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से कब्‍ज की समस्‍या दूर होती है। अमरूद के पल्प में घुलनशील फाइबर और बीजों मे अघुलनशील फाइबर होता है। नींबू रस अंतड़ियों को साफ करता है, इसमें मौजूद नमक पेट को साफ करने में मदद करता है। एक ग्लास गर्म पानी में नींबू रस मिलाएं, इसमें थोड़ा सा नमक मिला लें, कब्ज से राहत पाने के लिए खाली पेट इसका सेवन करें।



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सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक उपचार


अपना रूप निखारने के लिए हम क्‍या-क्‍या नहीं करते। तमाम तरह के सौंदर्य प्रसाधनों को अपने चेहरे और त्‍वचा पर मलते-घिसते फिरते हैं। लेकिन, इनसे कई बार रूप को नुकसान भी पहुंचता है। आप ही बताइये कुदरत से खूबसूरत क्‍या है भला। और सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक सामग्रियों को इस्‍तेमाल किया जा सकता है। हम आपको कुछ ऐसे उपचार बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ व सुंदर बना सकते है




1 प्राकृतिक सौंदर्य सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक उपचार





अपना रूप निखारने के लिए हम क्‍या-क्‍या नहीं करते। तमाम तरह के सौंदर्य प्रसाधनों को अपने चेहरे और त्‍वचा पर मलते-घिसते फिरते हैं। लेकिन, इनसे कई बार रूप को नुकसान भी पहुंचता है। आप ही बताइये कुदरत से खूबसूरत क्‍या है भला। और सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक सामग्रियों को इस्‍तेमाल किया जा सकता है। हम आपको कुछ ऐसे उपचार बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ व सुंदर बना सकते हैं।
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सेल्युलाईट



महिलाओं के शरीर के कुछ हिस्‍सों विशेष रूप से जांघों और हिप्‍स पर फैट का जमाव हो जाता है। इस जमाव से बचने के लिए आप 1/2 कप कैफीन कॉफी ग्राउन्ड के साथ 2 बड़े चम्‍मच जैतून के तेल को लेकर माइक्रोवेव में 10 सेकंड के लिए रखें। फिर अखबार पर खड़े होकर सेल्‍युलाईट स्‍पॉट पर इस मिश्रण को लगाकर इसको प्‍लास्टिक से कवर कर दें। 20 मिनट के बाद प्‍लास्टिक को निकाल दें। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए एक सप्‍ताह में 2-3 बार 6 सप्‍ताह के लिए दोहराये।
Image Courtesy : Getty Images

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फाइन लाइन



चेहरे पर पड़ने वाली फाइन लाइन यानी बारीक झुर्रियां खासतौर पर आंखों, मुंह और माथे के आस-पास पड़ी लाइन खूबसूरती को कम कर देती है। इस समस्‍या का समाधान आप प्राकृतिक उपायों द्वारा कर सकते हैं। इसके लिए आप हरे अंगूर को मैश करके, इसका रस निकाल लें। फिर इस रस को कॉटन की मदद से आंखों, मुंह और माथे के आसपास पड़ी लाइन पर उपयोग करें। 5 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। अच्‍छे परिणाम के लिए इस उपाय को सप्‍ताह में 2-3 बार दोहरायें।

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आंखों में पफीनेस



आंखों के नीचे सूजन (पफीनेस) मुख्य रूप से वॉटर रिटेंशन व वसा के जमाव के कारण होती है। उम्र बढ़ने के कारण भी आंखों के नीचे सूजन आ जाती है। कुछ लोगों में वंशानुगत भी यह समस्या देखने को मिलती है। समस्या के पीछे कारण चाहे कुछ भी हो, लेकिन इसका निदान जरूरी है।इस समस्‍या से बचने के लिए आप एक अंडे के सफेद हिस्‍से को अच्‍छे से फेंट लें। फिर ब्रश की मदद से इस मिश्रण को पफी आंखों पर लगाये। 15 मिनट लगा रहने के बाद इसे धो लें।

5 झुर्रियों का निदान



वैसे तो बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियां आ ही जाती हैं, लेकिन आजकल की भागती दौड़ती जिंदगी में यह समस्‍या समय से पहले आने नजर आने लगी है। झुर्रियां आपकी सुंदरता पर बुरा असर डालती है। इस समस्‍या से बचने के लिए दूध का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए 5 कच्‍चे बादाम को एक कप दूध में रात भर भिगो दें। बादाम को पीसकर इसमें थोड़ा और दूध मिलाकर इसका पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट में थोड़ा शहद मिला लें। इस पेस्‍ट को अपने चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर चेहरे को धो लें। इस उपाय को सप्‍ताह में 2-3 बार के लिए दोहराये।
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दांतों की खूबसूरती



मुस्‍कुराहट चेहरे की खूबसूरती को बढ़ा देती है लेकिन इसके लिए दांतों का खूबसूरत होना भी बेहद जरूरी है वरना मुस्कुराहट असरदार नहीं होगी। दांतों की खूबसूरती के लिए आप एक स्‍ट्रॉबेरी को मैश करके, उसमें आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा मिला लें। फिर इस पेस्‍ट को पांच मिनट के लिए दांतों पर लगा रहने दें। इसके बाद सामान्‍य रूप से ब्रश और कुल्‍ला कर लें।
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डार्क सर्कल



तनाव, नींद की कमी और कई अन्य कारणों से आंखों के नीचे डार्क सर्कल पड़ जाते हैं। जो आपकी खूबसूरती को कम कर देते हैं, लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस प्राकृतिक उपाय को अपनाने से आपके डार्क सर्कल मिट जाएंगे और आप पहले की तरह खूबसूरत दिखने लगेंगे। इसके लिए पुदीने के पत्तों और टहनी को लेकर अच्‍छे से पीस लें। फिर इस पेस्‍ट को आंखों के आस-पास काले घेरे पर लगाये। 20 मिनट लगा रहने के बाद धो लें। इस उपाय को कुछ दिन अपनाने से आप अपने डार्क सर्कल को हमेशा के लिए अलविदा कर सकते हैं।
सुंदर व निखरी त्‍वचा पाने के लिए आप प्राकृतिक उपचार
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मुंहासों की समस्‍या



हार्मोन की गड़बड़ी, त्वचा की ठीक से सफाई न करने या पेट की खराबी के कारण कील मुंहासों की समस्‍या होती है। इस समस्‍या को लेकर लड़किया काफी परेशान रहती हैं क्योंकि यह समस्या आमतौर पर टीनेज और युवावस्था में अधिक होती है। इस समस्‍या से बचने के लिए 1/3 कप गर्म सफेद चाय में 1/3 कप सेब साइडर सिरका मिला लें। फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दें। इस मिश्रण को कॉटन की मदद से मुंहासों और निशान पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। 30 मिनट के बाद इसे धो लें। यह मिश्रण पीएच संतुलन के पुन निर्माण, गंदगी निकालने और रोमछिद्रों को साफ करने में मदद करता है।

त्‍वचा के लिए एक्सफोलिएंट


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हर सप्‍ताह स्क्रब और एक्सफोलिएंट का प्रयोग करने से त्वचा के नीचे की तेल ग्रंथियों की रूकावट दूर होती है। साथ ही यह त्‍वचा को हाइड्रेट करने के साथ-साथ त्‍वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटा देता है। एक्सफोलिएंट के लिए एक चम्‍मच ब्राउन शुगर, एक चम्‍मच सफेद चीनी, 2 बड़े चम्‍मच नारियल का तेल और एक कटोरी मैश स्‍ट्रॉबेरी लेकर इन सबका मिश्रण बना लें। फिर इस एक्सफोलिएंट को मृत त्वचा और अशुद्धियों को दूर करने के लिए चेहरे पर धीरे से लगाये। जरूरत के हिसाब से से एक सप्‍ताह में 1-2 बार दोहराये।
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रूखी त्‍वचा पर मौसम का असर फौरन पड़ता है। तेज हवा, धूप और ठंडे पानी से ऐसी त्‍वचा को बचाना चाहिए। इस तरह की त्‍वचा को ठंडे पानी से कम धोना और साबुन का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। इस समस्‍या के लिए घरेलू उपाय के रूप में आप एवोकाडो का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इस पेस्‍ट को बनाने के लिए आप एवोकाडो को लेकर उसे मैश कर लें फिर 1/2 मैश कप एवोकाडो में 1/4 कप शहद मिला लें। चेहरे को साफ करके इस मास्‍क को चेहरे पर लगाकर दस मिनट के लिए बैठ जाये। फिर चेहरे को अच्‍छे से धो लें। इस उपाय से आपको मिलेगी चिकनी, मुलायम और नम त्‍वचा। pinterest
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बड़े रोमछिद्र

कई लोगों के चेहरे पर पोर्स अर्थात रोम छिद्र बड़े हो जाते हैं। उम्र के साथ ये रोम छिद्र और भी बढ़ते जाते हैं। यह समस्या आमतौर पर तैलीय त्वचा में अधिक होती है और देखने में बहुत भद्दे लगती है। सौंदर्य विशेषज्ञों के अनुसार कई बार गलत मसाज करने से भी रोम-छिद्र गैरजरूरी तौर पर खुल जाते हैं। हालांकि इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। बड़े रो‍मछिद्रों की समस्‍या से बचने के लिए एक अंडे के सफेद भाग में एक चम्‍मच कॉर्न स्टार्च को मिलाकर कांटे से अच्‍छे से फेटकर मास्‍क बना लें। इस मास्‍क को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने तक लगा रहने दें। लगभग 20 मिनट के बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें। इस उपाय को सप्‍ताह में 1-2 बार दोहरायें।


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उम्र के निशान
सौंदर्य की समस्याओं में झाइंयों की समस्या यानी उम्र के निशान प्रमुख समस्या है। चेहरे पर झाइयों को कम करने के लिए प्‍याज लेकर उसके पतले स्‍लाइस काटकर उसका रस निकाल लें। फिर एक भाग प्‍याज के रस में एक भाग सेब का सिरका मिलाकर इसका मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को रूई की मदद से झाइयों पर लगा लें। 30 मिनट के बाद इसे धो लें। 6 सप्‍ताह तक इस उपाय को एक दिन में एक बार जरूर दोहराये। फिर देखें यह निशान कैसे दूर हो जाते हैं।


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बालों का सौंदर्य
सुन्दर स्वच्छ व घने लहराते बाल आपके चेहरे और व्‍यक्तित्‍व को आकर्षक बनाते हैं। बालों की चमक बरकरार रखने और बालों को मुलायम और सुंदर बनाने के लिए प्राकृतिक उपायों में सिरके से किफायती कुछ भी नहीं। इसके लिए सामान्‍य रूप से शैंपू करने के बाद बालों में सेब का सिरका लगायें। इसके लिए एक मग पानी में एक चम्‍मच सिरका मिला लें। फिर इसे बालों में 5 मिनट तक लगाकर कंडीशनर कर लें। इससे आपके बाल स्‍वस्‍थ और चमकदार हो जायेंगे।


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Monday, August 29, 2016

बच्चों में क्‍यूं होती है एलर्जी, इसके कारण


बच्चों में क्‍यूं होती है एलर्जी,  इसके कारण


आजकल बच्चों में एलर्जी होना बहुत आम है। बच्चों की प्रतिरोधन क्षमता कम होती है जिसके कारण उन्हें विभिन्न प्रकार की एलर्जी हो जाती है। लगातार दवाईयां देने से वे कमज़ोर हो जाते हैं तथा इससे उनके प्रतिरक्षा तंत्र पर भी प्रभाव पड़ता है।  समय समय पर होने वाली एलर्जी में शरद ऋतु में होने वाली एलर्जी है जो बच्चों को बहुत अधिक प्रभावित करती है। जब बहुत अधिक संवेदनशील बच्चे एलर्जी उत्पन्न करने वाले घटकों को श्वास द्वारा अंदर खींच लेते हैं जिसके कारण उनके कान, नाक और गले में एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है। 

 श्वास के माध्यम से एलर्जी उत्पन्न करने वाले घटक दो प्रकार के होते हैं जो उनकी निरंतरता पर आधारित होते हैं: बारहमासी और मौसमी। वे बच्चे जिन्हें हमेशा ही एलर्जी बनी रहती है उन्हें पूरे वर्ष यह समस्या रहती है। यदि आपके बच्चे को मौसमी एलर्जी होती है तो अधिक हवा के दिनों में तथा सुबह के समय सावधानी बरतें। हवा के द्वारा परागण करने वाले पौधों से बहुत अधिक मात्रा में पराग कण हवा में आसानी से छोड़ दिए जाते हैं। यह अधिकांशत: सुबह के समय होता है। इसके कारण एलर्जी होती है।  अधिकाँश बच्चे नाक की एलर्जी से पीड़ित होते हैं जो एक प्रकार की पुरानी सांस की बीमारी है। एलर्जिक रायनाइटिस शरीर के प्रतिरोधी सिस्टम द्वारा परिभाषित ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चा वातावरण में उपस्थित गलत पदार्थों को श्वसन द्वारा अपने शरीर के अंदर खींच लेता है जो बच्चे के शरीर पर प्रहार करते हैं।

 मौसमी एलर्जिक रायनाइटिस या समय समय पर होने वाली एलर्जी आम तौर पर बाहरी दूषक तत्वों के कारण होती है जिसे हे फीवर (बुखार) के रूप में जाना जाता है जबकि आंतरिक एलर्जिक रायनाइटिस या पारंपरिक एलर्जी सामान्यत: एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों जैसे जानवरों की रूसी, घर में पाए जाने वाले धूल के कणों या कॉकरोच आदि के कारण होती है। बच्चों को होने वाली सर्दी इस एलर्जी में नहीं आती। एलर्जिक रिएक्शंस के कारण बुखार, छींक आना, गले में दर्द, नाक बहना तथा दुखना और दर्द आदि तकलीफें हो सकती हैं। हालाँकि नाक की एलर्जी जीवन के लिए खतरनाक नहीं होती फिर भी ये आपके बच्चे के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।   वे बाहर जाकर खेल नहीं सकते, यात्रा नहीं कर सकते तथा लोगों से मिल जुल नहीं पाते। यदि नाक की एलर्जी का उचित उपचार नहीं किया गया तो वह आपके बच्चे के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। अन्य प्रकार की एलर्जी फ़ूड एलर्जी (खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी) है। बच्चों को दूध या गेंहूँ या कोको पाउडर या कभी कभी सब्जियों जैसे बैंगन आदि से एलर्जी हो जाती है। कुछ बच्चों को अंडे और समुद्री खाद्य पदार्थों से एलर्जी होती है। पालक होने के नाते आपको इन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए तथा ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को किसी प्रकार के खाद्य पदार्थ से एलर्जी तो नहीं है। एलर्जिक रिएक्शंस का इलाज जितने जितने जल्दी संभव हो करवा लेना चाहिए अन्यथा वे बच्चे को उसके जीवन का आनंद लेने से रोक सकते हैं




















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बच्चों को चाय देना सही है या नहीं



बच्चों को चाय देना सही है या नहीं 


बहुत से भारतीय परिवारों में छोटे बच्चों को चाय देने का रिवाज सा है। यह माना जाता है कि चाय से पाचन क्रिया सही होती है, मौसमी बीमारियाँ दूर रहती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। चाय के ये फायदे ठीक हैं। लेकिन यदि आप सोचते हैं कि बच्चों को भी इन फ़ायदों के लिए बड़ों की तरह चाय देनी चाहिए तो आप गलत हैं। इसमें ज्यादा दूध मिलाकर देने और बिस्कुट आदि देने से बच्चों पर चाय के हानिकारक प्रभाव कम नहीं होंगे। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बच्चों के लिए चाय क्यों नुकसानकारी है 


 बच्चों को चाय देना सही है या नहीं 


चाय बड़ों के पीने के लिए है नवजात और थोड़े बड़े बच्चों में चाय के सेवन से कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित होता है जिससे कैल्शियम की कमी या कैल्शियम से संबन्धित अन्य बीमारियाँ पैदा होती हैं। बड़े बच्चों में चाय के नियमित सेवन से दिमाग, मांसपेशी, तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव पड़ता है और संरचनात्मक ग्रोथ रुकती है।

छोटी उम्र में चाय पीने के कुछ सामान्य साइड-इफ़ेक्ट्स... हड्डियों की कमजोरी शरीर में दर्द, खास तौर पर निचले अंगों में एकाग्रता की कमी, चिड़चिड़ापन और अन्य व्यवहारिक विकार मांसपेशियों की कमजोरी

क्या चाय में और दूध मिलाना ठीक है? बहुत सी माएँ मानती हैं कि चाय में और दूध मिलाकर बच्चों को देने से कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता और बच्चे में कैल्शियम की कमी दूर होती है। लेकिन वे ये नहीं समझती हैं कि दूध में एक बूंद भी चाय मिलाने से दूध की फायदे खत्म हो जाते हैं।

 बच्चों को चाय देना सही है या नहीं 

दूध में पाया जाने वाला कैसीन और प्रोटीन चाय के कैटेचिंस से मिल जाता है, यह एक महत्वपूर्ण फ्लावोनोइड्स है। यह मिश्रण नर्वस सिस्टम पर 'अफीम' की तरह काम करता है - जिससे कि चाय की लत लग जाती है, और किसी भी उम्र में लत लगना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।



















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घरेलू नाइट क्रीम जवां दिखने के लिये रात में लगाएं

दिनभर हमारी त्‍वचा प्रदूषण और सूरज की तेज किरणों का सामना करती है, जिससे त्‍वचा की प्राकृतिक चमक और नमी खो सी जाती है।  रात में सोते वक्‍त हमारी त्‍वचा खुद को जल्‍दी रिपेयर करती है इसलिये ऐसे में अगर आप नाइट क्रीम लगा कर सोती हैं, तो वह क्रीम को अच्‍छी तरह से सोख लेती है और आपको दूसरे दिन बेस्‍ट रिजल्‍ट देती है। 
घरेलू नाइट क्रीम जवां दिखने के लिये रात में लगाएं
आइये जानते हैं कुछ आसान सी नाइट क्रीम बनाने की विधि-

 ग्रीन टी नाइट क्रीम ग्रीन टी में ढेर सार एंटीऑक्‍सीडेंट हेाता है जो चेहरे को झुर्रियों से बचाता है। साथ ही यह पिम्‍पल्‍स से बचाता है क्‍योंकि इसमें एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं।

 क्रीम बनाने की सामग्री- 
1 चम्‍मच ग्रीन टी का रस 
1 चम्‍मच बादाम तेल
 1 चम्‍मच रोज वॉटर 1 चम्‍मच एलो वेरा जूस 
1 चम्‍मच बी वैक्‍स 
क्रीम बनाने की विधि-  बी वैक्‍स और बादाम तेल को डबल बॉयलर में गरम करें। जब यह पिघल जाए तब आंच से हटा दें और इसमें एलोवेरा जैल मिक्‍स करें। उसके बाद इसमें ग्रीन टी का रस और रोज वॉटर मिलाएं। आपकी क्रीम तैयार हो गई, इसे किसी कंटेनर में रखें।

 मिल्‍क क्रीम इसे बनाने के लिये सामग्री- 

1 चम्‍मच दूध की मलाई 
1 चम्‍मच रोज वॉटर 
1 चम्‍मच जैतून तेल 
1 चम्‍मच ग्‍लीसरीन 
बनाने की विधि-  सभी सामग्रियों को एक साथ मिक्‍स कर लें और पेस्‍ट बना लें। फिर इसे किसी डिब्‍बी में बंद कर के रखें और रात में प्रयोग करें।



घरेलू नाइट क्रीम जवां दिखने के लिये रात में लगाएं   


 रंगत निखारने वाली नाइट क्रीम इस क्रीम में हल्‍दी, चंदन पावडर और केसर का प्रयोग किया गया है, जो कि चेहरे का रंग साफ करने के लिये जाने जाते हैं। 

क्रीम बनाने की सामग्री- 

7 -8 बादाम 
आधा कप दही 
1 चुटकी हल्‍दी
1 छोटा चम्‍मच चंदन पावडर 
4-5 बूंद नींबू का रस 
3-4 केसर के धागे 

क्रीम बनाने की विधि- बादाम को रातभर के लिये भिगो कर रखें और फिर अगली सुबह उन्‍हें छील कर मिक्‍सी में पीस लें। फिर उसमें दही, हल्‍दी, नींबू का रस, चंदन पावडर और केसर मिलाएं। फिर इसे एक कंटेनर में भर कर रख लें और यूज़ करें।



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Saturday, August 27, 2016

इन चीजों को कभी नहीं खाना चाहिए एक साथ






जब खाना टेस्टी हो तो खाने वाले स्वाद में खो जाते हैं। वे ये भूल ही जाते हैं कि खाने के भी कुछ नियम होते हैं। यदि खाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखा जाए तो सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए खाने में बैलेंस्ड डाइट की बात हमेशा कही जाती है। इसके साथ ही खाने के सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी भी जरूरी है, यानी किन चीजों को एक साथ खाना चाहिए और किन चीजों को नहीं। आयुर्वेद में ऐसी कई चीजों का वर्णन मिलता है जिन्हें साथ खाना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है।



इन्हीं चीजों के बारे में हम कई बार अपने घर के बड़े- बूढ़ों से भी सुनते है, लेकिन अंधविश्वास समझकर उनकी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, बहुत कम लोग जानते हैं कि फूड कॉम्बिनेशन का भी सेहत पर अच्छा व बुरा प्रभाव पड़ता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही फूड कॉम्बिनेशन्स के बारे में जिन्हें साथ में लेना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

1. दूध के साथ दही
दूध के साथ दही लेना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। दरअसल, दूध और दही दोनों की तासीर अलग होती है। इन्हें साथ लेने पर पेट की समस्याएं हो सकती हैं।

2. चिकन के साथ मिठाई
चिकन के साथ जूस या मिठाई आदि का शौक रखने वालों को भी इनके एक साथ सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट खराब हो सकता है।

3. कोल्डड्रिंक के बाद पान मसाला
कोल्डड्रिंक पीने के बाद या पहले कभी भी पिपरमेंट युक्त पान मसाला या किसी अन्य चीज सेवन नहीं करना चाहिए। कोल्डड्रिंक व पिपरमेंट को मिलाने पर साइनाइड बनता है जो कि जहर के समान काम करता है।

4. आलू और चावल
कई लोग आलू व चावल के शौकीन होते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन दोनों को एक साथ न खाएं। इससे कब्ज की समस्या हो सकती है।



5. प्याज और दूध
प्याज और दूध को कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए। प्याज के साथ दूध के सेवन से कई तरह के त्वचा रोग जैसे दाद,खाज ,खुजली,एग्जिमा सोराईसिस, आदि होने की संभावना होती है।

6. दही व मछली
दही की तासीर ठंडी है। उसे किसी भी गर्म चीज के साथ नहीं लेना चाहिए। मछली की तासीर काफी गर्म होती है, इसलिए उसे दही के साथ नहीं खाना चाहिए। इससे गैस, एलर्जी और स्किन की बीमारियां हो सकती हैं। दही के अलावा शहद को भी गर्म चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए।

7. खाने के साथ फल
आयुर्वेद के अनुसार खाने के साथ फल नहीं खाना चाहिए। दोनों ही चीजों का कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन के पाचन का मेकैनिज्म अलग होता है। नीबू, संतरा, अनानास आदि खट्टे फल एसिडिक होते हैं। दोनों को साथ खाया जाए तो कार्बोहाइड्रेट या स्टार्च की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। इससे कब्ज, डायरिया या अपच की
शिकायत हो सकती है।


8. दूध के साथ नींबू
दूध के साथ नींबू या खटाई युक्त चीजें लेना सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। दोनों का एक साथ सेवन करने पर एसिडिटी हो सकती है।

9. उड़द की दाल के साथ दही
उड़द की दाल के साथ दही खाना बहुत नुकसान पहुंचाने वाला होता है। माना जाता है कि इनके लगातार सेवन से दिल से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।

10. दही के साथ न खाएं पराठा
दही के साथ पराठा या अन्य तली हुई चीजों को लेने पर दही फैट के पाचन में रुकावट पैदा करता है। इससे फैट्स से मिलने वाली एनर्जी शरीर को नहीं मिल पाती हैं।



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त्वचा को चमकदार बनाएं, अपनाएं कुछ आसान टिप्स



दही और शहद

जैसे की आप सभी जानते है कि दही और शहद को एक सोफेटिनिंग एजेंट माना जाता है, इस पेस्ट को मनाने के लिए दही और शहद लें और उसका पेस्ट बनाए, फिर इस पैक को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा लीजिए और अच्छे से सूखने दीजिए। सूखने के बाद इसे ठन्डे पानी से धो दें। इस पेस्ट को लगाने से आपकी त्वचा चमकदार हो जाएगी, ये पेस्ट एक मॉस्चराइज़र का काम भी करता है।




हल्दी और दूध

चेहरे पर चमक लाने के लिए हल्दी और दूध को सबसे अच्छा माना जाता है। अगर किसी लड़की की शादी होने वाली है तो उसके लिए ये पैक अच्छा रहेगा। इस फेसपैक को बनाने के लिये दूघ और हल्दी को मिक्स करें और चेहरे पर लगा लीजिए, जैसे ही ये पेस्ट सूख जाए तो ठन्डे पानी से धो दें , ध्यान रहे की चेहरा धोने के बाद चेहरे पर कुछ न लगाएं।


केला और शहद




इस ब्यूटी पेस्ट को बनाने के लिए केले को मेस करे और उसमे शहद मिला दीजिए, इस पेस्ट को 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें फिर ठन्डे पानी दें, जानकारी के लिए बता दें ये एक मॉस्चराइज़र के तौर पर भी काम करता है




दही और निम्बू

इस फेसपैक में इन दोनों चीज़ो को अच्छे से मिलाएं और 20 मिनट तक रखें। ये आपके चेहरे के दाग धब्बों को जड़ मिटा देगा।






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